सुलक्षणा पंडित रील लाइफ में जितनी कामयाब रहीं, रियल लाइफ में उतनी ही तन्हा रहीं। बॉलीवुड की उस दौर की मशहूर हीरोइन और गायिका ने अपनी दमदार आवाज और एक्टिंग से 70 और 80 के दशक में लाखों दर्शकों का दिल जीता, लेकिन निजी जिंदगी में उन्हें प्यार में गहरा धोखा और सदमों का सिलसिला झेलना पड़ा। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जिस तारीख को उनके प्यार संजीव कुमार का निधन हुआ था, ठीक उसी तारीख को चार दशक बाद सुलक्षणा पंडित ने भी आखिरी सांस ली।
संगीत से भरे परिवार में हुआ जन्म
सुलक्षणा पंडित का जन्म 12 जुलाई 1954 को छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में हुआ था। उनका परिवार शुरू से ही संगीत से गहरा जुड़ा रहा। उनके पिता और चाचा शास्त्रीय गायक थे, यानी घर की हवा में ही सुर-ताल घुले हुए थे। 90 के दशक में दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे और कुछ कुछ होता है जैसी फिल्मों में सुपरहिट गाने देने वाली मशहूर संगीतकार जोड़ी जतिन-ललित सुलक्षणा के सगे भाई हैं। इसी संगीतमय माहौल में पली-बढ़ीं सुलक्षणा ने महज नौ साल की उम्र में गाना शुरू कर दिया था और आगे चलकर 70 और 80 के दशक में अमिताभ बच्चन, राजेश खन्ना, जितेंद्र और विनोद खन्ना जैसे सुपरस्टार्स के साथ काम किया।
लता मंगेशकर के साथ शुरू हुआ प्लेबैक सिंगिंग का सफर
सुलक्षणा ने साल 1967 में आई फिल्म तकदीर के गाने 'सात समुंदर पार से' से लता मंगेशकर के साथ प्लेबैक सिंगिंग में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने अपने पूरे करियर में 70 से ज्यादा फिल्मों में अपनी आवाज दी। 'मौसम मौसम लवली मौसम' और 'जब आती होगी याद मेरी' जैसे गाने आज भी लोगों की जुबान पर हैं। साल 1975 में आई फिल्म संकल्प के गाने के लिए उन्हें बेस्ट प्लेबैक सिंगर का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला।
एक्टिंग में भी बनाई पहचान
गायकी में नाम कमाने के बाद सुलक्षणा ने 1975 में ही संजीव कुमार के साथ फिल्म उलझन से एक्टिंग की दुनिया में एंट्री की। इसके बाद उन्होंने हेराफेरी, अपनापन और वक्त की दीवार जैसी कई हिट फिल्मों में लीड रोल निभाए और खुद को एक्टिंग में भी साबित किया।
संजीव कुमार से हुआ प्यार, शादी का प्रस्ताव हुआ खारिज
सिनेमा की चमक-दमक के पीछे सुलक्षणा की निजी जिंदगी में दर्द छिपा था। अपनी पहली फिल्म उलझन की शूटिंग के दौरान वह को-स्टार संजीव कुमार से प्यार कर बैठीं। उन्होंने हिम्मत जुटाकर संजीव कुमार के सामने शादी का प्रस्ताव भी रखा, लेकिन संजीव कुमार ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। इस इनकार ने सुलक्षणा का दिल पूरी तरह तोड़ दिया।
दो झटकों ने अंदर से तोड़ दिया
6 नवंबर 1985 को महज 47 साल की उम्र में संजीव कुमार का हार्ट अटैक से निधन हो गया। इस बड़े झटके के फौरन बाद सुलक्षणा की मां भी दुनिया छोड़ गईं। एक के बाद एक आए इन दो सदमों ने सुलक्षणा को भीतर तक तोड़ दिया और वह डिप्रेशन में चली गईं। इसके बाद उन्होंने कभी शादी न करने का फैसला किया और हमेशा के लिए फिल्मी दुनिया से भी किनारा कर लिया।
उसी तारीख को हुआ सुलक्षणा का भी निधन
सुलक्षणा और संजीव कुमार की अधूरी मोहब्बत की कहानी का अंत भी उतना ही अजीब रहा जितनी यह प्रेम कहानी थी। जिस 6 नवंबर को संजीव कुमार ने आखिरी सांस ली थी, ठीक उसी तारीख को सुलक्षणा पंडित ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया। 6 नवंबर 2025 को 71 साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। आज भले ही वह हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा गुमनामी और तन्हाई में गुजरा।











