मनोज कुमार के दम पर 16 साल तक सिनेमाघरों में मचा रहा जलवा, हेमा मालिनी के साथ फिल्म ने भी उड़ाए कमाई के रिकॉर्डबॉलीवुड
1 घंटे पहले· 1

मनोज कुमार के दम पर 16 साल तक सिनेमाघरों में मचा रहा जलवा, हेमा मालिनी के साथ फिल्म ने भी उड़ाए कमाई के रिकॉर्ड

1965 से 1981 के बीच मनोज कुमार की पांच फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया, जिसमें हेमा मालिनी के साथ आई क्रांति सबसे बड़ी कमाई करने वाली फिल्म साबित हुई।

हिंदी सिनेमा में मनोज कुमार का नाम उन चंद कलाकारों में शुमार है, जिन्होंने अपने दम पर बॉक्स ऑफिस के आंकड़े पूरी तरह बदल दिए। साल 1965 से 1981 के बीच उनकी पांच फिल्मों ने सिनेमाघरों में इतनी शानदार कमाई की कि आज भी इनका जिक्र इंडस्ट्री की सबसे बड़ी कामयाबी की कहानियों में होता है। दिलचस्प बात यह भी है कि सुपरस्टार होने के बावजूद उन्होंने एक बड़ी फिल्म में महज एक कैमियो रोल निभाने से भी परहेज नहीं किया, जो उनकी सादगी और सिनेमा के प्रति उनके समर्पण को साफ दिखाता है।

जब मनोज कुमार सिनेमाघर की स्क्रीन पर नजर आते थे, तो दर्शक तालियां बजाए बिना नहीं रह पाते थे। अपने 68 साल लंबे करियर में उन्होंने हिट, सुपरहिट और ब्लॉकबस्टर फिल्मों की झड़ी लगा दी। वह सिर्फ एक बेहतरीन अभिनेता ही नहीं थे, बल्कि निर्देशन में भी उतनी ही महारत रखते थे। जिन पांच फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचाया, उनकी कहानी आज भी सिनेप्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बनती है।

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शहीद (1965): भगत सिंह की कहानी ने दिलाया राष्ट्रीय सम्मान

इस सिलसिले की पहली फिल्म 1965 में आई शहीद थी, जिसका निर्देशन एस. राम शर्मा ने किया था। फिल्म में मनोज कुमार के साथ कामिनी कौशल, निरूपा रॉय और प्रेम चोपड़ा जैसे कलाकार नजर आए। इसकी कहानी भगत सिंह के जीवन और आजादी की लड़ाई में उनके योगदान पर आधारित थी। यही देशभक्ति भरा विषय दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींच लाया और फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त कमाई की। इस काम के लिए फिल्म को हिंदी फिल्म तथा राष्ट्रीय एकता की श्रेणी में नर्गिस दत्त पुरस्कार से नवाजा गया, जो उस दौर में किसी भी फिल्म के लिए बड़ा सम्मान माना जाता था।

उपकार (1967): खुद निर्देशन कर मनोज कुमार ने रचा इतिहास

दो साल बाद, 1967 में मनोज कुमार ने खुद निर्देशक की कुर्सी संभालते हुए उपकार बनाई। फिल्म में आशा पारेख, प्रेम चोपड़ा और प्राण जैसे कलाकार शामिल थे। करीब 1.1 करोड़ रुपये के बजट में तैयार इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 7 करोड़ रुपये की कमाई करके सबको चौंका दिया, यानी लागत से करीब सात गुना ज्यादा रिटर्न। फिल्म को छह फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिले, जो बताता है कि दर्शकों के साथ-साथ आलोचकों को भी यह कहानी कितनी पसंद आई थी।

नीलकमल (1968): वहीदा रहमान को मिला दूसरा फिल्मफेयर अवॉर्ड

साल 1968 में राज कुमार की फिल्म नीलकमल रिलीज हुई, जिसमें मनोज कुमार और वहीदा रहमान मुख्य भूमिकाओं में नजर आए। इसकी कहानी गुलशन नंदा ने लिखी थी, स्क्रीनप्ले फणि मजूमदार का था, जबकि संवाद किदार शर्मा और इला महेश्वरी ने लिखे। दिलचस्प यह भी है कि काजल और नीलकमल फिल्म की पूरी टीम एक जैसी थी। सभी कलाकारों के अभिनय की खूब तारीफ हुई और वहीदा रहमान को गाइड के बाद नीलकमल के लिए भी बेस्ट एक्ट्रेस का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला, जो उनके करियर की एक और बड़ी उपलब्धि साबित हुई। फिल्म का संगीत रवि ने तैयार किया था, वहीं गाने कालजयी शायर साहिर लुधियानवी की कलम से निकले थे, जो आज भी सुने जाते हैं।

पूरब और पश्चिम (1970): सायरा बानो और प्राण के साथ जमी जोड़ी

1970 में आई पूरब और पश्चिम में मनोज कुमार ने एक बार फिर अभिनय और निर्देशन दोनों की जिम्मेदारी संभाली। सायरा बानो, प्राण और अशोक कुमार जैसे कलाकारों ने भी फिल्म में अहम भूमिकाएं निभाईं। लगभग 1.1 करोड़ रुपये के बजट में बनी यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर 4.5 करोड़ रुपये कमाने में सफल रही, यानी इस फिल्म ने भी अपनी लागत का करीब चार गुना कमाकर दिखाया कि मनोज कुमार की देशभक्ति और सामाजिक मुद्दों से जुड़ी कहानियां दर्शकों को कितनी पसंद आती थीं।

क्रांति (1981): हेमा मालिनी संग बनी 80 के दशक की सबसे बड़ी हिट

इस लिस्ट की आखिरी और सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म थी 1981 में आई क्रांति। इसमें मनोज कुमार के साथ हेमा मालिनी और शत्रुघ्न सिन्हा मुख्य भूमिकाओं में थे, जबकि दिलीप कुमार ने इसी फिल्म से बड़े पर्दे पर वापसी की थी। इसकी कहानी ब्रिटिश शासन के खिलाफ चले स्वतंत्रता संग्राम पर आधारित थी। महज 3 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने 16 करोड़ रुपये की कमाई करके सबको हैरान कर दिया। यह आंकड़ा इतना बड़ा था कि क्रांति पूरे 80 के दशक की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई, और इसी के साथ मनोज कुमार की 1965 से 1981 तक चली यह सुनहरी लकीर पूरी हो गई।

सवाल-जवाब

मनोज कुमार की कौन-कौन सी पांच फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया?
शहीद (1965), उपकार (1967), नीलकमल (1968), पूरब और पश्चिम (1970) और क्रांति (1981) इस लिस्ट में शामिल हैं।
उपकार फिल्म का बजट और कमाई कितनी थी?
उपकार करीब 1.1 करोड़ रुपये के बजट में बनी थी और इसने बॉक्स ऑफिस पर 7 करोड़ रुपये की कमाई की थी।
क्रांति फिल्म ने कितनी कमाई की थी?
महज 3 करोड़ रुपये के बजट में बनी क्रांति ने 16 करोड़ रुपये कमाए और यह 80 के दशक की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी।
वहीदा रहमान को नीलकमल के लिए कौन सा अवॉर्ड मिला था?
वहीदा रहमान को नीलकमल के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था, जो गाइड के बाद उनका दूसरा ऐसा पुरस्कार था।
शहीद फिल्म किस पर आधारित थी और इसे कौन सा पुरस्कार मिला?
शहीद भगत सिंह के जीवन और आजादी की लड़ाई पर आधारित थी, और इसे हिंदी फिल्म तथा राष्ट्रीय एकता की श्रेणी में नर्गिस दत्त पुरस्कार मिला था।
क्रांति फिल्म में दिलीप कुमार की क्या भूमिका थी?
दिलीप कुमार ने क्रांति फिल्म से ही बड़े पर्दे पर वापसी की थी।
पूरब और पश्चिम फिल्म में मनोज कुमार के साथ कौन-कौन थे?
इस फिल्म में सायरा बानो, प्राण और अशोक कुमार ने भी अहम भूमिकाएं निभाई थीं।
नीलकमल फिल्म की कहानी और संगीत किसने तैयार किया था?
कहानी गुलशन नंदा ने लिखी थी, संगीत रवि ने दिया था और गाने साहिर लुधियानवी ने लिखे थे।

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