देशभर में इनवेस्टमेंट के नाम पर लोगों को भारी भरकम रिटर्न का झांसा देकर करोड़ों रुपये ठगने का एक बड़ा मामला सामने आया है। इस पूरे घोटाले के केंद्र में लविश चौधरी उर्फ नवाब अली नाम का एक व्यक्ति है, जिसने गाजियाबाद के पसोंडा गांव से निकलकर दुबई में बैठकर अपना एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का फ्रॉड साम्राज्य खड़ा कर लिया। इस मामले में जांच एजेंसियां अब आरोपी के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी कराने की तैयारी में जुटी हैं ताकि उसकी गतिविधियों पर लगाम लगाई जा सके।
एमएलएम फ्रॉड से देशव्यापी सनसनी
यह मामला मल्टी-लेवल मार्केटिंग यानी एमएलएम की आड़ में चलाए जा रहे एक विशाल फर्जीवाड़े का है। क्यूएफएक्स कंपनी के नाम पर आरोपी ने निवेशकों को फॉरेक्स ट्रेडिंग स्कीम का लालच दिया। कंपनी ने बिना किसी जरूरी सरकारी या नियामक अनुमति के लोगों से भारी निवेश जुटाया। इस घोटाले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यूपी के सहारनपुर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, गुजरात के सूरत और पंजाब के चंडीगढ़ सहित देश के कई राज्यों में आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई हैं।
दुबई से संचालित होता था पूरा रैकेट
लविश चौधरी ने ठगी का अपना जाल केवल भारत तक सीमित नहीं रखा, बल्कि निवेशकों को लुभाने के लिए दुबई में भी मीटिंग्स आयोजित कीं। इन मीटिंग्स का पूरा खर्चा आरोपी खुद उठाते थे ताकि लोगों का विश्वास जीता जा सके। वापी जीआईडीसी पुलिस थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार, अकेले 28 फरियादियों ने 3 करोड़ 40 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी का आरोप लगाया है। हालांकि, पूरे देश में फैले इस घोटाले की कुल राशि 25 से 30 करोड़ रुपये या उससे भी ज्यादा होने की आशंका है।
गिरफ्तारियां और दुबई कनेक्शन
फिलहाल इस मामले में अंजलि यादव को गिरफ्तार किया जा चुका है। सोशल मीडिया और जांच के दौरान अंजलि यादव के कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें वह दुबई में लविश चौधरी के आलीशान बंगले में दिखाई दे रही है। जांच में खुलासा हुआ है कि लविश चौधरी और उसके सहयोगी कलीम शेख, अरविंद दुबे तथा विकास बारिक मुख्य रूप से फरार हैं और दुबई भाग चुके हैं।
सेलेब्रिटी का सहारा और विलासिता का प्रदर्शन
आरोपी लविश चौधरी ने अपनी विश्वसनीयता बनाने के लिए नामी-गिरामी हस्तियों के साथ तस्वीरें खिंचवाईं और उन्हें निवेशकों को दिखाकर प्रभावित किया। वह अक्सर अपनी दुबई की लग्जरी लाइफस्टाइल, महंगे बंगलों और गाड़ियों की तस्वीरें दिखाकर लोगों को अपनी ओर खींचता था। जांच में सामने आया है कि ठगी गई रकम का उपयोग उसने दुबई में भारी संपत्ति बनाने में किया है। इसके अलावा, उस पर मध्य प्रदेश, असम, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और महाराष्ट्र में भी ठगी के आरोप हैं। मध्य प्रदेश में अकेले उसने लगभग 3200 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप झेला है, जिसके चलते प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी भी उसके और उसके करीबियों के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई कर चुकी है।











