दशहरा से ठीक पहले आभूषणों की त्योहारी खरीदारी बढ़ने और विदेशी बाजारों से मिले सकारात्मक रुझान के दम पर घरेलू बाजार में कीमती धातुओं को अच्छा समर्थन मिला है। सोमवार को कारोबारी सत्र के दौरान राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने के दाम एक बार फिर 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गए। खुदरा ग्राहकों की बढ़ती दिलचस्पी और आगामी त्योहारी सीजन की तैयारियों ने बाजार की धारणा को काफी मजबूत किया है।
दिल्ली सर्राफा बाजार में कीमतों की ताजा स्थिति
राष्ट्रीय राजधानी के स्थानीय सर्राफा कारोबारियों के अनुसार, सोमवार को 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने के भाव में 400 रुपये की तेजी दर्ज की गई। इस बढ़त के साथ पीली धातु का भाव चढ़कर 1,50,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे पिछले कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को सोना 1,49,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। दूसरी तरफ, औद्योगिक मांग और सिक्का निर्माताओं के सीमित सौदों के बीच चांदी की कीमतों में स्थिरता देखने को मिली। चांदी का भाव लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में 2.15 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर अपरिवर्तित रहा। दशहरा पर्व के उपलक्ष्य में मंगलवार, 20 अक्टूबर को देश भर के प्रमुख सर्राफा बाजार बंद रहेंगे।
हाजिर मांग में उछाल और त्योहारी खरीदारी
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारों की शुरुआत से खुदरा बाजार में ग्राहकी तेजी से लौटी है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी ने बाजार के रुख पर कहा कि विदेशी बाजारों के मजबूत संकेतों और खुदरा मांग में सुधार ने घरेलू कीमतों को गति दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हाजिर सोने की मांग बेहतर हुई है और पिछले हफ्ते सोना 3 महीने से ज्यादा समय में पहली बार घरेलू बाजार में प्रीमियम पर कारोबार करता नजर आया। गांधी के मुताबिक, कीमतों में आई हालिया नरमी ने ग्राहकों को आभूषण खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि देश के सबसे बड़े पर्व दीपावली से पहले खुदरा खरीदारी और मजबूत होने के आसार हैं, जिससे घरेलू स्तर पर कीमतों को लगातार आधार मिलेगा।
कच्चे तेल में नरमी और वैश्विक संकेतों का असर
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी धातुओं के रुख में स्थिरता और सुधार देखा गया। लेमन ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म के रिसर्च हेड गौरव गर्ग का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने और अमेरिकी सरकारी बॉन्ड पर यील्ड घटने से महंगाई से जुड़ी चिंताएं कम हुई हैं, जिसने बहुमूल्य धातुओं को अतिरिक्त सहारा दिया है। वैश्विक स्तर पर हाजिर सोना बेहद सीमित उतार-चढ़ाव के बीच 4,175.57 डॉलर प्रति औंस पर बना रहा। वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 1 प्रतिशत से अधिक की बढ़त हासिल करते हुए 57.63 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।
शादियों के सीजन का परिदृश्य और विश्लेषकों का अनुमान
आगामी दिनों में सोने की चाल को लेकर वित्तीय विशेषज्ञों का अनुमान मिला-जुला है। ओम्निसाइंस कैपिटल के सीईओ विकास गुप्ता का कहना है कि त्योहारी और वैवाहिक सत्र के दौरान मांग बढ़ने से पारंपरिक तौर पर कीमतों में तेजी आती है। गुप्ता ने कहा कि त्योहारी सत्र के दौरान घरेलू कीमतों में मामूली उछाल आने की संभावना है, लेकिन इसके बाद भाव स्थिर रह सकते हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने की संभावना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतों पर दबाव बनाए रख सकती है, जिससे बहुत बड़ी तेजी सीमित रह सकती है।
















