टाइगर श्रॉफ पर हमले के बाद विद्युत जामवाल ने उठाया फैंस की चुप्पी पर सवाल, दी बजरंग बाण सुनने की सीखडेनिस लिली और उनके बेटे एडम ने जब पाकिस्तान के खिलाफ मिलकर झटके थे छह विकेटअमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में उछाल से सोना 4,150 डॉलर के नीचे फिसला, फेडरल रिजर्व के रुख पर टिकी नजरेंओपनएआई के पूर्व इंजीनियर की जमानत याचिका खारिज, अदालत ने सऊदी अरब भागने के खतरे पर जताई चिंताएलिजाबेथ होम्स के पति बिली इवांस ने शुरू किया नया हेल्थ डायग्नोस्टिक स्टार्टअप, रमन स्पेक्ट्रोस्कोपी तकनीक पर आधारित मशीन बनाने का दावामीन राशिफल 20 अक्टूबर: संपर्कों और सहयोग का दायरा बढ़ेगा, आर्थिक मामलों में बजट का रखें ध्यानरांची के स्कूली छात्र रचित राज ने बनाया स्मार्ट गैस लीक डिटेक्टर, हादसों से बचाएगा यह अनोखा सिस्टमअमेरिकी डॉलर की मजबूती के आगे पस्त हुआ स्विस फ्रैंक, फेडरल रिजर्व और एसएनबी की नीतियों में दिखा बड़ा अंतरकोडरमा के दयानंद ने साझा किया यामाहा रेजेडआर 125 का राइडिंग अनुभव, हाइब्रिड तकनीक और 60 किमी तक माइलेज की बताई खासियतेंई-कॉमर्स साइटों पर बारूद और खतरनाक रसायनों की खुली बिक्री पर सीसीपीए का शिकंजा, हज़ारों विक्रेता हटाए गए
वैश्विक तनाव और मंदी की आहट से सहमा घरेलू बाजार, भारी बिकवाली में 500 शेयरों ने छुआ निचला स्तरमनी
20 अक्तू॰ 2026, 7:26 am (3 मिनट पहले)· 0

वैश्विक तनाव और मंदी की आहट से सहमा घरेलू बाजार, भारी बिकवाली में 500 शेयरों ने छुआ निचला स्तर

सेंसेक्स में 2200 अंकों से अधिक और निफ्टी में 700 अंकों के करीब भारी गिरावट दर्ज की गई, जबकि भय का पैमाना इंडिया विक्स नौ वर्षों के सबसे तेज एकदिवसीय उछाल के साथ 20 के पार चला गया।

घरेलू इक्विटी बाजारों में सोमवार का कारोबारी सत्र निवेशकों के लिए भारी उथल-पुथल और घबराहट से भरा साबित हुआ। वैश्विक बाजारों में फैली तेज बिकवाली की लहर ने भारतीय बाजार को भी अपनी चपेट में ले लिया। एशियाई और यूरोपीय बाजारों में आई जोरदार गिरावट के दबाव में प्रमुख घरेलू सूचकांक ताश के पत्तों की तरह बिखरते दिखे। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का मानक सूचकांक सेंसेक्स 2200 अंकों से अधिक का गोता लगा गया, वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी लगभग 700 अंकों के तीव्र नुकसान के साथ बंद हुआ। विदेशी पूंजी की संभावित निकासी और कमजोर वैश्विक संकेतों ने पूरे दिन दलाल स्ट्रीट पर भयंकर मंदी का माहौल बनाए रखा।

इंडिया विक्स में 2015 के बाद का सबसे बड़ा एकदिवसीय उछाल

बाजार में घबराहट और अस्थिरता को मापने वाले पैमाने इंडिया विक्स में अप्रत्याशित तेजी दर्ज की गई। डर का मीटर कहे जाने वाले इस सूचकांक में एक ही दिन के भीतर 52 प्रतिशत का विशाल उछाल देखा गया, जिसके साथ यह 20 के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर गया। अगस्त 2015 के बाद से यह इस इंडिकेटर की सबसे बड़ी दैनिक छलांग है। सामान्य तौर पर जब विक्स का स्तर नीचे रहता है, तो उसे बाजार के स्थिर अथवा सकारात्मक रहने का संकेत माना जाता है, जबकि इसमें अचानक तेज बढ़त भारी गिरावट की आशंका को पुख्ता करती है। गौर करने वाली बात यह रही कि कोरोना महामारी के चरम दौर में भी दैनिक आधार पर विक्स में ऐसा भयंकर उछाल दर्ज नहीं हुआ था।

ये भी पढ़ें

ग्लोबल मंदी की आशंका और मिडल ईस्ट में जंग का खतरा

दलाल स्ट्रीट पर इस महाखौफ की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गहराते संकट रहे। पश्चिम एशिया यानी मिडल ईस्ट के इलाके में युद्ध भड़कने की बढ़ती आशंकाओं ने अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को जोखिम वाली संपत्तियों से दूर कर दिया। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी केंद्रीय बैंक यूएस फेड द्वारा ब्याज दरों में कटौती टालने की संभावनाओं ने मंदी के डर को और हवा दे दी। अर्थशास्त्रियों और विश्लेषकों का मानना है कि दर कटौती में देरी से अमेरिका गहरी आर्थिक मंदी की चपेट में आ सकता है, जिसके चलते दुनिया भर के उभरते बाजारों से विदेशी फंड्स की तेज निकासी शुरू हो सकती है। इसी अंदेशे ने संस्थागत निवेशकों को भारी बिकवाली करने पर मजबूर किया।

500 कंपनियों में लगा लोअर सर्किट, विशेषज्ञ की रणनीति

बिकवाली का दायरा इतना व्यापक था कि व्यापक बाजार के लगभग सभी सेक्टोरल सूचकांक लाल निशान में डूब गए। स्मॉलकैप और मिडकैप इंडेक्स में 4 प्रतिशत तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध करीब 500 कंपनियों के शेयरों में ट्रेडिंग के दौरान निचला सर्किट लग गया, जिससे उनमें आगे खरीद-बिक्री थम गई। लोअर सर्किट छूने वाले प्रमुख शेयरों में कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड, रिलायंस पावर लिमिटेड, गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड, जयप्रकाश पावर वेंचर्स लिमिटेड, वारी रिन्यूएबल टेक्नोलॉजीज लिमिटेड और स्वान एनर्जी लिमिटेड जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल रहीं।

बाजार के मौजूदा हालात पर बाजार विशेषज्ञ प्रकाश दीवान ने कहा, “यह सप्ताह कठिन रहने वाला है. और वैश्विक बाजार हमें बता रहे हैं कि हमारे बाजारों के भीतर स्टॉक स्पेसिफिक एक्टीविटीज पर ध्यान केंद्रित करना बेहतर होगा.” विशेषज्ञों के अनुसार मौजूदा माहौल में व्यापक इंडेक्स पर दांव लगाने के बजाय व्यक्तिगत कंपनियों के बुनियादी आधार को परखना अधिक समझदारी भरा कदम होगा।

सवाल-जवाब

सोमवार को सेंसेक्स और निफ्टी में कितनी गिरावट दर्ज की गई?
सोमवार के कारोबारी सत्र में सेंसेक्स में 2200 अंकों से अधिक तथा निफ्टी 50 में लगभग 700 अंकों की भारी गिरावट दर्ज की गई।
इंडिया विक्स में कितनी बढ़ोतरी हुई और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
इंडिया विक्स 52 प्रतिशत उछलकर 20 के पार पहुंच गया, जो अगस्त 2015 के बाद का सबसे बड़ा एकदिवसीय उछाल है और बाजार में अत्यधिक भय का संकेत देता है।
बाजार में भारी गिरावट के प्रमुख कारण क्या थे?
मिडल ईस्ट में युद्ध छिड़ने की आशंका, यूएस फेड द्वारा दर कटौती में देरी और अमेरिका में मंदी का खतरा इस गिरावट के मुख्य कारण रहे।
कितने शेयरों में लोअर सर्किट लगा और उनमें कौन से प्रमुख नाम शामिल थे?
बीएसई के लगभग 500 शेयरों में लोअर सर्किट लगा, जिनमें रिलायंस पावर, कोचीन शिपयार्ड, जयप्रकाश पावर, गार्डन रीच शिपबिल्डर्स, वारी रिन्यूएबल और स्वान एनर्जी शामिल हैं।
बाजार विशेषज्ञ प्रकाश दीवान ने निवेशकों को क्या सलाह दी?
प्रकाश दीवान ने कहा कि यह सप्ताह कठिन रहेगा और वैश्विक संकेतों को देखते हुए घरेलू बाजार में स्टॉक स्पेसिफिक गतिविधियों पर ध्यान देना बेहतर होगा।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp