बिहार के मुजफ्फरपुर शहर में अपनी संपत्ति बनाने या कारोबार शुरू करने की इच्छा रखने वालों के लिए कुछ इलाके किसी चुनौती से कम नहीं हैं। शहर में कुछ ऐसे खास स्थान हैं जहां जमीन के दाम इस हद तक बढ़ चुके हैं कि आम आमी तो दूर, बड़े-बड़े कारोबारी भी सौदा करने से पहले कई बार सोचते हैं। कल्याणी, सरैयागंज टावर, मिठनपुरा, कलमबाग चौक और सोनरपट्टी को शहर के सबसे महंगे और व्यावसायिक रूप से बेहद अहम क्षेत्रों के रूप में गिना जाता है, जहां भूखंडों के भाव आसमान छू रहे हैं।
मुख्य सड़कों के किनारे जमीन के रिकॉर्ड दाम
शहर के इन चुनिंदा पॉश इलाकों में मुख्य सड़क से सटी जमीन के दाम वर्तमान समय में लगभग 4 करोड़ से 6 करोड़ रुपये प्रति कट्ठा तक आंके जा रहे हैं। हालांकि, जमीन की वास्तविक कीमत पूरी तरह से उसके सटीक लोकेशन, सड़क की चौड़ाई, सामने के हिस्से यानी फ्रंटेज और उसके व्यावसायिक महत्व पर निर्भर करती है। इसी वजह से इन खास जगहों पर हर किसी के लिए जमीन खरीद पाना वित्तीय रूप से संभव नहीं हो पाता है।
व्यावसायिक केंद्र और बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता
कल्याणी और सोनरपट्टी जैसे इलाके दशकों से मुजफ्फरपुर के मुख्य व्यापारिक केंद्रों के रूप में अपनी पहचान बनाए हुए हैं। इन स्थानों पर वस्त्र बाजार, आभूषण दुकानें, इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम, खानपान के प्रतिष्ठान और अन्य तमाम तरह के व्यवसाय संचालित होते हैं। इसके साथ ही मिठनपुरा और कलमबाग चौक भी शहर के गिने-चुने व्यावसायिक और घनी आबादी वाले रिहायशी क्षेत्रों में गिने जाते हैं। इन तमाम जगहों पर स्थानीय बाजार, शिक्षण संस्थान, चिकित्सालय, वित्तीय संस्थान और आवागमन के साधन बेहद करीब होने के कारण संपत्तियों की मांग हमेशा बनी रहती है।
सीमित भूखंड और बढ़ती मांग का असर
शहर के इन प्रमुख क्षेत्रों में जमीन का दायरा या क्षेत्रफल बहुत सीमित है, जबकि व्यावसायिक गतिविधियों और कारोबार के विस्तार के लिए खरीदारों की तरफ से मांग लगातार ऊपर जा रही है। यही कारण है कि बेहतरीन स्थिति वाली जमीन के दाम लगातार रिकॉर्ड स्तर बना रहे हैं। मुख्य मार्ग पर कोई भी दुकान, शोरूम, दफ्तर या अन्य कमर्शियल यूनिट स्थापित करने के लिए जमीन की जरूरत सबसे ज्यादा महसूस की जाती है, जिससे कीमतें और बढ़ जाती हैं।
निवेशकों में उत्साह और ऊंची कीमतें
रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े जानकारों के अनुसार, मुख्य मार्ग पर बेहतरीन लोकेशन वाली संपत्तियों का मूल्य 4 से 6 करोड़ रुपये प्रति कट्ठा के आंकड़े को छू रहा है। हालांकि, इतनी भारी-भरकम कीमतों के बावजूद इन क्षेत्रों में जमीन के प्रति क्रेज कम नहीं हुआ है। निवेशक और कारोबारी आज भी अवसर मिलने पर यहां निवेश करने के लिए उत्सुक रहते हैं। यही वजह है कि मुजफ्फरपुर के ये पांचों इलाके आम लोगों के लिए सिर्फ एक सपना बनकर रह गए हैं और इनके भाव सुनकर लोगों को हैरानी होती है।



















