केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने पेट्रोल में एथेनॉल की मिलावट के विषय पर फैली भ्रांतियों को सिरे से खारिज किया है। गडकरी ने उन तमाम दावों पर कड़ा रुख अपनाते हुए चुनौती दी है कि एथेनॉल मिश्रित ईंधन से पेट्रोल चालित गाड़ियाँ खराब हो रही हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें ऐसी एक भी गाड़ी दिखाई जाए जो एथेनॉल युक्त पेट्रोल की वजह से तकनीकी खराबी का शिकार हुई हो। यह बयान उन्होंने ‘सुदर्शन कनक्लेव 2026 – भारत निर्माण’ के मंच से दिया है।
जांच का भरोसा
मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि यदि किसी वाहन चालक के पास एथेनॉल मिश्रण के कारण गाड़ी खराब होने का ठोस सबूत या शिकायत है, तो वे सीधे शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि शिकायत की एक प्रति उन्हें भी उपलब्ध कराई जाए, ताकि उनका मंत्रालय इसका तुरंत संज्ञान ले सके और इसकी बारीकी से जांच करवा सके। गडकरी का कहना है कि अब तक उनके मंत्रालय के पास ऐसा कोई भी मामला सामने नहीं आया है, जिससे यह साबित हो सके कि ईंधन के इस मिश्रण से वाहनों को कोई नुकसान पहुंचा है।
ऑटो कंपनियों की सफाई
सोशल मीडिया पर चल रही नकारात्मक खबरों को पूरी तरह निराधार बताते हुए गडकरी ने कहा कि प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियों ने भी ऐसी किसी तकनीकी समस्या की पुष्टि नहीं की है। उन्होंने मारुति सुजुकी, टोयोटा, होंडा, बजाज, टीवीएस और हीरो जैसी कंपनियों का उल्लेख करते हुए बताया कि इन निर्माताओं की ओर से भी ऐसा कोई बयान जारी नहीं किया गया है कि एथेनॉल से इंजन में जंग लग रही है या कोई अन्य समस्या आ रही है।
वैश्विक अनुभव और सत्यता
गडकरी ने यह स्पष्ट किया कि एथेनॉल मिश्रित ईंधन का उपयोग केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक वैश्विक प्रक्रिया है। उन्होंने ब्राजील, अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, स्वीडन, कनाडा, फिलीपींस, थाईलैंड और जापान जैसे देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी इसका सफलतापूर्वक उपयोग हो रहा है। पूरी वैज्ञानिक जांच और मानकों की समीक्षा के बाद ही इसे भारत में अपनाया गया है।
अफवाहों से बचने की सलाह
मंत्री ने सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली भ्रामक जानकारियों को लेकर लोगों को सचेत किया। उन्होंने हाल ही में एक टोयोटा कार का उदाहरण दिया, जिसके खराब होने का दावा एथेनॉल के कारण किया गया था। लेकिन कंपनी द्वारा की गई विस्तृत जांच में यह सामने आया कि उस कार के पेट्रोल टैंक में एथेनॉल नहीं, बल्कि पानी की मिलावट थी। गडकरी ने जनता से अपील की कि वे ऐसी गलत सूचनाओं पर भरोसा न करें और बिना पुख्ता जानकारी के भ्रामक बातें न फैलाएं।











