1966 से जौहरी बाजार में जमी टेबल: 76 साल के नारायण शर्मा रोलेक्स से लेकर एचएमटी तक को देते हैं नई सांसगणेश चतुर्थी से पहले हैदराबाद का धूलपेट बना विशाल वर्कशॉप, 20 फीट तक की बप्पा की मूर्तियों की दक्षिण भारत में बढ़ी मांगसंयुक्त राष्ट्र पहुंचे ब्रिटेन के 70 से अधिक सांसद, पीओके में हिंसा रोकने और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए एंटोनियो गुटेरेस को लिखा पत्रबिना खोया के घर पर बनाएं रसीले ब्रेड गुलाब जामुन, जानें बनाने का तरीकाबाथरूम के शॉवर में कम आ रहा पानी, इस एक चीज से मिनटों में साफ होगी लाइमस्केल की परतसीतामढ़ी के बाजितपुर में कोचिंग से लौटी तीन छात्राओं की बिगड़ी हालत, दो की जान गई और एक नाजुकहरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा 2025 के नतीजे घोषित, 31,847 अभ्यर्थी हुए सफल; ऐसे डाउनलोड करें स्कोरकार्डगाजियाबाद के खोड़ा में पारिवारिक कलह बनी खूनी, राजा अंसारी ने पत्नी और बेटी की हत्या की, दूसरी बच्ची घायलबेंगलुरु एयरपोर्ट से सफर करना हुआ सस्ता, AERA ने यूजर डेवलपमेंट फीस में की भारी कटौतीजयपुर में ऑल इंडिया आयुष पीजी परीक्षा के दौरान बिजली गुल, पावर बैकअप न होने पर केंद्र पर हंगामा
पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण से गाड़ियों को नुकसान का दावा पूरी तरह गलत: नितिन गडकरीव्यापार
8 जुल॰ 2026, 10:35 am (45 दिन पहले)· 3

पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण से गाड़ियों को नुकसान का दावा पूरी तरह गलत: नितिन गडकरी

सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने पेट्रोल में 20 फीसदी एथेनॉल मिलावट पर उठ रहे सवालों को खारिज किया है और इसे तकनीकी रूप से सुरक्षित बताया है। उन्होंने उन दावों को चुनौती दी है जिनमें एथेनॉल से इंजन खराब होने की बात कही गई थी।

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने पेट्रोल में एथेनॉल की मिलावट के विषय पर फैली भ्रांतियों को सिरे से खारिज किया है। गडकरी ने उन तमाम दावों पर कड़ा रुख अपनाते हुए चुनौती दी है कि एथेनॉल मिश्रित ईंधन से पेट्रोल चालित गाड़ियाँ खराब हो रही हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें ऐसी एक भी गाड़ी दिखाई जाए जो एथेनॉल युक्त पेट्रोल की वजह से तकनीकी खराबी का शिकार हुई हो। यह बयान उन्होंने ‘सुदर्शन कनक्लेव 2026 – भारत निर्माण’ के मंच से दिया है।

जांच का भरोसा

मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि यदि किसी वाहन चालक के पास एथेनॉल मिश्रण के कारण गाड़ी खराब होने का ठोस सबूत या शिकायत है, तो वे सीधे शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि शिकायत की एक प्रति उन्हें भी उपलब्ध कराई जाए, ताकि उनका मंत्रालय इसका तुरंत संज्ञान ले सके और इसकी बारीकी से जांच करवा सके। गडकरी का कहना है कि अब तक उनके मंत्रालय के पास ऐसा कोई भी मामला सामने नहीं आया है, जिससे यह साबित हो सके कि ईंधन के इस मिश्रण से वाहनों को कोई नुकसान पहुंचा है।

ये भी पढ़ें

ऑटो कंपनियों की सफाई

सोशल मीडिया पर चल रही नकारात्मक खबरों को पूरी तरह निराधार बताते हुए गडकरी ने कहा कि प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियों ने भी ऐसी किसी तकनीकी समस्या की पुष्टि नहीं की है। उन्होंने मारुति सुजुकी, टोयोटा, होंडा, बजाज, टीवीएस और हीरो जैसी कंपनियों का उल्लेख करते हुए बताया कि इन निर्माताओं की ओर से भी ऐसा कोई बयान जारी नहीं किया गया है कि एथेनॉल से इंजन में जंग लग रही है या कोई अन्य समस्या आ रही है।

वैश्विक अनुभव और सत्यता

गडकरी ने यह स्पष्ट किया कि एथेनॉल मिश्रित ईंधन का उपयोग केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक वैश्विक प्रक्रिया है। उन्होंने ब्राजील, अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, स्वीडन, कनाडा, फिलीपींस, थाईलैंड और जापान जैसे देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी इसका सफलतापूर्वक उपयोग हो रहा है। पूरी वैज्ञानिक जांच और मानकों की समीक्षा के बाद ही इसे भारत में अपनाया गया है।

अफवाहों से बचने की सलाह

मंत्री ने सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली भ्रामक जानकारियों को लेकर लोगों को सचेत किया। उन्होंने हाल ही में एक टोयोटा कार का उदाहरण दिया, जिसके खराब होने का दावा एथेनॉल के कारण किया गया था। लेकिन कंपनी द्वारा की गई विस्तृत जांच में यह सामने आया कि उस कार के पेट्रोल टैंक में एथेनॉल नहीं, बल्कि पानी की मिलावट थी। गडकरी ने जनता से अपील की कि वे ऐसी गलत सूचनाओं पर भरोसा न करें और बिना पुख्ता जानकारी के भ्रामक बातें न फैलाएं।

सवाल-जवाब

पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने से गाड़ियों के इंजन खराब होने का दावा किसने किया?
सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने यह दावा किया था कि पेट्रोल में 20 फीसदी एथेनॉल मिलाने से गाड़ियों के इंजन में जंग लग रही है और वे खराब हो रहे हैं।
नितिन गडकरी ने इस दावे पर क्या चुनौती दी है?
मंत्री ने चुनौती दी है कि उन्हें एक भी ऐसी पेट्रोल गाड़ी का उदाहरण दिखाया जाए जिसे एथेनॉल मिश्रित ईंधन के कारण नुकसान हुआ हो।
क्या बड़ी ऑटो कंपनियां एथेनॉल को लेकर चिंतित हैं?
नहीं, मारुति सुजुकी, टोयोटा, होंडा, बजाज, टीवीएस और हीरो जैसी बड़ी कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि उन्हें एथेनॉल के कारण खराबी की कोई शिकायत नहीं मिली है।
क्या एथेनॉल का इस्तेमाल भारत के अलावा किसी अन्य देश में होता है?
हां, ब्राजील, अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, स्वीडन, कनाडा, फिलीपींस, थाईलैंड और जापान जैसे देशों में भी एथेनॉल मिश्रित ईंधन का उपयोग किया जाता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR