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E20 पेट्रोल से गाड़ी खराब होने के दावों पर नितिन गडकरी का चैलेंज: एक भी उदाहरण है तो दिखाओव्यापार
7 जुल॰ 2026, 9:43 pm (45 दिन पहले)· 2

E20 पेट्रोल से गाड़ी खराब होने के दावों पर नितिन गडकरी का चैलेंज: एक भी उदाहरण है तो दिखाओ

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने E20 पेट्रोल के बारे में फैल रही नकारात्मकता को खारिज किया है और सबूत की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एथेनॉल ब्लेंडिंग से किसानों की आय बढ़ी है और देश को विदेशी मुद्रा की बचत हो रही है।

देश भर में पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल के मिश्रण यानी E20 को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं और सवाल उठाए जा रहे हैं। सोशल मीडिया से लेकर आम जनता के बीच यह डर देखा जा रहा है कि कहीं इस ईंधन के इस्तेमाल से गाड़ियों का माइलेज न घट जाए या इंजन पर बुरा असर न पड़े। इन सभी आशंकाओं और दावों पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने तीखा रुख अपनाते हुए आलोचकों को सीधी चुनौती दी है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यदि किसी के पास ऐसा एक भी ठोस मामला या प्रमाण है, जिसमें E20 पेट्रोल के कारण किसी वाहन को कोई नुकसान हुआ हो, तो उसे सबके सामने लाना चाहिए।

विकसित भारत कॉन्क्लेव के मंच से अपनी बात रखते हुए नितिन गडकरी ने जोर देकर कहा कि इस ईंधन को लेकर केवल गलतफहमियां फैलाई जा रही हैं। उनके अनुसार, अब तक देश में एक भी ऐसी शिकायत दर्ज नहीं हुई है, जहां E20 पेट्रोल ने इंजन या किसी तकनीकी हिस्से को खराब किया हो। उन्होंने इसे एक सुनियोजित दुष्प्रचार करार दिया और कहा कि बिना किसी वैज्ञानिक आधार या तथ्यों के ऐसे दावे करना न केवल गलत है, बल्कि लोगों में भ्रम पैदा करने की एक साजिश है।

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भारत ने तय लक्ष्य को किया हासिल

भारत सरकार के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश ने पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल ब्लेंडिंग का अपना निर्धारित लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। एथेनॉल का उत्पादन गन्ना, मक्का और चावल जैसी प्रमुख कृषि उपज से किया जाता है। इस नीति के पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर भारत की भारी निर्भरता को कम करना और पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने वाले प्रदूषण पर लगाम लगाना है। सरकार का मानना है कि इस कदम से विदेशी मुद्रा भंडार की बड़ी बचत होगी और वैश्विक स्तर पर पर्यावरण संरक्षण में भारत की भूमिका और सशक्त होगी।

ईंधन में बदलाव क्यों है जरूरी?

नितिन गडकरी ने अर्थव्यवस्था के आंकड़ों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भारत हर साल लगभग 22 लाख करोड़ रुपये की बड़ी रकम सिर्फ कच्चे तेल और जीवाश्म ईंधनों को विदेशों से खरीदने में खर्च कर देता है। उन्होंने कहा कि यह राशि देश की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत बड़ा बोझ है। यदि भारत तेजी से स्वच्छ और वैकल्पिक ईंधन की ओर कदम बढ़ाता है, तो न केवल आयात का खर्च घटेगा, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत होगी। इससे प्रदूषण को नियंत्रित करने में भी बड़ी मदद मिलेगी, जो भविष्य की पीढ़ी के लिए अनिवार्य है।

किसानों की आय में बड़ी वृद्धि

एथेनॉल नीति के सफल क्रियान्वयन से कृषि क्षेत्र को भी अपार लाभ हुआ है। नितिन गडकरी ने बताया कि मक्का का इस्तेमाल एथेनॉल उत्पादन में होने से किसानों के दिन बदल गए हैं। पहले मक्का का बाजार भाव मात्र 1,200 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास सिमटा रहता था, जो अब बढ़कर 2,800 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच चुका है। उनके दावों के अनुसार, इस नीति से उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों के किसानों की जेब में 45,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमाई गई है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है।

भविष्य में ईंधनों का विस्तार

सरकार की योजनाएं केवल E20 तक सीमित नहीं हैं। भविष्य को देखते हुए सड़क परिवहन मंत्रालय ने नए नियमों का एक ड्राफ्ट तैयार किया है। इसका उद्देश्य E85 (85% एथेनॉल), E100 (शुद्ध एथेनॉल), B100 बायोडीजल और हाइड्रोजन-सीएनजी जैसे उन्नत वैकल्पिक ईंधनों को बढ़ावा देना है। यदि इन नियमों को पूरी तरह लागू किया जाता है, तो आने वाले कुछ वर्षों में भारतीय सड़कों पर फ्लेक्स-फ्यूल और बायोफ्यूल से चलने वाले वाहनों की संख्या में बड़ी उछाल देखने को मिल सकती है।

सवाल-जवाब

E20 पेट्रोल क्या है?
E20 पेट्रोल वह ईंधन है जिसमें 20 प्रतिशत एथेनॉल को 80 प्रतिशत पेट्रोल के साथ मिलाकर तैयार किया जाता है।
क्या E20 पेट्रोल से कार का इंजन खराब होता है?
नितिन गडकरी के अनुसार, देश में ऐसा एक भी मामला सामने नहीं आया है जहाँ E20 पेट्रोल के कारण किसी कार को नुकसान हुआ हो।
एथेनॉल ब्लेंडिंग से किसानों को क्या फायदा हुआ है?
एथेनॉल के लिए मक्का की मांग बढ़ने से उसका बाजार मूल्य 1,200 रुपये से बढ़कर 2,800 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है, जिससे किसानों की आय में भारी वृद्धि हुई है।
सरकार भविष्य में किन ईंधनों पर काम कर रही है?
सरकार भविष्य में E85, E100, बायोडीजल और हाइड्रोजन-सीएनजी जैसे वैकल्पिक ईंधनों को बढ़ावा देने की योजना बना रही है।
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