अमेरिका के शेयर बाज़ार में होने वाले लेनदेन का हिसाब-किताब संभालने वाली संस्था DTCC ने बुधवार को एक बड़ा प्रयोग शुरू किया है। इस पायलट प्रोजेक्ट में करीब 40 वित्तीय कंपनियां मिलकर टोकनाइज्ड शेयरों और अमेरिकी सरकारी बॉन्ड (ट्रेजरी) को परखेंगी। मकसद यह देखना है कि ब्लॉकचेन पर बने इन डिजिटल संस्करणों को मौजूदा बाज़ार व्यवस्था में कैसे चलाया जा सकता है।
इस पहल में वॉल स्ट्रीट के सबसे बड़े नाम जुड़े हैं। इसमें जेपी मॉर्गन चेस, गोल्डमैन सैक्स, ब्लैकरॉक, वैनगार्ड और न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज शामिल हैं। यानी परंपरागत फाइनेंस की दिग्गज कंपनियां अब खुलकर ब्लॉकचेन तकनीक को अपनाने की ओर बढ़ रही हैं।
क्या कहा DTCC ने
DTCC डिजिटल एसेट्स की ग्लोबल हेड नादिन चकार ने कहा, “आज एक लंबे सफर की शुरुआत है, जहां हम यह दिखाएंगे कि पुराना और नया साथ-साथ रह सकते हैं, और यह तकनीक दुनिया भर के हमारे भागीदारों के लिए ढेरों नए मौके खोलती है। हम टोकनाइजेशन की असली कीमत साबित करेंगे और उम्मीद है कि इसकी नींव अक्टूबर तक एक बड़े पैमाने की लॉन्चिंग तक ले जाएगी।”
कितनी बड़ी है यह संस्था
DTCC का गठन 1999 में डिपॉजिटरी ट्रस्ट कंपनी और नेशनल सिक्योरिटीज क्लियरिंग कॉर्पोरेशन के विलय से हुआ था। तब से यह अमेरिकी बाज़ारों की रीढ़ बन चुकी है। साल 2025 में इसने 4.7 क्वाड्रिलियन डॉलर के लेनदेन का निपटारा किया।
इस नए पायलट में DTCC के पास रखे शेयरों, ETF और अमेरिकी ट्रेजरी के ब्लॉकचेन आधारित संस्करणों को कई कामों में परखा जाएगा, जैसे कोलैटरल मैनेजमेंट, रेपो लेनदेन, मार्जिन और एसेट ट्रांसफर। इसका मकसद यह दिखाना है कि इस साल के अंत में बड़े स्तर पर लॉन्च से पहले ये टोकनाइज्ड एसेट मौजूदा ढांचे में सहजता से काम कर सकते हैं।
टोकनाइजेशन आखिर है क्या
टोकनाइजेशन का मतलब है असली दुनिया की संपत्तियों का ब्लॉकचेन पर डिजिटल रूप तैयार करना। इसमें शेयर, बॉन्ड, अमेरिकी ट्रेजरी, कमोडिटी और यहां तक कि रियल एस्टेट तक शामिल हो सकते हैं। हालांकि एक अहम बात यह है कि इन टोकनाइज्ड डिजिटल एसेट को भले ही क्रिप्टो एक्सचेंज और ऐप पर खरीदा-बेचा जा सके, पर ज़रूरी नहीं कि इनसे असली संपत्ति पर कानूनी मालिकाना हक भी मिल जाए।
तेज़ी से बढ़ रही दिलचस्पी
पिछले एक साल में असली दुनिया की टोकनाइज्ड संपत्तियों को लेकर दिलचस्पी तेज़ी से बढ़ी है, क्योंकि परंपरागत वित्तीय संस्थान अपनी ब्लॉकचेन योजनाओं का दायरा बढ़ा रहे हैं। मई 2025 में इन रियल-वर्ल्ड एसेट प्रोटोकॉल में जमा कुल रकम 10 अरब डॉलर के पार पहुंच गई और तब से रफ्तार और तेज़ हुई है। इसी महीने शेयर और क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म रॉबिनहुड ने रॉबिनहुड चेन नाम से एक एथेरियम लेयर-2 नेटवर्क शुरू किया है, जिसे खास तौर पर टोकनाइज्ड शेयरों, ETF और दूसरी असली संपत्तियों के लिए बनाया गया है।











