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रॉबिनहुड ने असली शेयर और ETF को ब्लॉकचेन पर लाने के लिए बनाया अपना लेयर-2 नेटवर्क, समझें पूरा तरीकाव्यापार
11 जुल॰ 2026, 10:37 pm (46 दिन पहले)· 1

रॉबिनहुड ने असली शेयर और ETF को ब्लॉकचेन पर लाने के लिए बनाया अपना लेयर-2 नेटवर्क, समझें पूरा तरीका

रॉबिनहुड चेन एक एथेरियम लेयर-2 ब्लॉकचेन है जो आर्बिट्रम तकनीक पर बना है और शेयर तथा ETF जैसे टोकनाइज्ड असली-दुनिया के एसेट्स को संभालता है। लॉन्च के पहले ही हफ्ते में इसने 1.7 करोड़ से ज्यादा ट्रांजैक्शन दर्ज किए।

क्रिप्टो और शेयर ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म चलाने वाली फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी रॉबिनहुड ने अब अपना खुद का ब्लॉकचेन नेटवर्क उतार दिया है, जिसका नाम है रॉबिनहुड चेन। यह असल में एक एथेरियम लेयर-2 ब्लॉकचेन है, जिसे आर्बिट्रम की तकनीक पर तैयार किया गया है। इसका मकसद साफ है, असली दुनिया के एसेट्स यानी शेयर और ETF को ब्लॉकचेन पर लाना और उन्हें डेफी की दुनिया से जोड़ना।

लेयर-2 होने का सबसे बड़ा फायदा यही है कि यह फीस को काफी कम कर देता है और एक ही समय में ज्यादा ट्रांजैक्शन प्रोसेस कर पाता है। एथेरियम जैसे लेयर-1 नेटवर्क की तुलना में यह ज्यादा तेज और सस्ता साबित होता है, क्योंकि लेन-देन का बड़ा हिस्सा मुख्य चेन से हटकर इस पर होता है।

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वॉलेट और ऐप्स कैसे जुड़ते हैं

जो भी वॉलेट या एप्लिकेशन एथेरियम कनेक्शन को सपोर्ट करते हैं, वे JSON-RPC के जरिए इस नेटवर्क से जुड़ सकते हैं। यह वही स्टैंडर्ड तरीका है जिससे एथेरियम पर चलने वाले ऐप्स आपस में बात करते हैं, इसलिए डेवलपर्स के लिए इससे जुड़ना आसान रहता है।

पहले आओ, पहले पाओ वाला मॉडल

रॉबिनहुड चेन एक फर्स्ट-कम, फर्स्ट-सर्व्ड सीक्वेंसिंग मॉडल पर काम करता है। किसी भी ब्लॉकचेन में एक सीक्वेंसर होता है जो ट्रांजैक्शन को चेन में जोड़ने से पहले उनका क्रम तय करता है। यहां लेन-देन इसी आधार पर प्रोसेस होते हैं कि वे कब पहुंचे, न कि इस आधार पर कि कौन ज्यादा फीस देकर आगे की जगह खरीद लेता है।

हर ट्रांजैक्शन कुछ चरणों से होकर गुजरता है। पहले सीक्वेंसर उसे रिसीव करके प्रोसेस करता है, फिर ट्रांजैक्शन के बैच वापस एथेरियम पर पोस्ट किए जाते हैं, और आखिर में लेन-देन का फाइनल सेटलमेंट होता है।

स्टॉक टोकन और असली-दुनिया के एसेट्स

स्टॉक टोकन रॉबिनहुड की ओर से जारी किए गए ब्लॉकचेन-आधारित एसेट्स हैं, जो असली-दुनिया के एसेट्स (RWA) में एक्सपोजर देते हैं, जिनमें शेयर और एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) शामिल हैं। RWA दरअसल ऐसे टोकन होते हैं जो क्रिप्टो से बाहर की चीजों से जुड़े होते हैं, जैसे शेयर, बॉन्ड, कमोडिटी या रियल एस्टेट। चूंकि ये ऑन-चेन मौजूद रहते हैं, इसलिए ये ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म, लेंडिंग प्रोटोकॉल और स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट पर आधारित दूसरे टूल्स के साथ भी काम कर सकते हैं। रॉबिनहुड चेन विकेंद्रीकृत एक्सचेंज, लेंडिंग प्रोटोकॉल, ऑरेकल सर्विसेज और इंफ्रास्ट्रक्चर देने वाली कंपनियों के साथ मिलकर चलता है।

पहले हफ्ते के आंकड़े

शुरुआती हफ्ते में ही इस नेटवर्क ने जबरदस्त रफ्तार दिखाई। इसमें 1.7 करोड़ से ज्यादा ट्रांजैक्शन दर्ज हुए, करीब 3,50,000 एड्रेस बने और विकेंद्रीकृत एक्सचेंज पर 1 अरब डॉलर से ज्यादा का वॉल्यूम रहा। कंपनी के अंदरूनी आंकड़ों में इस प्रोटोकॉल की टोटल वैल्यू लॉक्ड (TVL) करीब 25 करोड़ डॉलर आंकी गई, जबकि डेफीलामा के स्वतंत्र आंकड़ों में इसके कोर प्रोटोकॉल की TVL लगभग 9.4 करोड़ डॉलर दिखी। इसी दौरान नेटवर्क पर स्टेबलकॉइन का बैलेंस 26 करोड़ डॉलर के पार निकल गया।

सवाल-जवाब

रॉबिनहुड चेन क्या है?
यह रॉबिनहुड की ओर से बनाया गया एक एथेरियम लेयर-2 ब्लॉकचेन है, जो आर्बिट्रम तकनीक पर आधारित है और शेयर तथा ETF जैसे टोकनाइज्ड असली-दुनिया के एसेट्स को संभालता है।
यह किस तकनीक पर बना है?
यह आर्बिट्रम तकनीक का इस्तेमाल करके बनाया गया है और एथेरियम पर एक लेयर-2 नेटवर्क के रूप में काम करता है।
स्टॉक टोकन क्या होते हैं?
स्टॉक टोकन रॉबिनहुड की ओर से जारी ब्लॉकचेन-आधारित एसेट्स हैं, जो शेयर और ETF समेत असली-दुनिया के एसेट्स (RWA) में एक्सपोजर देते हैं।
इसमें ट्रांजैक्शन का क्रम कैसे तय होता है?
यह फर्स्ट-कम, फर्स्ट-सर्व्ड मॉडल पर चलता है, यानी लेन-देन इस आधार पर प्रोसेस होते हैं कि वे कब पहुंचे, न कि कौन ज्यादा फीस देता है।
पहले हफ्ते में इसका प्रदर्शन कैसा रहा?
पहले ही हफ्ते में इसमें 1.7 करोड़ से ज्यादा ट्रांजैक्शन, करीब 3,50,000 एड्रेस और विकेंद्रीकृत एक्सचेंज पर 1 अरब डॉलर से ज्यादा का वॉल्यूम दर्ज हुआ।
इसकी TVL कितनी है?
कंपनी के अंदरूनी आंकड़ों में TVL करीब 25 करोड़ डॉलर आंकी गई, जबकि डेफीलामा के स्वतंत्र आंकड़ों में कोर प्रोटोकॉल की TVL लगभग 9.4 करोड़ डॉलर दिखी।
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