बिहार सरकार का कुशल युवा प्रोग्राम यानी केवाईपी राज्य के लाखों युवाओं को रोजगार के लायक बनाने के मकसद से चलाया जा रहा है और बेगूसराय जैसे जिलों में इसके लिए पंजीकरण की प्रक्रिया बेहद आसान बना दी गई है. अगर सही कागजात के साथ जिला निबंधन सह परामर्श केंद्र यानी डीआरसीसी पहुंचा जाए तो रजिस्ट्रेशन का पूरा काम महज 5 से 10 मिनट में निपट जाता है. यह योजना पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सात निश्चय योजना का हिस्सा रही है और इससे जुड़ने की सोच रहे युवाओं के लिए दस्तावेजों की सही जानकारी होना सबसे जरूरी शर्त है.
रजिस्ट्रेशन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए
बेगूसराय डीआरसीसी में केवाईपी वेरिफिकेशन का काम देख रहे स्टाफ ने बताया कि आवेदन के लिए सबसे पहले निवास प्रमाण पत्र होना जरूरी है. इसके बाद आधार कार्ड दूसरा जरूरी कागज है. तीसरे नंबर पर मैट्रिक या इंटर, यानी अभ्यर्थी की जो भी शैक्षणिक योग्यता हो, उसकी मार्कशीट और प्रमाण पत्र साथ लाना होता है. आखिर में बैंक पासबुक और एक पासपोर्ट साइज फोटो भी साथ रखनी होती है. अगर यह चारों दस्तावेज सही और पूरे हों तो आवेदक सामान्यतः 5 से 10 मिनट के भीतर योजना से जुड़ जाता है.
जानकारों के मुताबिक इस तरह के दस्तावेज पहले से तैयार रखने से दफ्तर के बार-बार चक्कर लगाने से राहत मिलती है, क्योंकि सामान्यतः एक ही विजिट में पूरा पंजीकरण पूरा हो जाता है.
कहां और किस समय करें आवेदन
बिहार में आवेदन और वेरिफिकेशन की सुविधा हर जिले में मौजूद है. अभ्यर्थी अपने जिले के डीआरसीसी कार्यालय में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे के बीच कभी भी पहुंचकर पंजीकरण करा सकते हैं. दस्तावेज साथ लेकर जाने से समय की बचत होती है और मौके पर ही वेरिफिकेशन पूरा हो जाता है.
15 से 28 साल के युवाओं के लिए मौका, कुछ वर्गों को छूट भी
कुशल युवा प्रोग्राम बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में गिना जाता है और इसका मकसद युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करना है. यह मुख्य रूप से 15 से 28 साल की उम्र वाले युवाओं के लिए बनाई गई है. वहीं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग और दिव्यांग अभ्यर्थियों को तय नियमों के मुताबिक उम्र सीमा में छूट भी दी जाती है, जिससे ज्यादा से ज्यादा युवा इस योजना का फायदा उठा सकें.
तीन महीने की ट्रेनिंग में सिखाए जाते हैं तीन अहम कोर्स
केवाईपी बिहार सरकार के आर्थिक हल, युवाओं को बल कार्यक्रम और 7 निश्चय योजना का ही हिस्सा है और इसे बिहार स्किल डेवलपमेंट मिशन के फ्लैगशिप प्रोग्राम के तौर पर चलाया जा रहा है. यह तीन महीने का कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसमें युवाओं को रोजगार से सीधे जुड़े जरूरी हुनर सिखाए जाते हैं.
इस प्रोग्राम के तहत तीन प्रमुख कोर्स कराए जाते हैं. पहला कोर्स बीएस-सीआईटी यानी बिहार स्टेट सर्टिफिकेट इन इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी है, जिसमें कंप्यूटर की बेसिक जानकारी के साथ विंडोज, एमएस ऑफिस, इंटरनेट और ईमेल इस्तेमाल करना सिखाया जाता है. दूसरा कोर्स बीएस-सीएलएस यानी बिहार स्टेट सर्टिफिकेट इन लैंग्वेज स्किल्स है, जिसमें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में बातचीत का हुनर विकसित किया जाता है. तीसरा कोर्स बीएस-सीएसएस यानी बिहार स्टेट सर्टिफिकेट इन सॉफ्ट स्किल्स है, जिसमें व्यक्तित्व विकास, सही व्यवहार, कार्यस्थल पर काम आने वाले सॉफ्ट स्किल्स और प्रोफेशनल तौर तरीकों की ट्रेनिंग दी जाती है.
ट्रेनिंग मुफ्त, लेकिन 1000 रुपये रिफंडेबल राशि जमा करनी होगी
केवाईपी की पूरी ट्रेनिंग पूरी तरह नि:शुल्क रखी गई है ताकि आर्थिक तंगी किसी युवा के रास्ते में रुकावट न बने. हालांकि नामांकन के वक्त 1000 रुपये की एक रिफंडेबल राशि जमा करानी होती है, जिसे तय शर्तें पूरी होने पर वापस लौटा दिया जाता है. पूरे कोर्स की कुल अवधि 240 घंटे रखी गई है. इसमें बीएस-सीआईटी के लिए 120 घंटे, बीएस-सीएलएस के लिए 80 घंटे और बीएस-सीएसएस के लिए 40 घंटे तय किए गए हैं.











