नौकरी के इंटरव्यू में जब बातचीत अच्छी चल रही होती है, तभी अचानक इंटरव्यूअर एक ऐसा सवाल पूछ लेता है जो बड़े-बड़े कैंडिडेट्स को भी उलझन में डाल देता है, "अगले 5 साल में आप खुद को कहां देखते हैं?" यह सवाल किसी एक इंडस्ट्री या पोस्ट तक सीमित नहीं है, फ्रेशर हो या एक्सपीरियंस्ड प्रोफेशनल, लगभग हर इंटरव्यू में यह कभी न कभी पूछा ही जाता है. यह सुनते ही ज्यादातर लोगों के दिमाग में तरह-तरह के विचार घूमने लगते हैं और सही जवाब ढूंढना मुश्किल हो जाता है.
यह सवाल पूछा ही क्यों जाता है
दरअसल यह सवाल सिर्फ यह जानने के लिए नहीं पूछा जाता कि आपके फ्यूचर प्लान्स क्या हैं. इसके पीछे मकसद यह परखना होता है कि आप कितने मैच्योर हैं और करियर को लेकर आपकी सोच कितनी स्थिर है. ज्यादातर उम्मीदवार इस सवाल के जवाब में कोई किताबी या पहले से रटा हुआ जवाब दे देते हैं, जिससे इंटरव्यू बिगड़ने का खतरा बढ़ जाता है. इंटरव्यूअर असल में यह देखना चाहता है कि आपके पास करियर को लेकर कोई साफ नजरिया है या नहीं और क्या आप उनकी कंपनी के साथ लंबे समय तक बने रहने का इरादा रखते हैं. अगर आप किसी अहम इंटरव्यू की तैयारी कर रहे हैं, तो इस सवाल का दमदार जवाब बनाने के लिए 5 जरूरी बातों का ध्यान रखना होगा.
पहली बात, गोल्स ऐसे रखें जो हकीकत के करीब हों
जवाब देते वक्त बड़ी-बड़ी और हवा-हवाई बातें करने से बचना चाहिए. यह कहना कि "5 साल में मैं इस कंपनी का सीईओ बन जाऊंगा", सुनने में भले ही महत्वाकांक्षी लगे, लेकिन इससे उल्टा असर पड़ सकता है. इसकी जगह बेहद प्रैक्टिकल तरीके से अपने गोल्स को समझाना चाहिए. इंटरव्यूअर को यह बताना बेहतर रहता है कि आने वाले सालों में आप अपनी स्किल्स को किस तरह अपग्रेड करना चाहते हैं और किस तरह की नई जिम्मेदारियां संभालने के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं.
दूसरी बात, अपने लक्ष्यों को कंपनी के लक्ष्यों से जोड़ें
इंटरव्यूअर यह भी जानना चाहता है कि आपके पर्सनल गोल्स कंपनी के गोल्स से मेल खाते हैं या नहीं. इसलिए जवाब देने से पहले कंपनी के लक्ष्यों और उसके बिजनेस मॉडल को अच्छी तरह समझ लेना जरूरी है. जवाब कुछ ऐसा होना चाहिए जिससे यह झलके कि जैसे-जैसे कंपनी आगे बढ़ेगी, वैसे-वैसे आपका भी विकास होता जाएगा. दोनों के लक्ष्यों के बीच तालमेल दिखना बेहद जरूरी है, तभी इंटरव्यूअर को भरोसा होगा कि आप सही फिट हैं.
तीसरी बात, लंबे समय तक टिके रहने का भरोसा दिलाएं
कोई भी कंपनी ऐसे कर्मचारी को नौकरी पर नहीं रखना चाहती जो 6 महीने या साल भर के भीतर ही नौकरी छोड़ दे. इसलिए जवाब से यह साफ झलकना चाहिए कि आप इस रोल और इस कंपनी में अपना लंबा भविष्य देख रहे हैं. इंटरव्यूअर को यह भरोसा दिलाना जरूरी है कि आप कंपनी के प्रति वफादार रहते हुए अपनी ग्रोथ देखना चाहते हैं, न कि मौका मिलते ही नौकरी बदल लेंगे.
चौथी बात, नई चीजें सीखने का जज्बा दिखाएं
करियर में आगे बढ़ने के लिए लगातार नई चीजें सीखते रहना बेहद जरूरी है. जवाब में यह जरूर जोड़ना चाहिए कि अगले 5 सालों में आप इस इंडस्ट्री की नई टेक्नोलॉजी, नए टूल्स या मैनेजमेंट स्किल्स को सीखकर उनमें महारत हासिल करना चाहते हैं. इससे यह जाहिर होता है कि आप एक "लाइफ-लॉन्ग लर्नर" हैं और नई चीजें सीखने से कभी नहीं कतराते.
पांचवीं बात, बताएं कि आपसे कंपनी को क्या फायदा होगा
सिर्फ यह पूछने के बजाय कि कंपनी आपको क्या देगी, यह भी साफ करना जरूरी है कि आप कंपनी को क्या दे सकते हैं. इस पेचीदा सवाल के जवाब में यह कहा जा सकता है कि 5 साल के अनुभव के बाद आप कंपनी के बड़े प्रोजेक्ट्स को लीड करने की स्थिति में होंगे, साथ ही टीम की प्रोडक्टिविटी बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाएंगे. कभी भी यह जवाब नहीं देना चाहिए कि "मैंने इस बारे में अभी कुछ सोचा नहीं है", क्योंकि इससे आपकी छवि खराब हो सकती है. इसकी जगह पूरी बातचीत को पॉजिटिव, फोकस्ड और महत्वाकांक्षी बनाए रखना चाहिए.
निष्कर्ष, सोच-समझकर दिया गया जवाब बनाता है फर्क
कुल मिलाकर, इस सवाल का जवाब देते समय हड़बड़ी में कुछ भी बोलने से बेहतर है कि थोड़ा रुककर सोच-समझकर जवाब दिया जाए. अगर करियर गोल्स प्रैक्टिकल हों, कंपनी के लक्ष्यों से तालमेल दिखे, लंबे समय तक टिके रहने का भरोसा मिले, सीखने की ललक झलके और कंपनी को होने वाले फायदे की झलक भी मिले, तो यह सवाल मुश्किल की बजाय आपके लिए मौका बन जाता है.













