क्रिकेट के गलियारों में इन दिनों अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार का नाम एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। अपनी धारदार गेंदबाजी से बल्लेबाजों को परेशान करने वाले इस खिलाड़ी ने घरेलू क्रिकेट में एक बार फिर अपनी उपयोगिता साबित कर दी है। उत्तर प्रदेश की इस घरेलू टी-20 प्रतियोगिता में उनके हालिया प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है और खेल प्रेमियों के बीच उनकी राष्ट्रीय टीम में वापसी को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है। दाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज ने अपनी शानदार गेंदबाजी का मुआयना कराते हुए एक बार फिर साबित कर दिया कि फॉर्म और अनुभव के मामले में उनका कोई सानी नहीं है।
क्वालीफायर मुकाबले में बरपाया कहर
लखनऊ के इकाना स्टेडियम में खेले गए महत्वपूर्ण मुकाबले में लखनऊ फाल्कन्स और मेरठ मावेरिक्स की टीमें आमने-सामने थीं। इस क्वालीफायर मैच में लखनऊ की कमान संभाल रहे भुवनेश्वर कुमार ने अपनी गेंदबाजी से ऐसा कोहराम मचाया कि विपक्षी टीम के होश उड़ गए। उन्होंने अपने निर्धारित चार ओवर के कोटे में बेहद किफायती गेंदबाजी करते हुए मात्र 10 रन खर्च किए और चार महत्वपूर्ण बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई। इस घातक गेंदबाजी के दौरान उन्होंने कुल 18 गेंदे ऐसी फेंकी जिन पर कोई रन नहीं बन सका। उनकी इस गेंदबाजी का ही नतीजा था कि मेरठ मावेरिक्स की पूरी टीम दबाव में आ गई और एक समय उनके सात विकेट मात्र 36 रन के स्कोर पर ही गिर गए थे।
कौन-कौन बने शिकार
इस मुकाबले के दौरान भुवनेश्वर कुमार ने शुरुआत से ही विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा। उन्होंने पारी की शुरुआत में ही मेरठ के ओपनर और विकेटकीपर अक्षय दुबे को मात्र 4 रन के निजी स्कोर पर आउट कर दिया। इसके बाद उन्होंने रितुराज शर्मा को शून्य पर, दिव्यांश राजपूत को 1 रन पर और दिव्यांश जोशी को 6 रन के स्कोर पर आउट किया। विपक्षी टीम की तरफ से कप्तान रिंकू सिंह ने सबसे ज्यादा 34 रन बनाए, लेकिन वे अपनी टीम को इस मुश्किल स्थिति से बाहर नहीं निकाल सके। अंततः लखनऊ फाल्कन्स ने इस मुकाबले को 47 रन के बड़े अंतर से अपने नाम कर लिया और टूर्नामेंट के खिताबी मुकाबले में प्रवेश कर लिया।
पहली बार फाइनल में पहुंची लखनऊ की टीम
इस रोमांचक मुकाबले में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी लखनऊ फाल्कन्स की शुरुआत इतनी आसान नहीं रही थी। टीम ने 19.4 ओवर में कुल 145 रन बनाए जिसमें ओपनर हिमांशु सिंह ने सर्वाधिक 61 रनों की शानदार पारी खेली। मेरठ की तरफ से गेंदबाजी करते हुए स्पिनर जीशान अंसारी ने 14 रन देकर तीन विकेट हासिल किए, लेकिन इसके बावजूद वे लखनऊ को एक चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचने से नहीं रोक पाए। यूपी टी-20 लीग के चार साल के इतिहास में यह पहला मौका है जब लखनऊ फाल्कन्स की टीम फाइनल मुकाबले तक पहुंचने में सफल रही है। अब इस टूर्नामेंट का खिताबी मुकाबला 6 सितंबर को खेला जाएगा जिसमें लखनऊ का सामना क्वालीफायर-2 की विजेता टीम से होगा।
अंतरराष्ट्रीय करियर और वापसी की उम्मीदें
प्रदर्शन के मामले में लगातार बेहतरीन खेल दिखा रहे इस गेंदबाज ने भारत के लिए अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला चार साल पहले 2022 में न्यूजीलैंड के खिलाफ नेपियर में खेला था। उस टी-20 मैच के बाद से उन्हें भारतीय टीम में खेलने का अवसर नहीं मिला है और चयनकर्ताओं ने उनसे दूरी बनाए रखी है। हालांकि, आईपीएल के बाद अब इस प्रांतीय टी-20 लीग में उनके लगातार बेहतरीन प्रदर्शन को देखकर उनके प्रशंसक सोशल मीडिया पर लगातार यह मांग कर रहे हैं कि उन्हें आगामी वनडे वर्ल्ड कप 2027 के मद्देनजर भारतीय टीम में एक बार फिर मौका दिया जाना चाहिए।



















