भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही पांच मैचों की T20I सीरीज का तीसरा मुकाबला बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया है। इस महत्वपूर्ण मैच में भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का निर्णय लिया है। सीरीज में बने रहने के लिहाज से टीम इंडिया के लिए यह मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण है। भारतीय टीम इस समय श्रृंखला में पीछे चल रही है, ऐसे में इस मैच को जीतकर सीरीज में वापसी करने का भारतीय टीम के पास यह बेहतरीन मौका है। मौसम और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कप्तान ने पिच का फायदा उठाने के लिए विपक्षी टीम को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया है।
भारतीय टीम में हुआ बदलाव और दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन
इस मुकाबले के लिए भारतीय टीम प्रबंधन ने अपनी अंतिम एकादश में एक बदलाव किया है। स्पिनर रवि बिश्नोई को इस मैच की प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली है और उनके स्थान पर प्रिंस यादव को टीम में शामिल किया गया है। वहीं दूसरी तरफ, मेजबान इंग्लैंड की टीम ने अपनी पुरानी लय को बरकरार रखते हुए अपनी प्लेइंग इलेवन में कोई भी बदलाव नहीं करने का फैसला किया है।
इंग्लैंड की प्लेइंग इलेवन: फिलिप साल्ट, जोस बटलर (विकेटकीपर), हैरी ब्रुक (कप्तान), जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, सैम कुरेन, विल जैक्स, लियाम डॉसन, जोफ्रा आर्चर, आदिल राशिद, जोश टंग।
भारत की प्लेइंग इलेवन: अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), शिवम दुबे, तिलक वर्मा, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, प्रिंस यादव, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती।
सीरीज की मौजूदा स्थिति और कप्तान श्रेयस अय्यर पर दबाव
इस पांच मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला बारिश के कारण बिना कोई गेंद फेंके रद्द हो गया था। इसके बाद मैनचेस्टर में खेले गए दूसरे रोमांचक T20I मैच में इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को चार विकेट से शिकस्त दी थी। इस जीत के साथ ही इंग्लिश टीम सीरीज में 1-0 से आगे चल रही है। भारत को सीरीज जीतने की उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए बाकी बचे तीन मैचों में से आज का मैच हर हाल में जीतना होगा। पिछले मैच में भारत की तरफ से युवा और आक्रामक बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपना अंतरराष्ट्रीय T20I डेब्यू किया था, हालांकि वह अपनी बल्लेबाजी से टीम को जीत की दहलीज तक नहीं पहुंचा सके थे।
यह मुकाबला नए कप्तान श्रेयस अय्यर के नेतृत्व कौशल की भी कड़ी परीक्षा लेगा। कप्तानी की बागडोर संभालने के बाद से अय्यर का रिकॉर्ड बहुत ज्यादा प्रभावशाली नहीं रहा है। उनके नेतृत्व में खेले गए पिछले चार मुकाबलों में से भारत को तीन में हार का सामना करना पड़ा है, जिसमें आयरलैंड के खिलाफ मिली 2-0 की सीरीज हार भी शामिल है। ऐसे में श्रेयस अय्यर के लिए कप्तान के तौर पर अपनी पहली बड़ी जीत दर्ज करने और खुद को साबित करने का यह एक शानदार और दबाव भरा अवसर है।











