टीम इंडिया के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने खुलासा किया है कि 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय डेब्यू से पहले किसी खास तैयारी या अलग ट्रेनिंग की जरूरत नहीं पड़ी, क्योंकि टीम में चुने जाते ही यह युवा बल्लेबाज मैदान में उतरने के लिए मानसिक रूप से तैयार था. भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरे टी20 मुकाबले से पहले पत्रकारों से बातचीत में कोटक ने टीम मैनेजमेंट की रणनीति से जुड़ी अंदर की बातें साझा कीं.
चुने जाते ही तैयार था सूर्यवंशी
कोटक ने साफ किया कि सूर्यवंशी को डेब्यू के लिए अचानक तैयार नहीं किया गया, बल्कि जिस दिन से उसका नाम टीम में शामिल हुआ, वह उसी दिन से मैच खेलने के लिए मानसिक रूप से तैयार था. उन्होंने कहा, 'टीम में चुने जाने के बाद से ही वह डेब्यू के लिये तैयार था. ऐसा नहीं है कि वह पिछले मैच में ही तैयार हुआ.' कोटक ने आगे बताया कि टीम प्रबंधन की सोच बेहद सीधी थी, 'हमारे लिये यही अहम था कि वह जैसा आज तक खेलता आया है, वैसे ही खेले. कोई खास निर्देश उसे नहीं दिये गए कि यह करना है या यह नहीं करना है.' यानी कोच और सपोर्ट स्टाफ ने जानबूझकर सूर्यवंशी की स्वाभाविक बल्लेबाजी शैली में दखल नहीं दिया, ताकि दबाव में आकर वह अपना नैसर्गिक खेल न भूल जाए.
गौरतलब है कि 15 वर्ष 99 दिन की उम्र में वैभव सूर्यवंशी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले सबसे युवा भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं. उन्होंने पिछले सप्ताह इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में यह ऐतिहासिक डेब्यू किया था.
नए कप्तान के साथ बदलाव के दौर में टीम
कोटक ने यह भी माना कि भारतीय टीम इस समय बदलाव के दौर से गुजर रही है. टीम की कमान अब नए कप्तान श्रेयस अय्यर के हाथ में है और हार्दिक पंड्या जैसा अनुभवी हरफनमौला फिलहाल टीम का हिस्सा नहीं है. उन्होंने कहा, 'हमारा प्रयास तीनों विभागों बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण में बेहतर प्रदर्शन करना है. पिछले विश्व कप से अगले दो साल में होने वाले विश्व कप तक, उससे आगे के स्तर पर कैसे पहुंचा जाये क्योंकि हर टीम प्रदर्शन बेहतर करने की कोशिश में लगी है.' उनका इशारा साफ था कि सिर्फ मौजूदा नतीजों से नहीं, बल्कि लंबी अवधि की योजना से टीम का मूल्यांकन होना चाहिए.
तीन मैच हारते ही आलोचना शुरू हो गई
कोटक ने हाल की हार पर हो रही आलोचना का भी खुलकर जवाब दिया. उन्होंने कहा, 'पिछले दो साल में हम कोई सीरीज नहीं हारे थे. हमने टी20 विश्व कप, टी20 एशिया कप जीता, लेकिन तीन मैच हारने के बाद लोग कहने लगे कि हम हार रहे हैं. यह खेल का स्वभाव है.' उन्होंने माना कि मौजूदा दौर बदलाव का है, 'कई बार बदलाव का दौर होता है. नया कप्तान है, हार्दिक टीम में नहीं हैं और तीन चार नये खिलाड़ियों को मौका देने की कोशिश है.' साथ ही उन्होंने यह भी स्वीकार किया, 'हारना नहीं चाहिये था, लेकिन ऐसा होता है. हमारी टीम का प्रयास प्रदर्शन बेहतर करते रहना है.' इस बयान से साफ है कि टीम प्रबंधन नए खिलाड़ियों को मौका देने और भविष्य की मजबूत टीम बनाने की दिशा में दीर्घकालिक रणनीति पर काम कर रहा है, भले ही इसके लिए तत्काल कुछ मैचों में हार का सामना करना पड़े.











