राजस्थान के जोधपुर शहर में प्रेम प्रसंग के बाद भारी रकम और संपत्ति मांगने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक युवक ने आरोप लगाया है कि शादी के दौरान शुरू हुई सामान्य पहचान जब विवाह के प्रस्ताव तक पहुंची, तो युवती के तेवर पूरी तरह बदल गए। युवती पर आरोप है कि उसने शादी से पहले 50 लाख रुपये नकद, मकान और अन्य जायदाद अपने नाम करने की अनुचित मांग रख दी। युवक का कहना है कि जब उसने इन शर्तों को मानने से साफ मना कर दिया, तो उसे बलात्कार के झूठे मुकदमे में फंसाने और पूरे कुनबे को सलाखों के पीछे भिजवाने की खुली धमकियां दी जाने लगीं।
शादी समारोह में मुलाकात से प्रेम प्रसंग की शुरुआत
पीड़ित युवक द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, इस पूरे रिश्ते की शुरुआत अक्टूबर 2025 में हुई थी। युवक उस दौरान एक वैवाहिक समारोह में शामिल होने गया था, जहां उसकी मुलाकात उक्त युवती से हुई। बातचीत का सिलसिला आगे बढ़ा और दोनों के बीच अच्छी दोस्ती हो गई। वक्त बीतने के साथ यह दोस्ती गहरे प्रेम संबंध में तब्दील हो गई। युवक का दावा है कि इस दौरान दोनों एक-दूसरे से आपसी सहमति के आधार पर मिलते-जुलते रहे और उनके बीच सामान्य संबंध रहे।
दोनों के बीच जब रिश्ते को आगे बढ़ाते हुए विवाह करने की बात उठी, तभी से परिस्थितियों ने अचानक करवट ले ली। युवक का कहना है कि विवाह की चर्चा छिड़ते ही युवती का बर्ताव पहले जैसा नहीं रहा और उसमें भारी बदलाव देखने को मिला। इसके बाद युवती ने रिश्ते को आगे बढ़ाने के लिए कई तरह की अनुचित शर्तें थोपना शुरू कर दिया, जिसके केंद्र में मोटी रकम और अचल संपत्ति की मांग थी।
50 लाख रुपये, मकान और संपत्ति अपने नाम कराने की शर्त
युवक ने अपनी शिकायत में विस्तार से बताया है कि युवती ने सीधे तौर पर 50 लाख रुपये नकद देने का दबाव बनाया। इसके अलावा उसने यह शर्त भी रख दी कि युवक अपना मकान और अन्य संपत्तियां भी कानूनी तौर पर उसके नाम ट्रांसफर करे। जब युवक ने इन अनुचित और अचानक रखी गई शर्तों को पूरा करने में असमर्थता जताई और इनकार किया, तो युवती ने आक्रामक रुख अपना लिया।
युवक का गंभीर आरोप है कि इनकार सुनते ही युवती ने उसे संगीन कानूनी मामलों में फंसाने की धमकी दी। उसने कहा कि यदि उसकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वह युवक पर बलात्कार का झूठा मुकदमा दर्ज करवा देगी। इसके साथ ही युवक के पूरे परिवार को जेल भिजवाने का डर दिखाया गया, जिससे युवक और उसके परिजन भारी मानसिक तनाव में आ गए।
मीडिया में बदनाम करने और परिजनों द्वारा दबाव बनाने का आरोप
युवक का यह भी कहना है कि युवती की ओर से सिर्फ कानूनी कार्रवाई की ही नहीं, बल्कि सामाजिक स्तर पर चरित्र हनन करने की भी साजिश रची गई। युवती ने धमकी दी कि यदि मांगी गई रकम और मकान उसके हवाले नहीं किए गए, तो वह मीडिया को बुलाकर पूरे मामले को उछाल देगी और समाज में युवक व उसके परिवार की प्रतिष्ठा पूरी तरह नष्ट कर देगी।
शिकायत में केवल युवती ही नहीं, बल्कि उसके कुछ रिश्तेदारों पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। युवक ने बताया कि युवती की मौसी और परिवार के अन्य सदस्य लगातार फोन करके उसे प्रताड़ित कर रहे थे। अलग-अलग नंबरों से संपर्क साधकर उस पर हर मुमकिन तरीके से मनोवैज्ञानिक और सामाजिक दबाव बनाया जा रहा था ताकि वह 50 लाख रुपये और संपत्ति की मांगों के आगे झुक जाए।
कमिश्नर से शिकायत के बाद कोर्ट का दरवाजा, देवनगर थाने में एफआईआर
लगातार मिल रही धमकियों और प्रताड़ना से परेशान होकर युवक ने कानूनी सहारा लेने का फैसला किया। उसने जुलाई 2026 में जोधपुर पुलिस कमिश्नर को पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए एक लिखित शिकायत सौंपी थी। हालांकि युवक का आरोप है कि कमिश्नर के समक्ष गुहार लगाने के बावजूद उस समय कोई ठोस पुलिसिया कार्रवाई नहीं की गई और मामला अधर में लटका रहा।
पुलिस से फौरी राहत न मिलने पर युवक ने न्यायालय की शरण ली। उसने सक्षम अदालत में इस्तगासा दायर कर न्याय की गुहार लगाई। अदालत के कड़े रुख और निर्देशों के बाद जोधपुर के देवनगर थाना पुलिस ने हरकत में आते हुए मामले में विधिवत एफआईआर दर्ज की है। देवनगर थाना पुलिस ने अब इस पूरे प्रकरण की गहनता से तफ्तीश शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों के दावों और तथ्यों की बारीकी से पड़ताल की जाएगी, जिसमें रेप के झूठे केस में फंसाने, परिवार को जेल भिजवाने, 50 लाख रुपये और संपत्ति ऐंठने तथा मीडिया में बदनाम करने की धमकियों के तमाम पहलुओं की जांच शामिल है।



















