अमेरिका में जून के महंगाई के आंकड़े बाजार की उम्मीद से नरम आने के बाद मंगलवार को क्रिप्टो बाजार में तेजी का माहौल लौट आया। कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स यानी CPI की रिपोर्ट सामने आते ही निवेशकों का भरोसा बढ़ा और बिटकॉइन 64,000 डॉलर के स्तर को पार कर गया, जबकि बड़े ऑल्टकॉइन्स ने भी अच्छी छलांग लगाई।
महंगाई का दबाव कम होने का संकेत मिलते ही खरीदारों ने बाजार में लौटना शुरू किया। इसकी सबसे बड़ी वजह यह रही कि आंकड़े न सिर्फ पिछले महीने के मुकाबले घटे, बल्कि विश्लेषकों के अनुमान से भी नीचे रहे, जिससे यह उम्मीद बंधी कि आने वाले वक्त में हालात क्रिप्टो के लिए और अनुकूल हो सकते हैं।
महंगाई पांच महीने में पहली बार घटी
अमेरिका के ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स के आंकड़ों के मुताबिक, सालाना महंगाई दर जून 2026 में घटकर 3.5% रह गई, जो मई में 4.2% थी। यह लगातार पांच महीनों में पहली गिरावट है और बाजार के 3.8% के आम अनुमान से भी कम है। यही वजह है कि इस आंकड़े ने निवेशकों की धारणा को तुरंत बदल दिया।
सिर्फ मुख्य महंगाई ही नहीं, बल्कि कोर CPI में भी नरमी दिखी। खाने-पीने और ऊर्जा की कीमतों को छोड़कर तैयार होने वाला कोर CPI घटकर 2.6% पर आ गया, जो 2.8% के बाजार अनुमान से नीचे है। जब मुख्य और कोर, दोनों आंकड़े उम्मीद से कमजोर आते हैं, तो इसे महंगाई के ठंडा पड़ने का पुख्ता संकेत माना जाता है।
तेल की कीमतों और सीजफायर का असर
महंगाई में इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ी भूमिका ऊर्जा की सस्ती कीमतों की रही। अमेरिका और ईरान के बीच हुए अस्थायी सीजफायर के बाद वैश्विक तेल बाजारों पर बना दबाव कुछ कम हुआ, जिससे ऊर्जा के दाम नीचे आए। तेल सस्ता होने का सीधा असर पूरे महंगाई आंकड़े पर पड़ा और इसी ने कीमतों को नीचे खींचने में अहम भूमिका निभाई।
बिटकॉइन और ऑल्टकॉइन्स में उछाल
आंकड़े आने के बाद बिटकॉइन (BTC) 64,000 डॉलर के ऊपर पहुंच गया और पिछले 24 घंटों में इसमें 2.4% की बढ़त दर्ज हुई। बड़े ऑल्टकॉइन्स ने इससे भी तेज रफ्तार पकड़ी। एथेरियम (ETH) में 5.6%, XRP में 2.9% और सोलाना (SOL) में 2.0% की तेजी आई।
यह उछाल सिर्फ बड़े सिक्कों तक सीमित नहीं रहा। मीम कॉइन और प्राइवेसी से जुड़े टोकन जैसी दूसरी श्रेणियों में भी 3 से 4% तक की बढ़त देखने को मिली। कुल मिलाकर बाजार का यह उभार इस भरोसे को दर्शाता है कि महंगाई नरम पड़ने से क्रिप्टो के लिए माहौल और सहूलियत भरा बन सकता है।
तेजी के साथ लिक्विडेशन की लहर
कीमतों में इस तेज उछाल ने डेरिवेटिव बाजार में लिक्विडेशन की एक बड़ी लहर को भी जन्म दिया। कॉइनग्लास के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में 85,000 से ज्यादा ट्रेडर्स के सौदे लिक्विडेट हुए और कुल लिक्विडेशन का आंकड़ा 376 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया।
सबसे बड़ा झटका एथेरियम में लगा, जहां कुल 127 मिलियन डॉलर का लिक्विडेशन हुआ। इसमें से 112 मिलियन डॉलर उन ट्रेडर्स के थे जिन्होंने गिरावट पर दांव लगाया था यानी शॉर्ट पोजीशन ली थी। जब कीमत तेजी से ऊपर गई, तो इन शॉर्ट सौदों को भारी नुकसान झेलना पड़ा।
बिटकॉइन में 113 मिलियन डॉलर का लिक्विडेशन दर्ज हुआ, जिसमें से 105 मिलियन डॉलर शॉर्ट पोजीशन से आया। वहीं सोलाना में कुल 13 मिलियन डॉलर का लिक्विडेशन रहा, जिसमें लॉन्ग पोजीशन की हिस्सेदारी 8 मिलियन डॉलर और शॉर्ट पोजीशन की 5.5 मिलियन डॉलर रही। इन आंकड़ों से साफ है कि बाजार का बड़ा हिस्सा इस तेजी की उम्मीद नहीं कर रहा था।
आगे क्या मायने रखता है
महंगाई का नरम पड़ना निवेशकों के लिए इसलिए अहम है क्योंकि इससे जोखिम भरी संपत्तियों की तरफ पैसा लौटने की उम्मीद बढ़ जाती है। बिटकॉइन और बड़े ऑल्टकॉइन्स की इस मजबूती को इसी बदलती धारणा के आईने में देखा जा रहा है। हालांकि बाजार की चाल आगे भी नए आंकड़ों और वैश्विक हालात पर निर्भर करेगी, लेकिन फिलहाल कमजोर महंगाई रीडिंग ने क्रिप्टो निवेशकों को राहत और भरोसा, दोनों दिए हैं।











