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महंगाई और तेल संकट के बीच बिटकॉइन फिसला, 59,000 डॉलर पर मिला सहाराक्रिप्टो
25 जून 2026, 1:19 pm (45 दिन पहले)· 3

महंगाई और तेल संकट के बीच बिटकॉइन फिसला, 59,000 डॉलर पर मिला सहारा

बिटकॉइन एक बार फिर गिरकर थोड़ी देर के लिए 59,000 डॉलर तक पहुंचा और फिर 60,000 डॉलर के दायरे में लौट आया। बीते एक महीने में इसमें 20% से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है।

क्रिप्टो बाजार पर एक बार फिर दबाव साफ दिख रहा है। बड़े वित्तीय बाजार में मचे डर के बीच बिटकॉइन (BTC) की कीमत में नई गिरावट आई है। दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी कुछ पल के लिए फिसलकर 59,000 डॉलर के स्तर तक पहुंच गई, लेकिन इसके बाद यह दोबारा 60,000 डॉलर के दायरे में लौट आई। आंकड़े बताते हैं कि बीते एक महीने में BTC में 20% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है। इससे पहले 6 जून 2026 को भी यह 60,000 डॉलर के नीचे जा चुका था। ताजा गिरावट से एक बात साफ है कि 59,000 डॉलर के स्तर पर बिटकॉइन को फिलहाल कुछ सहारा मिल रहा है। आइए समझते हैं कि आखिर बिटकॉइन की कीमत क्यों गिर रही है और आगे इसका रुख कैसा रह सकता है।

आखिर फिर क्यों टूटा बिटकॉइन

इस महीने की शुरुआत में आई गिरावट की एक बड़ी वजह अमेरिका की महंगाई रही। मई 2026 में अमेरिका में महंगाई दर बढ़कर 4.2% तक पहुंच गई। बढ़ते उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) से निपटने के लिए फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को जस का तस बनाए रखने का फैसला किया। बाजार के कई लोग मानते हैं कि फेडरल रिजर्व इस साल किसी समय ब्याज दरें बढ़ा सकता है। आमतौर पर जब ब्याज दरें ऊंची होती हैं, तो निवेशक जोखिम भरे निवेश से दूरी बना लेते हैं।

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बिटकॉइन की हालिया गिरावट टेक शेयरों में आई कमजोरी के तुरंत बाद आई है। बड़ी टेक कंपनियों से भारी पैमाने पर पैसा बाहर निकल रहा है। शेयर बाजार की यही गिरावट क्रिप्टो बाजार तक भी पहुंच गई। इसके पीछे अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले शांति समझौते को लेकर पैदा हुई आशंकाएं भी एक कारण रहीं। ईरान ने इसके लिए लेबनान पर इजरायल के हमलों को एक बड़ी वजह बताया है। अगर शांति समझौता पक्का नहीं होता, तो कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आ सकता है। ऐसी स्थिति अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ डालेगी और इन हालात में बिटकॉइन पीछे की कतार में चला जाता है।

क्या बिटकॉइन में दोबारा तेजी लौटेगी

हो सकता है कि बिटकॉइन इस समय अपने सबसे निचले स्तर पर ही कारोबार कर रहा हो। एंथनी स्कारामुची ने भी हाल ही में कुछ ऐसी ही बात दोहराई। स्कारामुची का कहना है कि बिटकॉइन अपने चार साल के चक्र के हिसाब से चल रहा है और इस साल जुलाई में यह 70,000 डॉलर तक पहुंच सकता है। अगर BTC वाकई अपने चार साल के चक्र पर चल रहा है, तो अगला शिखर 2029 में देखने को मिल सकता है, यानी 2025 में बने सर्वकालिक उच्च स्तर के ठीक चार साल बाद।

एक और कारक जो बिटकॉइन की कीमत को ऊपर धकेल सकता है, वह है अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते का पक्का होना। ऐसा कदम निवेशकों के भरोसे को बढ़ा सकता है।

सवाल-जवाब

बिटकॉइन की कीमत कितने तक गिर गई थी?
बिटकॉइन कुछ देर के लिए गिरकर 59,000 डॉलर के स्तर तक पहुंच गया, फिर दोबारा 60,000 डॉलर के दायरे में लौट आया।
बीते एक महीने में बिटकॉइन में कितनी गिरावट आई है?
आंकड़ों के मुताबिक बीते एक महीने में BTC में 20% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है।
बिटकॉइन फिर से क्यों गिर रहा है?
अमेरिका में बढ़ती महंगाई, टेक शेयरों में कमजोरी और अमेरिका-ईरान शांति समझौते को लेकर आशंकाएं इसकी प्रमुख वजहें हैं।
मई 2026 में अमेरिका की महंगाई दर कितनी रही?
मई 2026 में अमेरिका में महंगाई दर बढ़कर 4.2% तक पहुंच गई।
एंथनी स्कारामुची का बिटकॉइन को लेकर क्या कहना है?
स्कारामुची का कहना है कि बिटकॉइन अपने चार साल के चक्र पर चल रहा है और इस साल जुलाई में 70,000 डॉलर तक पहुंच सकता है।
बिटकॉइन को किस स्तर पर सहारा मिल रहा है?
ताजा गिरावट से संकेत मिलता है कि 59,000 डॉलर के स्तर पर बिटकॉइन को फिलहाल कुछ सहारा मिल रहा है।
बिटकॉइन का अगला शिखर कब आ सकता है?
अगर BTC अपने चार साल के चक्र पर चलता है, तो 2025 के सर्वकालिक उच्च स्तर के चार साल बाद यानी 2029 में अगला शिखर देखने को मिल सकता है।
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