क्रिप्टो बाजार में लंबे समय से चली आ रही गिरावट के बीच अब कुछ राहत भरे संकेत उभरने लगे हैं। XRP भले ही 2026 के अपने सबसे निचले स्तरों के आसपास ही कारोबार कर रहा हो, लेकिन तकनीकी तस्वीर बता रही है कि बिकवाल अब धीरे धीरे थकने लगे हैं। उधर बिटकॉइन ने 60,000 डॉलर का स्तर बार बार संभाला है और एथेरियम भी एक स्थानीय तल बनाने की कोशिश में जुटा है। तीनों बड़ी डिजिटल करेंसी की चाल इस वक्त एक जैसी कहानी कह रही है, दबाव बरकरार है, मगर पैनिक वाली बिकवाली का जोर घट चुका है।
XRP: निचले स्तर पर मजबूती की परीक्षा
ताजा कारोबार में XRP करीब 1.08 डॉलर के आसपास घूम रहा है। शॉर्ट टर्म रेजिस्टेंस से एक बार फिर पलटने के बाद यह उसी सपोर्ट जोन को परख रहा है जिसने फरवरी की बड़ी गिरावट को रोका था और जहां से जोरदार रिकवरी देखने को मिली थी। यही वजह है कि इस साल XRP के लिए यह स्तर सबसे अहम कीमती बिंदुओं में गिना जा रहा है, क्योंकि बाजार अक्सर किसी बड़े पलटाव से पहले इन्हीं डिमांड जोन की ओर लौटते हैं।
हालांकि लंबी अवधि के मूविंग एवरेज अब भी नीचे की ओर ढले हुए हैं। पहले जो 1.28 डॉलर का स्तर सपोर्ट का काम करता था, वही अब एक मजबूत रेजिस्टेंस बन चुका है। जब तक यह स्तर दोबारा हासिल नहीं होता, कुल मिलाकर रुझान कमजोर ही माना जाएगा। लेकिन बाजार ज्यादा देर तक एक ही दिशा में नहीं चलते।
दिलचस्प बात यह है कि निवेशकों की उम्मीद और बाजार के मूड के बीच का फासला लगातार बढ़ रहा है। बहुत से ट्रेडर अब और गिरावट का अनुमान लगा रहे हैं, ऐसे में हालात में जरा सा सुधार भी उम्मीद से कहीं ज्यादा तेज राहत वाली रैली ला सकता है। अगर खरीदार XRP को 1.18 डॉलर के ऊपर धकेलने और 1.05 से 1.10 डॉलर के सपोर्ट जोन को बचाने में कामयाब रहते हैं, तो ध्यान दोबारा बड़े दायरे की रिकवरी की ओर मुड़ सकता है।
बिटकॉइन: 60,000 डॉलर पर डटा, बड़ी चाल की आहट
बिटकॉइन एक बार फिर निवेशकों के सब्र की परीक्षा ले रहा है। 80,000 डॉलर के इलाके से 60,000 डॉलर के निचले स्तरों तक की तीखी गिरावट के बाद बाजार अब भी एक चौड़े कंसोलिडेशन में फंसा है। जून के दौरान दबाव बना रहा, फिर भी संकेत मिल रहे हैं कि कोई बड़ी चाल नजदीक हो सकती है।
लाइव आंकड़ों के मुताबिक इस वक्त बिटकॉइन करीब 60,930 डॉलर पर है, जो पिछले बंद भाव 62,668 डॉलर से 2.77 फीसदी नीचे है। तकनीकी रूप से देखें तो यह अब भी अपने अहम मूविंग एवरेज, जैसे ढलते हुए 50 दिन और 100 दिन के रुझानों के नीचे है। 14 दिन का RSI लाइव डेटा में करीब 33 पर है, जो ओवरसोल्ड क्षेत्र के नजदीक की कमजोरी दिखाता है। बड़े ढांचे में बिकवालों का पलड़ा अब भी भारी है।
लेकिन कहानी का दूसरा पहलू भी है। चार्ट की सबसे अहम बात यह है कि बिटकॉइन ने 60,000 से 61,000 डॉलर के दायरे को लगातार बचाया है। इसी महीने हुई जोरदार बिकवाली यानी कैपिचुलेशन के बाद बिकवाल दोबारा घबराहट वाली बिक्री की लहर नहीं भड़का पाए। इसके उलट बिटकॉइन एक तुलनात्मक रूप से तंग दायरे में आ गया, जो इशारा करता है कि बिकवाली का दबाव धीरे धीरे कम पड़ रहा है।
वॉल्यूम का व्यवहार भी इसी समझ को बल देता है। शुरुआती गिरावट के दौरान वॉल्यूम में सबसे बड़ा उछाल आया था, जो मजबूरी में हुई बिकवाली और बड़े पैमाने पर लिक्विडेशन का संकेत था। लाइव डेटा में अभी कारोबारी हलचल 20 दिन के औसत से करीब 1.38 गुना है, मगर शुरुआती झटके के बाद से गतिविधि सामान्य पटरी पर लौट आई है। ऐसा अक्सर तब होता है जब बाजार किसी और बड़ी गिरावट की ओर बढ़ने के बजाय एक स्थानीय तल बनाने लगता है।
जब तक बिटकॉइन इन अहम स्तरों के नीचे कारोबार करता है, मंदी वाला परिदृश्य कायम रहेगा। लेकिन यह जितना लंबा वक्त हाल के निचले स्तरों के ऊपर बिना लुढ़के बिताएगा, उतनी ही ज्यादा संभावना है कि बाजार एक ज्यादा दमदार वापसी की तैयारी कर रहा है।
एथेरियम: तीखी गिरावट के बाद ठहराव की कोशिश
साल की सबसे बड़ी गिरावटों में से एक झेलने के बाद एथेरियम अब स्थिरता के दौर में दाखिल होता दिख रहा है। दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी ETH इस वक्त 1,650 से 1,700 डॉलर के दायरे में कारोबार कर रही है और कई अहम सपोर्ट स्तरों को तोड़ने वाली तेज बिकवाली के बाद एक स्थानीय तल बनाने की कोशिश में है।
एथेरियम अब भी चार्ट पर सभी बड़े मूविंग एवरेज से साफ नीचे है, जो बताता है कि कुल रुझान अब भी नकारात्मक है। बीते कुछ महीनों में बाजार के ढांचे को हुए भारी नुकसान की झलक 50, 100 और 200 दिन के मूविंग एवरेज में दिखती है, जो लगातार नीचे की ओर ढले हुए हैं।
किसी कैपिचुलेशन यानी हार मानकर हुई बड़ी बिकवाली के बाद इस तरह की कीमती चाल अक्सर दिखाती है कि बाजार के खिलाड़ी अब उचित मूल्य का आकलन कर रहे हैं। वॉल्यूम का पैटर्न भी इसी व्याख्या का समर्थन करता है। टूटन के दौरान सबसे ज्यादा कारोबारी हलचल देखी गई, जो घबराहट में हुई बिकवाली और मजबूरी वाले लिक्विडेशन की ओर इशारा करती है।













