क्रिप्टो की दुनिया में कुछ कहानियां ऐसी हैं जो सुनने में किसी फिल्म की पटकथा जैसी लगती हैं। ऐसी ही एक कहानी है शिबा इनु (SHIB) के एक शुरुआती निवेशक की, जिसने करीब 13,000 डॉलर लगाकर एक वक्त पर लगभग 8.9 अरब डॉलर की दौलत खड़ी कर ली। यह कोई बड़ा ट्रेडर या वित्तीय विशेषज्ञ नहीं था, बल्कि सही वक्त पर सही दांव लगाने वाला एक आम निवेशक था।
शिबा इनु की शुरुआत अगस्त 2020 में हुई थी और इसे डॉजकॉइन को टक्कर देने वाले मीमकॉइन के तौर पर देखा गया। लॉन्च के कुछ ही महीनों के भीतर इसकी कीमत में छह अंकों यानी लाखों फीसदी तक की उछाल देखने को मिली। जिन लोगों ने बहुत छोटी रकम लगाई थी, उन्हें भी बेहिसाब मुनाफा हुआ। यही वजह है कि लोग इस प्रोजेक्ट को 'करोड़पति बनाने वाली मशीन' कहने लगे। ट्रेडिंग या निवेश का कोई खास अनुभव न रखने वाले कई लोग करोड़ों डॉलर कमा बैठे और कुछ ने तो अपनी नौकरी तक छोड़ दी।
13 हजार डॉलर कैसे बन गए 8.9 अरब डॉलर
इस पुराने निवेशक ने प्रोजेक्ट के शुरुआती दौर में ही 13,000 डॉलर लगाए थे। अक्टूबर 2021 में जब शिबा इनु अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर 0.00008616 डॉलर पर पहुंचा, तो यही छोटी सी रकम बढ़कर 8.9 अरब डॉलर हो गई। हालांकि बीते कुछ सालों में SHIB की कीमत पर बुरी मार पड़ी है।
30 अप्रैल 2026 को इस व्हेल ने करीब 800 अरब SHIB टोकन बेचे, जिनकी कीमत लगभग 4.9 मिलियन डॉलर थी। इतनी बिकवाली के बाद भी अरखम के आंकड़ों के मुताबिक इस निवेशक के पास आज भी करीब 625 मिलियन डॉलर के शिबा इनु टोकन मौजूद हैं।
क्या अब भी इस मीमकॉइन से बड़ी कमाई मुमकिन है?
शिबा इनु खासकर युवा निवेशकों के बीच बेहद लोकप्रिय हुआ, जो कम पैसे लगाकर क्रिप्टो में बड़ा हाथ मारना चाहते थे। 2021 की जोरदार रैली देखकर बहुत से लोग इसकी तरफ खिंचे चले आए, लेकिन दिक्कत यह रही कि उनमें से ज्यादातर ने इसे ठीक उसके सबसे ऊंचे दाम पर खरीदा। कॉइनगेको के आंकड़े बताते हैं कि SHIB इस वक्त अपने रिकॉर्ड स्तर से करीब 95% नीचे है। यही वजह है कि इसे थामे बैठे ज्यादातर निवेशक इस समय भारी घाटे में हैं।
शिबा इनु की 2021 वाली रैली के पीछे सबसे बड़ी वजहों में से एक था विटालिक ब्यूटेरिन का टोकन बर्न। एथेरियम के सह-संस्थापक को लॉन्च के बाद SHIB की कुल सप्लाई का आधा हिस्सा मिला था। ब्यूटेरिन ने अपने पास आए सिक्कों में से 90% को बर्न करने का फैसला किया, जिससे बाजार में SHIB की सप्लाई अचानक तेजी से घट गई। एक तरफ बेतहाशा मांग और दूसरी तरफ सप्लाई में आई इस गिरावट ने मिलकर कीमत को आसमान पर पहुंचा दिया।
फिलहाल शिबा इनु के करीब 589 ट्रिलियन सिक्के बाजार में चल रहे हैं। ब्यूटेरिन जैसा कोई और बड़ा बर्न अब होता नहीं दिखता। इतनी बड़ी सप्लाई और मौजूदा सुस्त मांग को देखते हुए यह उम्मीद करना मुश्किल है कि SHIB अपने 2021 वाले तेजी के दौर को दोबारा दोहरा पाएगा।













