सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी सामाजिक ड्रामा फिल्म 'द इंडिया स्टोरी' बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों को रिझाने में नाकामयाब साबित हो रही है। काजल अग्रवाल किचलू और श्रेयस तलपड़े जैसे नामचीन कलाकारों की मौजूदगी के बावजूद इस फिल्म को दर्शकों का बेहद ठंडा रिस्पॉन्स मिला है। रिलीज के पहले ही दिन इस गंभीर मुद्दे पर आधारित फिल्म के लिए थिएटर खाली नजर आए। बॉक्स ऑफिस पर इसे 'द ओडिसी' और 'जन नायकन' जैसी अन्य क्षेत्रीय और बड़ी फिल्मों से कड़ी टक्कर मिल रही है, जिसके चलते इसके पहले दिन के कलेक्शन पर काफी बुरा असर पड़ा है। हालांकि फिल्म एक बेहद संवेदनशील और जरूरी विषय को उठाती है, लेकिन यह सिनेमाप्रेमियों को खुद से जोड़ने में पीछे रह गई।
शुरुआती बॉक्स ऑफिस आंकड़ों के अनुसार, 'द इंडिया स्टोरी: स्लो पॉइज़न इन प्रोग्रेस' की शुरुआत भारतीय बाजार में काफी सुस्त रही है। पहले दिन इस फिल्म ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर लगभग 16 लाख रुपये का नेट कलेक्शन किया है। अगर ग्रॉस कलेक्शन की बात करें, तो यह आंकड़ा पूरे भारत में लगभग 18 लाख रुपये के आसपास पहुंचता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर या विदेशी बाजारों में फिल्म पहले दिन कोई भी खाता खोलने में असफल रही, यानी वहां से इसकी शून्य कमाई हुई। गौरतलब है कि इस फिल्म का निर्माण करीब 20 से 30 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट के साथ किया गया था, जिसके मुकाबले इसकी पहले दिन की कमाई बेहद चिंताजनक है।
फिल्म की स्टार कास्ट और निर्माण टीम
इस फिल्म का पूरा नाम 'द इंडिया स्टोरी: स्लो पॉइज़न इन प्रोग्रेस' है, जो मुख्य रूप से हिंदी भाषा में बनी एक सोशल ड्रामा फिल्म है। इस संवेदनशील कहानी का निर्देशन निर्देशक चेतन डीके ने किया है, जबकि इसके निर्माण की जिम्मेदारी निर्माता सागर बी. शिंदे ने उठाई है। फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे काजल अग्रवाल और श्रेयस तलपड़े के अलावा कई बेहतरीन कलाकारों ने काम किया है। इनमें अनुभवी अभिनेता मुरली शर्मा, मनीष वाधवा, बाल कलाकार तृषा सारडा, अतुल तिवारी, कमलेश सावंत और शाम मशालकर शामिल हैं। इन सभी कलाकारों ने कहानी के गंभीर रुख को पर्दे पर उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
खेती और स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर कहानी और शूटिंग का सफर
इस फिल्म की मुख्य कहानी आधुनिक कृषि व्यवस्था में इस्तेमाल होने वाले रासायनिक कीटनाशकों (पेस्टीसाइड) और इंसानी सेहत पर पड़ने वाले उनके खतरनाक और जानलेवा प्रभावों पर केंद्रित है। फिल्म दर्शाती है कि किस तरह खेती में अंधाधुंध दवाओं का छिड़काव हमारे जीवन में 'धीमे जहर' की तरह काम कर रहा है। फिल्म के निर्माण की बात करें तो 'द इंडिया स्टोरी' की मुख्य शूटिंग जनवरी 2025 में महाराष्ट्र के ऐतिहासिक शहर पुणे में शुरू की गई थी। इसके बाद मेकर्स ने उसी साल अक्टूबर में फिल्म की शूटिंग पूरी कर ली थी। फिल्म के कुछ बेहद महत्वपूर्ण हिस्सों को कोल्हापुर में भी फिल्माया गया है। इसके बाद, यह त्रिभाषी फिल्म 24 जुलाई, 2026 को हिंदी के साथ-साथ तमिल और तेलुगु भाषाओं में एक साथ रिलीज की गई।
प्रमोशन के दौरान खास मुलाकात
फिल्म के रिलीज से पहले इसके प्रचार-प्रसार के लिए पूरी टीम काफी सक्रिय थी। इसी दौरान मुख्य अभिनेत्री काजल अग्रवाल और श्रेयस तलपड़े ने महाराष्ट्र के चर्चित IAS अधिकारी तुकाराम मुंडे से विशेष मुलाकात की थी। तुकाराम मुंडे महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा और मानकों से जुड़े नियमों को बहुत ही सख्ती से लागू करने के लिए जाने जाते हैं। इस मुलाकात के बाद काजल ने सोशल मीडिया पर तुकाराम मुंडे और श्रेयस तलपड़े के साथ अपनी एक तस्वीर साझा की थी। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा था कि एक ऐसे व्यक्ति से मिलना बेहद प्रेरणादायक है जो हमेशा सही काम करने के लिए पूरी तरह समर्पित रहता है, भले ही इसके लिए कितनी भी कठिनाइयों का सामना करना पड़े। काजल ने आगे लिखा कि उनके जैसे मार्गदर्शक हमें यह याद दिलाते हैं कि ईमानदारी कोई असाधारण गुण नहीं है, बल्कि इसे एक सामान्य मानक होना चाहिए। अभिनेत्री ने यह भी कहा कि यह एक बेहद खूबसूरत संयोग है कि उनकी फिल्म 'द इंडिया स्टोरी' भी ठीक उसी संदेश को लोगों तक पहुंचाती है जिसका समर्थन तुकाराम मुंडे हमेशा से करते आए हैं।



















