झारखंड में राज्य स्तरीय परीक्षाओं में धांधली को लेकर जारी प्रदर्शन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने की घोषणा के बाद महत्वपूर्ण मोड़ आया है। हालांकि मुख्य आंदोलनकारियों ने भूख हड़ताल समाप्त कर दी है, लेकिन कई छात्र प्रतिनिधि CBI जांच और अन्य मांगों पर स्पष्टता मिलने तक प्रदर्शन जारी रखने पर अड़े हैं।
लाइवलाइव: झारखंड परीक्षा विरोध: हेमंत सोरेन सरकार ने JSSC-CGL परीक्षा की रद्द; देवेंद्र महतो का 16 दिन का अनशन समाप्त — 18 अगस्त 2026
झारखंड में राज्य स्तरीय परीक्षाओं में धांधली को लेकर जारी प्रदर्शन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने की घोषणा के बाद महत्वपूर्ण मोड़ आया है। हालांकि मुख्य आंदोलनकारियों ने भूख हड़ताल समाप्त कर दी है, लेकिन कई छात्र प्रतिनिधि CBI जांच और अन्य मांगों पर स्पष्टता मिलने तक प्रदर्शन जारी रखने पर अड़े हैं।
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JSSC की अधिसूचना वाकई वापस हुई या नहीं, यह देखना चाहते हैं: छात्र नेता
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा JSSC-CGL परीक्षा और TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने के ऐलान पर प्रतिक्रिया देते हुए छात्र नेता पीयूष कुमार ने कहा कि वे सबसे पहले यह पुष्टि करना चाहते हैं कि JSSC का नोटिफिकेशन वास्तव में वापस लिया गया है या नहीं। उन्होंने बताया कि TDPL ने ही अंतिम मेरिट सूची तैयार की थी। कुमार ने आगे कहा कि CDPO और FSO परीक्षाओं पर सरकार का क्या रुख है, यह अभी भी अस्पष्ट बना हुआ है। इसके अलावा, अभ्यर्थियों द्वारा मांगी गई 2018 की उम्र सीमा (कट-ऑफ) पर भी राज्य सरकार ने अपनी स्थिति साफ नहीं की है। CBI जांच पर सरकार की मंशा पर संदेह जताते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक इन तमाम बिंदुओं पर सहमति नहीं बन जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।जयपाल मुंडा स्टेडियम से सुबह के दृश्य: कुछ प्रदर्शनकारियों का अनशन खत्म, अन्य की हड़ताल जारी
जयपाल मुंडा स्टेडियम से आई सुबह की तस्वीरों में प्रदर्शनकारी राज्य की परीक्षाओं में हुई कथित धांधली की CBI जांच की मांग को लेकर अनशन जारी रखे हुए दिखे। देवेंद्र महतो के बाद दो और अनशनकारियों, प्रेम नायक और उम्मे हबीबा, ने भी अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी है। हालांकि, तीन अन्य प्रदर्शनकारी—राहुल क्रांति, सबिता कुमारी और रूपेश पाल—अभी भी अपना उपवास जारी रखे हुए हैं।जिद्दी होने की भी एक सीमा होती है: CBI जांच की मांग पर झारखंड की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह
झारखंड सरकार की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने मंगलवार (18 अगस्त, 2026) को परीक्षा में अनियमितताओं की CBI जांच कराने की प्रदर्शनकारियों की मांग को 'जिद्द' करार दिया। उन्होंने दावा किया कि 2015 से अब तक पेपर लीक के मामलों में यह केंद्रीय एजेंसी कोई ठोस परिणाम देने में नाकाम रही है। रांची में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान मंत्री ने आश्वासन दिया कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि झारखंड में सुधारों को लेकर शुरू हुए इस बड़े छात्र आंदोलन के प्रति सरकार हमेशा संवेदनशील रही है और मुख्यमंत्री खुद इसकी निगरानी कर रहे थे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि राज्य और छात्रों के हित में चलाया गया यह शांतिपूर्ण व रचनात्मक आंदोलन एक गरिमापूर्ण मोड़ पर खत्म हो रहा है, क्योंकि सरकार ने सभी मांगे मान ली हैं। CBI जांच के सवाल पर उन्होंने कहा कि रखी गई सभी मांगों को स्वीकार कर लिया गया है, लेकिन जिद्दी होने की भी एक हद होती है और मांगें ऐसी होनी चाहिए जिन्हें सरकार व्यावहारिक रूप से पूरा कर सके। ANIJPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के अध्यक्ष रवींद्र पासवान CBI जांच की मांग पर अड़े
झारखंड भर्ती परीक्षाओं की धांधली के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्र मंगलवार (18 अगस्त 2026) को अपना आंदोलन वापस लेने पर निर्णय ले सकते हैं, क्योंकि राज्य प्रशासन ने JSSC-CGL सहित 2014 से एक आउटसोर्स एजेंसी द्वारा कराई गई सभी भर्ती परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। हालांकि, प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के नेता रवींद्र पासवान ने स्पष्ट किया कि आंदोलन जारी रहेगा, क्योंकि परीक्षा गड़बड़ियों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की उनकी मुख्य मांग को अभी स्वीकार नहीं किया गया है।झारखंड परीक्षा गड़बड़ी में CID जांच की अद्यतन स्थिति
परीक्षा धांधली मामले की पड़ताल कर रही CID की टीम ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के कार्यालय में छापेमारी की। सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों ने JSSC सचिव सुधीर गुप्ता से पूछताछ की, जबकि CID की एक अलग टीम ने रांची में उनके आवास की तलाशी ली। इसके अलावा, CID ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की पूर्व सदस्य अजिता भट्टाचार्य के निजी सचिव रहे बी.एन. राम को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, 10 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किए गए JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांगते को 48 घंटे की लगातार पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने की घोषणा के बावजूद, छात्र CBI जांच की मांग पूरी होने तक अपना विरोध जारी रखेंगे।देवेंद्र नाथ महतो ने 16 दिनों से जारी अनशन तोड़ा
परीक्षा रद्द किए जाने और सरकारी कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए 16 दिनों से अनशन पर बैठे झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा, “मैं सभी आंदोलनकारी अभ्यर्थियों को बधाई देता हूं और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का भी धन्यवाद करता हूं जिन्होंने हमारी मांगों पर ध्यान दिया। अब सबसे जरूरी बात यह है कि जांच पूरी निष्पक्षता से हो और इसमें शामिल हर भ्रष्ट व्यक्ति पकड़ा जाए। इस गिरोह के सरगनाओं की गिरफ्तारी होनी चाहिए।” महतो ने झारखंड सरकार के मंत्रियों दीपिका पांडेय सिंह और इरफान अंसारी की मौजूदगी में रांची के सदर अस्पताल में अपना अनशन समाप्त किया।झारखंड सरकार ने रद्द की JSSC-CGL परीक्षा
राज्य में भर्ती परीक्षाओं में धांधली को लेकर छात्रों द्वारा शुरू किए गए विरोध प्रदर्शन के 24वें दिन, सोमवार (18 अगस्त 2026) की देर रात झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग-कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल (JSSC-CGL) परीक्षा को रद्द करने की घोषणा की। यह निर्णय चार घंटे तक चली आपातकालीन कैबिनेट बैठक में लिया गया। मुख्यमंत्री ने यह भी ऐलान किया कि काली सूची में डाली जा चुकी एजेंसी TSR डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) द्वारा 2014 से आयोजित की गई सभी परीक्षाएं रद्द मानी जाएंगी। उन्होंने आगे कहा कि राज्य में परीक्षा संचालन प्रणाली में सुधारों का सुझाव देने के लिए वरिष्ठ IAS अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया जाएगा।
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