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जी5 से 'सतलुज' हटने पर भड़के सुविंदर विक्की, कहा- सच्चाई को दबाने का सिलसिला अब भी बरकरारमनोरंजन
9 जुल॰ 2026, 6:46 am (46 दिन पहले)· 4

जी5 से 'सतलुज' हटने पर भड़के सुविंदर विक्की, कहा- सच्चाई को दबाने का सिलसिला अब भी बरकरार

दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' के ओटीटी रिलीज के महज दो दिन बाद हटा दिए जाने पर अभिनेता सुविंदर विक्की ने कड़ा विरोध जताया है। उनका मानना है कि फिल्म पर पाबंदी का पुराना दौर आज भी जारी है।

हाल ही में जी5 पर रिलीज हुई दिलजीत दोसांझ अभिनीत फिल्म 'सतलुज' एक बड़े विवाद के घेरे में आ गई है। इस फिल्म का नाम पहले 'पंजाब 95' तय किया गया था, लेकिन नाम परिवर्तन के बाद इसे 3 जुलाई को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर लाया गया। हालांकि, यह फिल्म डिजिटल स्पेस में अपनी जगह नहीं बना सकी और रिलीज के महज 48 घंटे के भीतर ही इसे स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया। इस अचानक हुई कार्रवाई ने फिल्म से जुड़े कलाकारों और दर्शकों को हैरान कर दिया है।

सुविंदर विक्की ने उठाए गंभीर सवाल

फिल्म में एसएसपी सुरजीत सिंह सुग्गा की भूमिका निभाने वाले सुविंदर विक्की ने फिल्म के अचानक हटने पर अपनी कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। उनका कहना है कि इस तरह से किसी कलाकृति को रोकना पूरी तरह से अनुचित है। उन्होंने इस स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आज भी अगर हम यह सोचते हैं कि अपने अतीत के कड़वे अनुभवों या जख्मों को कुरेदना गलत है, या फिर यह डर पालते हैं कि नई पीढ़ी सच का सामना नहीं कर पाएगी, तो यह एक बेहद संकुचित दृष्टिकोण है। विक्की के अनुसार, फिल्म को रोकने के पीछे जो साजिशें और खेल पहले खेले जा रहे थे, वे आज भी बदस्तूर जारी हैं।

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लंबा और संघर्षपूर्ण सफर

फिल्म के निर्माण और रिलीज की प्रक्रिया को याद करते हुए सुविंदर विक्की ने बताया कि यह सफर बेहद थका देने वाला और कठिन रहा है। उन्होंने बताया कि चाहे प्री-प्रोडक्शन का काम हो, शूटिंग के दिन हों या फिर फिल्म के बाद का पोस्ट-प्रोडक्शन का काम, पूरी टीम ने पूरी ईमानदारी के साथ मेहनत की थी। सभी सदस्य फिल्म के भविष्य को लेकर काफी उत्साहित थे और सब कुछ सुचारू रूप से चल रहा था। उन्हें इस बात का कतई अंदाजा नहीं था कि रिलीज के बाद फिल्म के साथ ऐसी स्थिति पैदा हो जाएगी।

मानसिक तनाव और उम्मीदें

फिल्म की रिलीज में हुई देरी के दौरान कलाकारों को काफी मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा। विक्की ने कहा कि हनी त्रेहान, रॉनी स्क्रूवाला और पूरी कास्ट अपने काम के बाद अन्य प्रोजेक्ट्स में व्यस्त हो गए थे, लेकिन बार-बार पूछे जाने वाले सवाल कि फिल्म कब रिलीज होगी, उन पर भारी पड़ते थे। जब फिल्म अंततः दो दिनों के लिए स्ट्रीम हुई, तो पूरी टीम खुशी से झूम उठी थी, लेकिन यह खुशी बहुत कम समय के लिए ही बनी रही और जल्द ही फिल्म को हटा दिया गया।

मानवाधिकार कार्यकर्ता की सच्ची कहानी

हनी त्रेहान के निर्देशन में बनी 'सतलुज' प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित एक महत्वपूर्ण फिल्म है। इस फिल्म में जसवंत सिंह खालड़ा का मुख्य किरदार अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ ने निभाया है। कहानी का मूल विषय 1980 और 1990 के दशक में पंजाब में फैले उग्रवाद के उस दौर को दर्शाना है, जब राज्य अशांत था। फिल्म में जसवंत सिंह खालड़ा के उन अथक प्रयासों को करीब से दिखाया गया है, जिनमें उन्होंने गैर-कानूनी तरीके से किए गए अंतिम संस्कार और हजारों अज्ञात शवों के जबरन गायब होने के गंभीर मामलों को सार्वजनिक करने के लिए अपना जीवन दांव पर लगा दिया था।

सवाल-जवाब

फिल्म 'सतलुज' ओटीटी पर क्यों नहीं है?
जी5 पर रिलीज होने के केवल दो दिनों के भीतर ही फिल्म को अचानक हटा दिया गया था, जिसके कारणों पर अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है।
फिल्म 'सतलुज' का पहले क्या नाम था?
इस फिल्म का नाम पहले 'पंजाब 95' रखा गया था।
दिलजीत दोसांझ ने इस फिल्म में किसका किरदार निभाया है?
दिलजीत दोसांझ ने इस फिल्म में मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा की भूमिका निभाई है।
यह फिल्म किस दौर की कहानी दिखाती है?
यह फिल्म 1980 और 1990 के दशक में पंजाब में उग्रवाद के दौर की घटनाओं पर आधारित है।
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