भगवान जगन्नाथ की भक्ति और सनातन परंपराओं पर आधारित बहुप्रतीक्षित एनिमेटेड फिल्म 'महाप्रभु जगन्नाथ' की आधिकारिक रिलीज डेट का ऐलान कर दिया गया है। निर्माताओं ने सोशल मीडिया पर इस सिनेमाई प्रस्तुति की नई तारीख साझा की है। यह फिल्म 28 अगस्त 2026 को देश के सभी बड़े सिनेमाघरों में एक साथ प्रदर्शित की जाएगी। खास बात यह है कि इस रिलीज के समय देशभर में रक्षाबंधन और बलराम जयंती का पावन पर्व मनाया जा रहा होगा। इस खास मौके को ध्यान में रखते हुए निर्माता और पूरी टीम इस प्रोजेक्ट को लेकर बेहद उत्साहित हैं।
त्यौहारों के सीजन में परिवारों और बच्चों के लिए खास तोहफा
फिल्म 'महाप्रभु जगन्नाथ' को खास तौर पर बच्चों और पारिवारिक दर्शकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य भगवान जगन्नाथ से जुड़ी प्राचीन मान्यताओं, दिव्य कहानियों और सांस्कृतिक आस्था को आधुनिक एनिमेशन तकनीक के जरिए नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। मेकर्स का मानना है कि इस फिल्म के माध्यम से परिवार के सभी लोग एक साथ बैठकर धार्मिक गाथाओं को मनोरंजन के साथ आसानी से समझ सकेंगे।
निर्माता दुर्गा प्रसाद दलाई ने जताई अपनी भावनाएं
फिल्म की रिलीज डेट घोषित होने पर इसके निर्माता दुर्गा प्रसाद दलाई ने अपनी खुशी और विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि जीवन में कई बार ऐसा महसूस होता है जैसे हर घटना पहले से ही तय थी। फिल्म के निर्माण से लेकर प्रदर्शन तक का सफर काफी लंबा रहा है। ऐसे में रक्षाबंधन और बलराम जयंती जैसे पवित्र पर्व पर इसका सिनेमाघरों में आना महाप्रभु जगन्नाथ का प्रत्यक्ष आशीर्वाद प्रतीत होता है।
निर्माता ने आगे कहा कि बलराम जयंती उनके लिए एक अत्यंत पावन अवसर है। उनकी टीम लंबे समय से एक ऐसी फिल्म बनाने का सपना देख रही थी, जिसे बच्चे अपने माता-पिता और बुजुर्गों के साथ मिलकर देख सकें। उनका उद्देश्य दर्शकों को भगवान जगन्नाथ की अलौकिक दुनिया का प्रत्यक्ष अनुभव कराना था। उन्होंने अपनी बात जोड़ते हुए कहा कि इस पवित्र कथा को लोगों तक पहुंचाने के लिए इससे बेहतर समय कोई नहीं हो सकता था। पूरी टीम ने अत्यधिक श्रद्धा, मेहनत और ईमानदारी से इस प्रोजेक्ट पर काम किया है और अब वे इसे महाप्रभु जगन्नाथ की कृपा पर छोड़ रहे हैं।
बलराम जयंती का धार्मिक महत्व और सनातन यूनिवर्स की पहली फिल्म
धार्मिक परंपराओं में बलराम जयंती का विशेष स्थान है। यह दिन भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई भगवान बलराम के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को यह पर्व श्रद्धापूर्वक मनाया जाता है। इसी पवित्र तिथि को ध्यान में रखते हुए फिल्म को रिलीज करने का निर्णय लिया गया है।
इस एनिमेटेड फिल्म का निर्माण ईएलई एनिमेशंस द्वारा किया गया है। यह इस स्टूडियो के 'सनातन यूनिवर्स' बैनर के तहत बनाई गई पहली ऐसी फिल्म है जिसे बड़े पर्दे यानी सिनेमाघरों में रिलीज किया जा रहा है। इस अनोखी पहल के जरिए निर्माता भारत की प्राचीन सांस्कृतिक और पौराणिक धरोहर को आधुनिक तकनीक के माध्यम से आज के बच्चों और युवाओं के सामने पेश करना चाहते हैं।
बहुभाषी संगीत और प्रमुख कलाकारों की आवाज
दर्शकों को एक बेहतरीन संगीतमय अनुभव देने के लिए मेकर्स ने फिल्म के साउंडट्रैक को विभिन्न भारतीय भाषाओं में तैयार किया है। फिल्म का संगीत हिंदी, उड़िया और तेलुगु भाषाओं में जारी किया गया है, जिससे अलग-अलग क्षेत्रों के दर्शक अपनी भाषा में इस कथा से जुड़ सकें।
फिल्म में किरदारों को जीवंत बनाने के लिए कई जाने-माने कलाकारों ने अपनी आवाज का जादू बिखेरा है। इनमें अथर्व बक्शी, अविरल कुमार और अभय जोधपुरकर जैसे प्रसिद्ध नाम शामिल हैं। इन कलाकारों की आवाज और ईएलई एनिमेशंस के विजुअल्स का संगम सिनेमाघरों में दर्शकों को एक अनूठा और अलौकिक अनुभव प्रदान करेगा।


















