दक्षिण भारतीय भोजन का जिक्र छिड़ते ही अक्सर लोगों के जेहन में रसम और सांभर का नाम सबसे पहले उभरता है। हालांकि जब तेलंगाना की पारंपरिक रसोई की बात होती है, तो वहां के भोजन की थाली पच्ची पुलुसु के बिना मुकम्मल नहीं मानी जाती। तेलुगु भाषा में पच्ची शब्द का सीधा अर्थ कच्चा होता है, जबकि पुलुसु का मतलब खट्टा सूप या रसम निकाला जाता है। इस व्यंजन की सबसे निराली खूबी यह है कि सामान्य रसम की तरह इसे गैस के चूल्हे पर घंटों तक पकाने या खौलाने की बिल्कुल जरूरत नहीं पड़ती। खुली आंच पर सेकी गई हरी मिर्च और खट्टी इमली का अनोखा तालमेल इसे एक बेहद लजीज स्वाद और सौंधी खुशबू प्रदान करता है।
तैयारी के लिए जरूरी सामग्री
इस पारंपरिक रेसिपी को तैयार करने के लिए बहुत सामान्य रसोई सामग्री की आवश्यकता होती है। इसमें मुख्य तौर पर नींबू के आकार जितनी इमली, 4 से 5 हरी मिर्च, 2 से 3 लहसुन की कलियां, आधा छोटा चम्मच जीरा, स्वादानुसार नमक, एक मध्यम प्याज और आवश्यकतानुसार पानी शामिल है। इसके अलावा इसमें लगाए जाने वाले तड़के के लिए 1 चम्मच तेल, थोड़ा सा जीरा, 1 से 2 सूखी लाल मिर्च, करी पत्ता और चुटकी भर हल्दी पाउडर की जरूरत पड़ती है।
मसाला कूटने और इमली का रस निकालने का तरीका
इसे तैयार करने के शुरुआती चरण में इमली को थोड़े से पानी के भीतर करीब 10 से 15 मिनट के लिए भिगोकर रख दिया जाता है। तय समय बीत जाने पर हाथों से अच्छी तरह मसलकर इसका गाढ़ा अर्क निकाल लिया जाता है। इसके बाद जरूरत के हिसाब से पानी बढ़ाकर इस अर्क को हल्का पतला कर लिया जाता है। इसके साथ ही गैस की धीमी आंच पर चिमटे की मदद से हरी मिर्चों को सीधे आग पर तब तक सेंका जाता है, जब तक कि उनकी ऊपरी सतह पर हल्के काले निशान न उभर आएं। आंच पर सीधे भूनने की यह प्रक्रिया व्यंजन को एक खास धुंआधार यानी स्मोकी जायका देती है। भुनी हुई इन हरी मिर्चों को लहसुन, जीरे और नमक के साथ ओखली या सिलबट्टे में डालकर दरदरा कूट लिया जाता है।
तड़का और कच्चे प्याज का मेल
कुटे हुए इस तीखे मसाले को पहले से तैयार इमली के पानी में डालकर अच्छी तरह मिलाया जाता है। इसके तुरंत बाद एक छोटे पैन में तेल गर्म करके उसमें जीरा, सूखी लाल मिर्च, करी पत्ता और चुटकी भर हल्दी डालकर चटकाया जाता है। इस गरमा-गरम तड़के को इमली के तैयार मिश्रण के ऊपर डाल दिया जाता है। इस पूरी विधि के सबसे आखिरी हिस्से में बारीक कटा हुआ कच्चा प्याज ऊपर से मिलाया जाता है। कच्चे प्याज का कुरकुरापन और भुनी मिर्च का तीखापन इस सूप के स्वाद को काफी बढ़ा देता है। गरमा-गरम उबले हुए सादे चावल और पापड़ के साथ परोसी जाने वाली यह पच्ची पुलुसु खाने में बेहद जायकेदार होने के साथ-साथ पाचन के लिहाज से भी काफी हल्की मानी जाती है।



















