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सीने में जकड़न से लेकर सांस फूलने तक, दिल का दौरा पड़ने पर तुरंत क्या करें और क्या न करेंस्वास्थ्य
7 अक्तू॰ 2026, 7:37 pm (25 मिनट पहले)· 0

सीने में जकड़न से लेकर सांस फूलने तक, दिल का दौरा पड़ने पर तुरंत क्या करें और क्या न करें

भारत में हर साल करीब 28.6 लाख लोग दिल के दौरे की वजह से दम तोड़ देते हैं। ऐसे गंभीर आपातकाल के प्रमुख लक्षणों को पहचानना और अस्पताल ले जाने से पहले तुरंत सही प्राथमिक उपचार देना जान बचा सकता है।

भारत में दिल का दौरा पड़ना अब किसी खास उम्र तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि युवाओं से लेकर बुजुर्गों और यहां तक कि बच्चों में भी इसके मामले देखने को मिल रहे हैं। एक चिंताजनक आंकड़े के मुताबिक हर साल 28.6 लाख भारतीयों की मौत दिल का दौरा पड़ने से हो जाती है। यह एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति होती है, जिसमें तुरंत उठाया गया सही कदम किसी व्यक्ति की जिंदगी और मौत के बीच का फर्क तय कर सकता है। अगर लक्षणों की पहचान सही समय पर कर ली जाए और अस्पताल पहुंचने से पहले जरूरी प्राथमिक कदम उठाए जाएं, तो हृदय की मांसपेशियों को होने वाले भारी नुकसान से बचाया जा सकता है।

कोरोनरी आर्टरी में रुकावट और दिल के दौरे के लक्षण

जब हृदय की मांसपेशियों तक रक्त और ऑक्सीजन पहुंचाने वाली कोरोनरी आर्टरी में अचानक कोई रुकावट आ जाती है, तो दिल का दौरा पड़ता है। ऐसे हालात में हर एक मिनट कीमती होता है, क्योंकि जितनी तेजी से चिकित्सीय मदद मिलेगी, मांसपेशियों को नुकसान उतना ही कम होगा। इसके सबसे आम लक्षणों में सीने में असामान्य दर्द, भारीपन, जलन, जकड़न या तेज दबाव महसूस होना शामिल है। यह दर्द अक्सर कुछ मिनटों से अधिक समय तक बना रहता है या फिर बार-बार आता-जाता रहता है। कई मामलों में सीने की यह बेचैनी बाएं हाथ, दोनों हाथों, कंधे, पीठ, गर्दन या जबड़े तक फैल जाती है।

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दर्द के अलावा मरीज को अचानक पसीना आना, ठंड लगना, सांस फूलना, मतली या उल्टी महसूस होना, चक्कर आना, अत्यधिक कमजोरी और घबराहट जैसी शिकायतें भी हो सकती हैं। विशेष रूप से महिलाओं, बुजुर्गों और डायबिटीज के मरीजों में पारंपरिक सीने के दर्द के बजाय केवल सांस फूलना, असामान्य थकान, कमजोरी या अपच जैसे छिपे हुए लक्षण दिखाई दे सकते हैं। डॉ. हरनिश सिंह भाटिया, सीनियर कंसल्टेंट कार्डियोलॉजी, फोर्टिस, ग्रेटर नोएडा के अनुसार, इन संकेतों को साधारण परेशानी समझकर नजरअंदाज करना जानलेवा साबित हो सकता है।

अस्पताल ले जाने से पहले किए जाने वाले जरूरी उपाय

यदि किसी व्यक्ति में ऐसे लक्षण दिखाई दें और दिल का दौरा पड़ने का अंदेशा हो, तो बिना समय गंवाए मरीज को फौरन आराम की मुद्रा में बैठा देना चाहिए। सबसे पहला काम एंबुलेंस या नजदीकी आपातकालीन चिकित्सा सेवा को फोन करना होना चाहिए। मरीज को किसी भी स्थिति में खुद गाड़ी चलाकर अस्पताल जाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, क्योंकि रास्ते में हालत अचानक बिगड़ सकती है। लक्षणों को सिर्फ गैस या एसिडिटी मानकर टालना बेहद खतरनाक हो सकता है, खासकर तब जब सीने में असहजता के साथ ठंडा पसीना आ रहा हो या सांस लेने में तकलीफ हो रही हो।

यदि मरीज पूरी तरह होश में है और आसानी से निगलने की स्थिति में है, तो उसे 150 से 325 mg एस्पिरिन चबाने के लिए दी जा सकती है। हालांकि, यह कदम तभी उठाया जाना चाहिए जब मरीज को एस्पिरिन से कोई एलर्जी न हो, शरीर में सक्रिय रक्तस्राव न हो रहा हो या डॉक्टर ने पहले से एस्पिरिन लेने पर रोक न लगाई हो। यदि मरीज अचानक अपनी चेतना खो दे, बेहोश हो जाए और सामान्य रूप से सांस न ले रहा हो, तो फौरन CPR शुरू कर देना चाहिए। इसके साथ ही, यदि आसपास स्वचालित बाहरी डिफाइब्रिलेटर यानी AED उपलब्ध हो, तो उसका फौरन उपयोग करना चाहिए ताकि अस्पताल पहुंचने से पहले हृदय की गति को स्थिर करने में मदद मिल सके।

सवाल-जवाब

भारत में हर साल दिल के दौरे से कितने लोगों की मौत होती है?
भारत में हर साल लगभग 28.6 लाख लोगों की जान दिल के दौरे के कारण चली जाती है।
दिल के दौरे के सबसे प्रमुख और आम लक्षण क्या हैं?
सीने में दबाव, दर्द, जकड़न, भारीपन, जलन, सांस फूलना, ठंडा पसीना, चक्कर आना और दर्द का हाथों, गर्दन या जबड़े तक फैलना इसके प्रमुख लक्षण हैं।
महिलाओं और डायबिटीज के मरीजों में इसके क्या असामान्य लक्षण हो सकते हैं?
इन मरीजों में सीने में तेज दर्द के बजाय केवल सांस फूलना, असामान्य कमजोरी, अपच या बहुत ज्यादा थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
अस्पताल जाने से पहले मरीज को कौन सी दवा चबाने की सलाह दी जाती है?
यदि कोई एलर्जी या ब्लीडिंग की समस्या न हो और मरीज होश में हो, तो 150 से 325 mg एस्पिरिन चबाना मददगार हो सकता है।
यदि मरीज अचानक बेहोश हो जाए और सांस न ले रहा हो तो क्या करना चाहिए?
मरीज के बेहोश होने और सामान्य सांस न लेने पर फौरन CPR शुरू करना चाहिए और यदि उपलब्ध हो तो AED का उपयोग करना चाहिए।
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