घरों में खटमलों का होना एक बेहद आम परेशानी बनता जा रहा है। ये छोटे और जिद्दी कीट रात के समय सोते वक्त इंसानों को काटते हैं, जिससे शरीर पर तेज खुजली और लाल रंग के चकत्ते उभर आते हैं। खटमल मुख्य रूप से बिस्तर, सोफे, कपड़ों और दीवारों की छोटी-छोटी दरारों में बहुत तेजी से अपनी संख्या बढ़ाते हैं। ऐसी स्थिति में कई बार समझ नहीं आता कि इस समस्या से कैसे निपटा जाए। यदि आपके घर में भी खटमलों का आतंक काफी बढ़ गया है, तो आपको घबराने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है। आप कुछ बेहद आसान घरेलू नुस्खे अपनाकर खटमलों के इस आतंक से आसानी से छुटकारा पा सकते हैं।
उबलता पानी और तेज धूप का इस्तेमाल
खटमल अत्यधिक तापमान या गर्मी को बिल्कुल भी सहन नहीं कर पाते हैं। इस कमजोरी का फायदा उठाने के लिए बिस्तरों की चादरों, तकिए के कवर और घर के पर्दों को हमेशा उबलते हुए गर्म पानी में ही धोना चाहिए। अच्छी तरह धोने के बाद गद्दों और तकियों को लगातार 2 से 3 दिनों तक तेज धूप में रखना बहुत फायदेमंद होता है। सूरज की तेज धूप और गर्मी से खटमल और उनके अंडे पूरी तरह से नष्ट हो जाते हैं और दोबारा पनप नहीं पाते हैं।
बेकिंग सोडा का असरदार छिड़काव
बेकिंग सोडा खटमलों के शरीर से नमी को पूरी तरह सोखने का काम करता है, जिसकी वजह से वे सूखकर मरने लगते हैं। इसके लिए खटमलों के छिपने की प्रमुख जगहों जैसे कि गद्दों के कोनों, लकड़ी की दरारों और सोफे के जोड़ों पर बेकिंग सोडा अच्छी तरह छिड़क देना चाहिए। इस पाउडर को लगभग 4 से 5 दिनों तक ऐसे ही छोड़ देना चाहिए और उसके बाद वैक्यूम क्लीनर की मदद से पूरी जगह को साफ कर लेना चाहिए। बेहतरीन परिणामों के लिए इस पूरी प्रक्रिया को हफ्ते में कम से कम दो बार जरूर दोहराना चाहिए।
नीम का तेल और नीम की पत्तियों का प्रयोग
नीम के अंदर प्रकृति रूप से एंटी-बैक्टीरियल और शक्तिशाली कीटनाशक गुण पाए जाते हैं, जो खटमलों को दूर भगाने में बेहद असरदार साबित होते हैं। इसके लिए पानी के साथ नीम के तेल को मिलाकर एक स्प्रे बोतल में अच्छी तरह भर लेना चाहिए और फिर इसे गद्दों व दीवारों की दरारों में छिड़कना चाहिए। इसके अलावा आप नीम की हरी पत्तियों को पानी में अच्छी तरह उबालकर उस पानी का इस्तेमाल भी खटमल भगाने के लिए कर सकते हैं।
लौंग और पुदीने के तेल की तेज महक
खटमलों को लौंग और पुदीने की अत्यधिक तेज गंध बिल्कुल रास नहीं आती है। इस उपाय को करने के लिए एक कप पानी के अंदर पुदीने या लौंग के तेल की लगभग 10 से 15 बूंदें अच्छी तरह मिला लेनी चाहिए। इस तैयार मिश्रण को उन सभी जगहों पर स्प्रे करना चाहिए जहां खटमल सबसे ज्यादा सक्रिय रहते हैं। इसकी तीखी गंध से खटमल तुरंत भाग खड़े होते हैं और वहां नए अंडे भी नहीं पनप पाते हैं।
सफेद सिरके का एसिडिक असर
सिरके के अंदर मौजूद प्राकृतिक एसिड खटमलों को खत्म करने में बहुत मदद करता है। इसका इस्तेमाल करने के लिए सफेद सिरके को सीधे तौर पर खटमल वाली जगहों और फर्नीचर की दरारों पर स्प्रे करना चाहिए। इसकी तेज महक और एसिडिक प्रकृति की वजह से खटमल बहुत जल्द मरने लगते हैं।



















