सागर में मानसून की दस्तक के साथ ही आकाशीय बिजली गिरने का खतरा काफी बढ़ गया है। मध्य प्रदेश सहित पूरे देश में इस समय आसमानी बिजली गिरने की घटनाएं तेजी से सामने आ रही हैं, जिसके कारण बड़े पैमाने पर लोगों की जान जा रही है। अगर केवल मध्य प्रदेश की बात करें, तो इस मौजूदा मानसून सीजन में अब तक दो दर्जन से अधिक लोगों की आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मौत हो चुकी है। यह आंकड़ा पिछले रिकॉर्ड की तरह ही चिंताजनक है, क्योंकि साल 2025 के मानसून सीजन के दौरान राज्य में यह संख्या 200 के करीब पहुंच गई थी। अक्सर देखा जाता है कि बारिश शुरू होते ही लोग जल्दबाजी में ऐसी जगहों पर शरण ले लेते हैं, जो उनके लिए जानलेवा साबित होती हैं। खासकर हमारे किसान भाई खेतों में काम करते समय इस तरह की लापरवाही का शिकार हो जाते हैं। इसलिए, मानसून के इस मौसम में किसानों को विशेष सावधानियां बरतने की बेहद जरूरत है।
मौसम के अलर्ट पर रखें नजर और धातु के उपकरणों से बनाएं दूरी
आजकल मौसम विभाग द्वारा समय-समय पर मौसम का पूर्वानुमान और आपातकालीन अलर्ट जारी किए जाते हैं। खेतों में जाने से पहले किसानों को इन चेतावनियों पर लगातार नजर रखनी चाहिए। यदि आप खेत में काम कर रहे हैं और अचानक आसमान में काले बादल छा जाते हैं और तेज गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो जाती है, तो अपने काम को तुरंत रोक दें। यदि आप किसी ऐसी मशीनरी या उपकरण का उपयोग कर रहे हैं जिसमें धातु का इस्तेमाल होता है, जैसे कि ट्रैक्टर, मोटर पंप या कीटनाशक छिड़कने वाला स्प्रेयर, तो उनसे तुरंत दूर हट जाएं। धातु बिजली को तेजी से अपनी ओर खींचती है। इसके अलावा, जहां आप काम कर रहे हैं, यदि वहां बिजली के खंभे, ट्रांसफार्मर, खुले तार या लोहे की तार फेंसिंग लगी हुई है, तो उनसे भी सुरक्षित दूरी बना लें।
बारिश के समय इन खतरनाक जगहों पर जाने से बचें
तेज बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान कुछ विशेष स्थानों पर जाना बेहद खतरनाक हो सकता है। खुले खेत, ऊंची पहाड़ियां और पानी से भरे हुए स्थानों से पूरी तरह दूरी बनाकर रखनी चाहिए। आमतौर पर देखा जाता है कि जैसे ही बारिश शुरू होती है, किसान भाई खुद को भीगने से बचाने के लिए किसी बड़े पेड़ के नीचे जाकर खड़े हो जाते हैं। कई बार लोग समूहों में पेड़ों के नीचे जमा हो जाते हैं। बड़े और ऊंचे पेड़ों पर बिजली गिरने की संभावना सबसे अधिक होती है, इसलिए किसी भी पेड़ के नीचे अकेले या ग्रुप में खड़े होने की भूल बिल्कुल न करें।
मोबाइल फोन के इस्तेमाल से बचें और अपनाएं सुरक्षित मुद्रा
खराब मौसम के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग भी एक बड़ा खतरा बन सकता है। यदि आप खेत में हैं और आपके पास मोबाइल फोन है, तो ऐसी स्थिति में उसे तुरंत बंद कर दें। जब आसमान में बिजली कड़क रही हो, तो मोबाइल फोन का इस्तेमाल बिल्कुल न करें, क्योंकि ऐसे मौसम में सक्रिय मोबाइल फोन बिजली को आकर्षित कर सकते हैं। इसके साथ ही, घर के भीतर भी गरज-चमक के दौरान मोबाइल फोन को चार्जिंग पर लगाकर न छोड़ें। यदि आप किसी ऐसे खुले खेत में फंस गए हैं जहां आसपास कोई सुरक्षित पक्का ठिकाना नहीं है, तो घबराएं नहीं। ऐसी स्थिति में जमीन पर सीधे लेटने की गलती कभी न करें। इसके बजाय, अपने दोनों पैरों और हाथों को पास लाएं और घुटनों के बल उकड़ू होकर बैठ जाएं तथा अपने सिर को नीचे की तरफ झुका लें। यह मुद्रा बिजली के प्रभाव से बचने में सबसे अधिक मददगार होती है।
आपातकालीन सहायता और CPR देने में न करें देरी
यदि कोई व्यक्ति या किसान आकाशीय बिजली की चपेट में आ गया है या गंभीर रूप से घायल हो गया है, तो बिना समय गंवाए तुरंत आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 पर कॉल करें। यदि आपके पास स्वयं का कोई वाहन या साधन उपलब्ध है, तो घायल व्यक्ति को जितनी जल्दी हो सके नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं ताकि उसे समय पर इलाज मिल सके। समाज में एक भ्रम फैला हुआ है कि बिजली की चपेट में आए व्यक्ति को छूने से करंट लग सकता है। यह पूरी तरह से गलत है। पीड़ित व्यक्ति के शरीर में कोई विद्युत प्रवाह शेष नहीं रहता है, इसलिए उसे छूने से न डरें। यदि पीड़ित की सांसें बंद हो गई हैं और आपको CPR देना आता है, तो तुरंत CPR शुरू करें। प्राथमिक उपचार के तौर पर की गई यह कोशिश किसी की जिंदगी बचाने में निर्णायक साबित हो सकती है।











