मुंबई के उपनगरीय इलाके दहिसर में एक बेहद दुखद हादसा सामने आया है, जहां तालाब में तैरने गए कॉलेज के दो छात्रों की डूबने से मौत हो गई। स्थानीय पुलिस द्वारा की गई शुरुआती जांच में यह गंभीर आशंका जताई गई है कि दोनों छात्र नशे की हालत में पानी के अंदर उतरे थे, जिसके कारण उनका नियंत्रण खो गया और यह गंभीर दुर्घटना घटित हो गई।
दहिसर के केतकीपाड़ा तालाब में हुआ हादसा
इस हादसे का शिकार हुए दोनों मृत छात्रों की उम्र मात्र 19 वर्ष थी। इनमें से एक की पहचान कांदिवली के रहने वाले पीयूष गुप्ता के तौर पर हुई है, जबकि दूसरे की पहचान अंधेरी के निवासी ओम अंकुश सिंह के रूप में की गई है। पुलिस से मिली विस्तृत जानकारी के अनुसार, ये दोनों अपने दो अन्य दोस्तों के साथ दहिसर के केतकीपाड़ा इलाके में स्थित एक झील नुमा बड़े तालाब पर घूमने के लिए गए थे। इन चारों दोस्तों ने दो दिन पहले ही इस जलाशय पर आकर तैरने की एक योजना बनाई थी।
पुलिस को प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर संदेह है कि पानी में उतरने से पहले इन लोगों ने शराब का सेवन किया था, जिससे उनका शारीरिक संतुलन बिगड़ गया और वे गहराई में चले गए। दहिसर पुलिस अब उन दोनों दोस्तों के बयान भी दर्ज कर रही है जो हादसे के वक्त उनके साथ मौजूद थे, ताकि स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सके। केतकीपाड़ा का यह तालाब अपनी अचानक बढ़ने वाली गहराई के लिए जाना जाता है, जिससे वहां सुरक्षा को लेकर अक्सर चिंताएं बनी रहती हैं। इस मामले में पुलिस की जांच अभी पूरी तरह से जारी है।
गोंदिया के बोदलकसा जलाशय में भी हुआ था बड़ा हादसा
पानी में डूबने से होने वाली मौतों का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले महाराष्ट्र के ही गोंदिया जिले में स्थित एक बेहद प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बोदलकसा जलाशय में भी एक भयानक नाव हादसा देखने को मिला था, जिसमें दो युवकों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। उस हादसे में जान गंवाने वाले युवकों की पहचान मोहित वसंत रहांगडाले और कुणाल सालिकराम भोंडे के तौर पर हुई थी। ये दोनों मृतक तिरोड़ा तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम बरबसपुरा के रहने वाले थे।
वहां भी युवकों का एक समूह जलाशय की सुंदर वादियों की सैर करने के लिए पहुंचा था। अपनी इस यात्रा के दौरान, इन लोगों ने जलाशय में नौका विहार यानी बोटिंग करने का निर्णय लिया था। इसी दौरान अचानक नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह गहरे पानी में पलट गई। नाव पलटने से दोनों युवक अनियंत्रित होकर गहरे पानी में चले गए। इस हादसे की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घटना स्थल पर एकत्रित हो गए थे और खुद स्थानीय विधायक भी बचाव अभियान के लिए मौके पर पहुंचे थे, लेकिन काफी कोशिशों के बाद भी युवकों को समय रहते जीवित बाहर नहीं निकाला जा सका। बाद में गोताखोरों की मदद से दोनों के शवों को पानी से निकाला गया। प्रशासन ने इसके बाद पर्यटकों को बिना लाइफ जैकेट पहने बोटिंग न करने की सख्त हिदायत दी थी।
पानी के पास जाते समय बरतें ये जरूरी सावधानियां
जल सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पानी के पास जाने से पहले लोगों को बेहद सतर्क रहना चाहिए और सुरक्षा मानकों की अनदेखी बिल्कुल नहीं करनी चाहिए। अगर आपको तैरना नहीं आता है, तो किसी भी परिस्थिति में गहरे पानी में उतरने का जोखिम न उठाएं। यह नियम केवल तैरने पर ही नहीं, बल्कि साधारण बोटिंग करने पर भी समान रूप से लागू होता है क्योंकि बिना सुरक्षा उपकरणों के दुर्घटना कभी भी हो सकती है। कई बार पानी की गहराई का सही अंदाजा नहीं मिल पाता और यह भ्रम जानलेवा साबित होता है। विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि यदि आप एक बेहतरीन तैराक भी हैं, तो भी कभी अकेले किसी सुनसान या गहरे जलाशय में तैरने के लिए न जाएं, क्योंकि अचानक तबीयत बिगड़ने या पैर में खिंचाव आने पर तुरंत मदद मिलना बेहद जरूरी होता है।











