महाराष्ट्र में मॉनसून की भारी बारिश ने हाहाकार मचा रखा है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। इस आपदा की सबसे बड़ी मार देश की आर्थिक राजधानी मुंबई पर पड़ी है, जहां पिछले तीन दिनों के दौरान बारिश से जुड़े विभिन्न हादसों में नौ लोगों की जान जा चुकी है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते कई रिहायशी इलाकों और सड़कों पर भारी जलभराव हो गया है। यातायात पूरी तरह ठप होने और सुरक्षा खतरों को देखते हुए प्रशासन ने कई जिलों के लिए चेतावनी जारी की है। निचले इलाकों में पानी भरने से स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और जरूरी कामों के लिए बाहर निकलने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मुंबई में मूसलाधार बारिश ने इस बार सामान्य जनजीवन की रफ्तार पर पूरी तरह से ब्रेक लगा दिया है। हर साल मॉनसून के दौरान होने वाली यह बारिश इस बार जानलेवा साबित हो रही है, जिससे तीन दिनों के भीतर ही नौ लोगों की मौत हो चुकी है। इन मौतों ने प्रशासन के साथ-साथ आम जनता की भी चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय अधिकारियों ने संवेदनशील और निचले इलाकों में आपातकालीन सहायता केंद्र स्थापित किए हैं और बचाव टीमों को मुस्तैद रहने का निर्देश दिया है। नगर निगम प्रशासन ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि वे बहुत जरूरी काम होने पर ही अपने घरों से बाहर निकलें, क्योंकि सड़कों पर पानी जमा होने के कारण कई जगहों पर खुले हुए गटर या गड्ढे दिखाई नहीं दे रहे हैं, जो हादसों का सबब बन सकते हैं।
मुंबई और आसपास के जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
मुंबई के नागरिकों को करीब 12 घंटे की मामूली राहत मिलने के बाद, बादलों ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने बुधवार के लिए मुंबई में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जो आने वाले घंटों में और अधिक मुसीबत का संकेत दे रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, सुबह 10:00 बजे से लेकर रात को 9:00 बजे के बीच शहर में 125 मिलीमीटर से अधिक बारिश होने की आशंका जताई गई है। स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महज एक घंटे की तेज बारिश के बाद ही महत्वपूर्ण अंधेरी सबवे पूरी तरह से पानी में डूब गया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को इस सबवे को यातायात के लिए बंद करना पड़ा, जिससे पूरे इलाके में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
मौसम विभाग द्वारा जारी किया गया ऑरेंज अलर्ट यह दर्शाता है कि बुधवार का दिन मुंबई वासियों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। सुबह 10:00 बजे से लेकर रात को 9:00 बजे तक करीब ग्यारह घंटों के दौरान 125 मिलीमीटर से अधिक बारिश होने का अनुमान है। केवल एक घंटे की भारी बारिश में ही अंधेरी सबवे का जलमग्न हो जाना यह दिखाता है कि मुंबई की जल निकासी व्यवस्था भारी बारिश के दबाव को झेलने में सक्षम नहीं हो पा रही है। ट्रैफिक पुलिस को तुरंत सक्रिय होना पड़ा और वाहनों को वैकल्पिक रास्तों पर मोड़ा गया, जिससे पूरे पश्चिमी उपनगर में कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया और लोग घंटों गाड़ियों में फंसे रहे।
बारिश का यह संकट केवल मुंबई तक ही सीमित नहीं है। पड़ोसी जिले पालघर में पिछले 24 घंटों के भीतर तीन लोगों की मौत होने की खबर है। उधर, नासिक में आज भी बादल फटने जैसी गंभीर स्थिति को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा, पश्चिमी महाराष्ट्र के पुणे, सातारा और सोलापुर जैसे बड़े शहरों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जिसके चलते स्थानीय प्रशासन ने लोगों को बेवजह घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है।
अंधेरी में पेड़ गिरने की दुर्घटना और प्रशासनिक प्रतिक्रिया
तेज हवाओं और भारी बारिश के चलते पेड़ों के उखड़ने की घटनाएं भी लगातार बढ़ रही हैं। अंधेरी सबवे के पास हुई घटना इसी खतरे का प्रत्यक्ष उदाहरण है। बारिश के कारण मिट्टी ढीली हो जाने से एक विशाल पेड़ अचानक सड़क पर गिर गया, जिसकी चपेट में आने से आदेश गांवकर बुरी तरह जख्मी हो गए। गनीमत यह रही कि वहां पहले से ही पुलिस की एक वैन खड़ी थी, जिसके कर्मियों ने बिना समय गंवाए घायल व्यक्ति को वैन में बिठाया और पानी से भरी सड़कों के बीच से निकालते हुए तुरंत अस्पताल पहुंचाया। पुलिस की इस मुस्तैदी की वजह से समय पर इलाज शुरू हो सका।
हालांकि, इस हादसे के बाद शुरू हुआ प्रशासनिक घटनाक्रम चर्चा का विषय बना हुआ है। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के अधिकारियों ने जब मौके का निरीक्षण किया, तो उद्यान विभाग के एक अधिकारी ने जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि वह पेड़ निजी भूमि पर लगा हुआ था। उन्होंने तर्क दिया कि बीएमसी ने संबंधित जमीन के मालिक को पहले ही नोटिस देकर पेड़ की खतरनाक स्थिति के बारे में सचेत कर दिया था। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस दलील पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि केवल नोटिस जारी कर देना काफी नहीं है, बल्कि मॉनसून के दौरान सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम को खुद आगे बढ़कर ऐसे पेड़ों की छंटाई करानी चाहिए।
केंद्रीय गृहमंत्री का दखल और थमा यातायात का पहिया
महाराष्ट्र में बिगड़ते हालात को देखते हुए केंद्र सरकार ने भी स्थिति पर नजर रखनी शुरू कर दी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस से फोन पर बातचीत की। इस दौरान अमित शाह ने राज्य में भारी बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति की पूरी जानकारी ले ली। उन्होंने सीएम देवेंद्र फडणवीस को भरोसा दिलाया कि इस संकट की घड़ी में केंद्र सरकार की ओर से राज्य को हर संभव सहायता और राहत सामग्री प्रदान की जाएगी।
लगातार हो रही बारिश ने मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेनों की रफ्तार पर भी ब्रेक लगा दिया है। बुधवार को कई मुख्य रेल मार्गों पर पानी भर जाने के कारण लोकल ट्रेन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं, जिससे अपने दफ्तरों के लिए निकले हजारों कामकाजी लोगों को बीच रास्ते में ही फंसना पड़ा।
सिर्फ मुंबई की लोकल ट्रेनें ही नहीं, बल्कि लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित हुआ है। पालघर के वसई-विरार क्षेत्र और दक्षिण गुजरात के कई हिस्सों में पटरियों पर पानी भरने से लंबी दूरी की ट्रेनों का पहिया थम गया है। इसके अतिरिक्त, सोमवार को भोर घाट सेक्शन में हुए भूस्खलन के मलबे को पूरी तरह साफ न किए जा पाने के कारण मुंबई-पुणे मार्ग पर भी ट्रेनों का परिचालन अभी तक सामान्य नहीं हो पाया है, जिससे इन दो प्रमुख शहरों के बीच का व्यापारिक और व्यक्तिगत संपर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ है।











