भारतीय शेयर बाजार के लिए पिछला कारोबारी हफ्ता काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और बाजार में आई अस्थिरता के कारण पिछले कई हफ्तों से चला आ रहा बढ़त का सिलसिला आखिरकार थम गया। 10 जुलाई को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान, BSE के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स में मामूली साप्ताहिक गिरावट दर्ज की गई और यह करीब 195 अंक नीचे गिर गया। इस गिरावट के साथ ही बाजार का लगातार चार हफ्तों से चला आ रहा तेजी का दौर समाप्त हो गया। बाजार में इस सुस्ती की मुख्य वजह वेस्ट एशिया का बढ़ता संकट और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में होने वाला उतार-चढ़ाव रहा, जिसने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रहने पर मजबूर किया।
वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की अस्थिरता ने रोकी बाजार की रफ्तार
दुनियाभर में चल रही उथल-पुथल का असर भारतीय घरेलू बाजार पर साफ तौर पर देखा गया। वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव ने नए आर्थिक और भू-राजनीतिक जोखिम पैदा कर दिए हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार लगातार अस्थिर बना हुआ है। भारत जैसे आयात पर निर्भर देश के लिए कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले बदलाव सीधे तौर पर घरेलू महंगाई और कंपनियों के मुनाफे को प्रभावित करते हैं। यही वजह है कि घरेलू और विदेशी दोनों तरह के संस्थागत निवेशक फिलहाल फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं। हालांकि सेंसेक्स सहित प्रमुख सूचकांकों में मामूली गिरावट दर्ज की गई, लेकिन बाजार का बुनियादी ढांचा काफी मजबूत दिख रहा है।
बाजार की इस चौतरफा सुस्ती और प्रमुख बेंचमार्क सूचकांकों में गिरावट के बावजूद, कुछ चुनिंदा शेयरों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी बढ़त बनाए रखी। इन शेयरों ने न केवल बाजार की कमजोरी को खारिज किया, बल्कि सप्ताह के सभी पांच कारोबारी सत्रों में लगातार तेजी का रुख बनाए रखा। इस सूची में सेंको गोल्ड, आईओसीएल और आरपीजी लाइफ साइंसेज जैसे नाम शामिल हैं जिन्होंने प्रतिकूल परिस्थितियों में भी अपनी रफ्तार धीमी नहीं होने दी। आइए, ऐसे ही पांच प्रमुख शेयरों पर विस्तार से नजर डालते हैं जिन्होंने बाजार की इस अस्थिरता के बीच लगातार पांच दिनों तक शानदार बढ़त दर्ज की है।
सेंको गोल्ड: आभूषण क्षेत्र के इस शेयर में दिखी लगातार खरीदारी
सेंको गोल्ड के शेयरों ने सप्ताह के दौरान शानदार मजबूती का प्रदर्शन किया। BSE पर कंपनी का शेयर 3.88 प्रतिशत की बढ़त के साथ 362.4 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुआ। इसके साथ ही कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण बढ़कर 5,937.51 करोड़ रुपये हो गया है। पिछले पांच कारोबारी सत्रों में इस शेयर ने करीब 11 प्रतिशत की तेजी दर्ज की है, जो निचले स्तरों पर निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी को दर्शाती है। यदि दीर्घकालिक नजरिए से देखें तो वर्ष 2026 की शुरुआत से अब तक सेंको गोल्ड के मूल्य में 13.85 प्रतिशत का उछाल आ चुका है।
इस शेयर के ऐतिहासिक प्रदर्शन पर नजर डालें तो 8 सितंबर 2025 को इसने 404.80 रुपये प्रति शेयर का अपना 52 हफ्तों का उच्चतम स्तर छुआ था। वहीं, 30 मार्च 2025 को यह शेयर गिरकर 275.70 रुपये प्रति शेयर के अपने 52 हफ्तों के निचले स्तर पर आ गया था। इस ज्वेलरी रिटेलर कंपनी का ROE 40.35 है, जो इसकी मजबूत पूंजीगत दक्षता और मुनाफे को दर्शाता है और निवेशकों के आकर्षण का मुख्य कारण बना हुआ है।
भारती हेक्साकॉम: टेलीकॉम सेक्टर में लगातार बनी रही बढ़त
टेलीकॉम सेक्टर की कंपनी भारती हेक्साकॉम भी उन शेयरों में शामिल रही जो पूरे हफ्ते हरे निशान में कारोबार करने में सफल रहे। शुक्रवार 10 जुलाई को BSE पर इस शेयर की कीमत 2.19 प्रतिशत की मजबूती के साथ 1606.25 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुई। इस तेजी के बाद कंपनी का कुल बाजार मूल्यांकन बढ़कर 80,312.50 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।
शॉर्ट टर्म और मीडियम टर्म दोनों ही स्तरों पर इस शेयर में मजबूत लिवाली देखने को मिली है। महज पांच दिनों के इस कारोबारी सप्ताह में भारती हेक्साकॉम के शेयर मूल्य में 11 प्रतिशत का बड़ा उछाल दर्ज किया गया है। पिछले तीन महीनों के आंकड़ों पर गौर करें तो इस शेयर ने निवेशकों को 5.4 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। बाजार विश्लेषक टेलीकॉम सेक्टर को अस्थिर बाजार के दौर में एक सुरक्षित और रक्षात्मक विकल्प के रूप में देख रहे हैं।
रूबीकॉन रिसर्च: फार्मास्युटिकल क्षेत्र का यह शेयर बाजार से आगे निकला
रूबीकॉन रिसर्च के लिए भी यह हफ्ता बेहद शानदार रहा। वैश्विक अनिश्चितता के दौर में फार्मा जैसे सुरक्षित और रक्षात्मक क्षेत्रों में निवेशकों का भरोसा एक बार फिर मजबूत हुआ है। शुक्रवार 10 जुलाई को BSE पर रूबीकॉन रिसर्च का शेयर 1.79 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1431.35 रुपये प्रति शेयर के स्तर पर बंद हुआ। इस बढ़त के साथ दवा निर्माता कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण 23,672.06 करोड़ रुपये हो गया।
साप्ताहिक आधार पर रूबीकॉन रिसर्च ने अपने कई प्रतिस्पर्धियों को पीछे छोड़ दिया और इसके शेयर ने पांच दिनों के भीतर लगभग 9.87 प्रतिशत की शानदार तेजी दर्ज की। पिछले एक साल में इस शेयर में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। हाल ही में 24 जून 2026 को इसने 1,468.00 रुपये प्रति शेयर का अपना 52 हफ्तों का नया उच्चतम स्तर हासिल किया था, जबकि 24 अक्टूबर 2025 को यह शेयर 571 रुपये के अपने 52 हफ्तों के निचले स्तर पर आ गया था।
एफएसएन ई-कॉमर्स वेंचर्स (नायका): नए शिखर पर पहुंचा यह शेयर
ई-कॉमर्स क्षेत्र की प्रमुख कंपनी एफएसएन ई-कॉमर्स वेंचर्स (नायका) के शेयरों में भी खुदरा और संस्थागत निवेशकों की भारी मांग देखी गई। BSE पर यह शेयर 1.87 प्रतिशत की तेजी के साथ 330 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुआ। इस तेजी के बाद ब्यूटी और फैशन रिटेलर कंपनी का कुल बाजार मूल्यांकन 94,506.20 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
एक सप्ताह की अवधि में नायका के शेयर की कीमत में लगभग 6.52 प्रतिशत का उछाल आया है। विशेष रूप से शुक्रवार 10 जुलाई 2026 को इस शेयर ने 330.85 रुपये प्रति शेयर का अपना 52 हफ्तों का नया उच्चतम स्तर छुआ। यह 11 अगस्त 2025 को दर्ज किए गए इसके 52 हफ्तों के निचले स्तर 200.25 रुपये प्रति शेयर से एक बहुत बड़ा सुधार है, जिससे यह साफ होता है कि डिजिटल कंज्यूमर सेक्टर में अब दोबारा मजबूती लौट रही है।
किर्लोस्कर ऑयल इंजन: भारी इंजीनियरिंग क्षेत्र के शेयर ने दर्ज की शानदार तेजी
लगातार लाभ कमाने वाले शेयरों की इस सूची में किर्लोस्कर ऑयल इंजन भी शामिल है। शुक्रवार के कारोबारी सत्र में यह शेयर BSE पर 2.74 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2492.25 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुआ, जिससे इसका कुल बाजार पूंजीकरण 36,232.32 करोड़ रुपये हो गया।
इस शेयर में उतार-चढ़ाव के बीच ऊपर जाने का रुझान देखा गया है। पिछले पांच कारोबारी सत्रों में किर्लोस्कर ऑयल इंजन के शेयर में 11.66 प्रतिशत की तेजी आई है। शेयर ने 23 जून 2026 को अपना 52 हफ्तों का उच्चतम स्तर 2,720.35 रुपये प्रति शेयर छुआ था। इसके विपरीत, इसका 52 हफ्तों का निचला स्तर 830.05 रुपये प्रति शेयर 10 जुलाई 2026 को दर्ज किया गया था। यह व्यापक उतार-चढ़ाव औद्योगिक इंजीनियरिंग और कैपिटल गुड्स सेक्टर को लेकर बाजार की बदलती उम्मीदों को दर्शाता है।











