वैश्विक ऊर्जा बाजारों में भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर गहराता हुआ नजर आ रहा है, जिसके चलते कच्चे तेल के दाम तेजी से ऊपर की ओर बढ़ रहे हैं। अमेरिकी और ईरानी सेनाओं के बीच हालिया संघर्षों के कारण ऊर्जा आपूर्ति पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। इस स्थिति का सीधा असर बाजार पर देखने को मिल रहा है और कीमतों में लगातार बढ़त दर्ज की जा रही है।
हॉर्मोज जलडमरूमध्य और ईरानी ठिकानों पर हमले
हॉर्मोज जलडमरूमध्य के पास स्थित लार्क द्वीप पर अमेरिकी बलों ने ईरान के दो रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया। जुलाई के आखिर के बाद से दोनों देशों के बीच यह इस तरह का पहला सीधा सैन्य टकराव माना जा रहा है। इसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए। इस पूरे घटनाक्रम के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि आगे भी सैन्य कार्रवाई की जा सकती है और ईरान को कड़ा सबक सिखाया जा सकता है।
खाड़ी देशों की आपूर्ति और शिपिंग मार्ग का संकट
ईरान के तेल निर्यात के मुख्य केंद्र माने जाने वाले खार्ग द्वीप पर मंडराते खतरों ने बाजार की चिंता को और बढ़ा दिया है। यदि इन बुनियादी ढांचों को कोई नुकसान पहुंचता है, तो वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा, हॉर्मोज जलडमरूमध्य में नौसैनिक बारूदी सुरंगों की चपेट में आने से एक सुपरटैंकर में आग लगने की घटना सामने आई है, जिससे इस प्रमुख समुद्री मार्ग पर परिचालन जोखिम काफी बढ़ गया है। हालांकि, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत और इराक जैसे प्रमुख खाड़ी देश अभी भी अपने हिस्से का तेल शिप कर रहे हैं, जिससे आपूर्ति पूरी तरह ठप नहीं हुई है।
रूस की रिफाइनरियों पर हमले और वैश्विक ईंधन बाजार
मध्य पूर्व के तनाव के अलावा रूस की रिफाइनरियों पर यूक्रेनी ड्रोन और मिसाइल हमलों ने भी वैश्विक स्तर पर रिफाइंड उत्पादों की आपूर्ति को लेकर चिंताएं पैदा कर दी हैं। रूसी रिफाइनिंग क्षमता में आई कमी और खाड़ी देशों के जोखिम मिलकर ईंधन के रिफाइनिंग मार्जिन को समर्थन दे रहे हैं। अल्पकालिक आधार पर अमेरिकी और ईरानी संघर्ष के साथ-साथ हॉर्मोज जलडमरूमध्य की सुरक्षा ही क्रूड ऑयल की दिशा तय करने वाले मुख्य कारक बने हुए हैं।
विशेषज्ञों की राय और बाजार के बुनियादी पहलू
डॉयचे बैंक के विश्लेषकों का कहना है कि मध्य पूर्व में सप्ताहांत के दौरान हुई झड़पों के कारण जोखिम प्रीमियम में उछाल आया है। इसके साथ ही, वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट कच्चे तेल की परिभाषा और उसकी गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसे एक प्रमुख बेंचमार्क बनाती है। अपनी कम सल्फ्यूरिक सामग्री और हल्के गुणों के कारण इसे आसानी से रिफाइन किया जाता है। इसे संयुक्त राज्य अमेरिका में निकाला जाता है और कुशिंग हब के माध्यम से वितरित किया जाता है।
आपूर्ति, मांग और इन्वेंट्री रिपोर्ट का प्रभाव
पारंपरिक रूप से कच्चे तेल की कीमतें वैश्विक आर्थिक वृद्धि, राजनीतिक अस्थिरता, युद्ध और प्रतिबंधों से तय होती हैं। इसके अलावा ओपेक देशों के कोटे के फैसले भी इसमें अहम भूमिका निभाते हैं। अमेरिकी पेट्रोलियम संस्थान और ऊर्जा सूचना एजेंसी की साप्ताहिक इन्वेंट्री रिपोर्ट बाजार की मांग और आपूर्ति का सटीक संकेत देती हैं, जहां सरकारी एजेंसी होने के कारण ईआईए के आंकड़ों को अधिक विश्वसनीय माना जाता है। ओपेक और उसके सहयोगी देश जिसमें रूस भी शामिल है, लगातार उत्पादन को नियंत्रित कर बाजार को प्रभावित करते हैं।
अन्य वैश्विक बाजारों और परिसंपत्तियों की चाल
विदेशी मुद्रा और जिंस बाजारों में यूरोपीय सत्र के दौरान अन्य परिसंपत्तियों में भी हलचल देखी जा रही है। ब्रिटिश पाउंड और डॉलर के जोड़े में हल्की कमजोरी बनी हुई है, जबकि यूरो क्षेत्र में मुद्रास्फीति के आंकड़े बाजार के अनुमानों के अनुरूप आए हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रुख और आगामी आर्थिक डेटा को लेकर निवेशकों की नजरें बनी हुई हैं, जबकि सोने की कीमतों में भी नरमी का रुख देखा जा रहा है। विनिर्माण क्षेत्र के पीएमआई आंकड़ों और डीजल क्रैक स्प्रेड में आई तेजी ने भी बाजार का ध्यान आकर्षित किया है।



















