महाराष्ट्र में मतदाता सूची को पूरी तरह अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया चलाई जा रही है। मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय ने भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप यह पहल की है, ताकि राज्य का कोई भी पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे और किसी भी अपात्र या फर्जी व्यक्ति का नाम सूची में दर्ज न रहे। इस सघन अभियान के तहत राज्यभर के शैक्षणिक संस्थानों, मतदान केंद्रों और घर-घर जाकर नागरिकों के विवरण का सत्यापन किया जा रहा है।
युवाओं और नए मतदाताओं के लिए शिक्षण संस्थानों में विशेष शिविर
मतदाता सूची में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए राज्य के सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में 5 अक्टूबर से 9 अक्टूबर तक विशेष पंजीकरण शिविर आयोजित किए गए हैं। इन परिसरों में बूथ लेवल अधिकारियों को तैनात किया गया है, जो पात्र छात्र-छात्राओं को पंजीकरण प्रक्रिया समझा रहे हैं, उनकी शंकाओं का समाधान कर रहे हैं और फॉर्म भरने में सीधे सहायता प्रदान कर रहे हैं। इस कदम का मुख्य उद्देश्य उन युवाओं को तुरंत जोड़ना है जो हाल ही में मतदान की पात्रता हासिल कर चुके हैं।
घर-घर सत्यापन और मतदान केंद्रों पर विशेष कैंप
शैक्षणिक संस्थानों के अलावा बूथ लेवल अधिकारी बस्तियों और कॉलोनियों में घर-घर जाकर ऐसे नागरिकों की पहचान कर रहे हैं, जिनके नाम प्रारंभिक प्रारूप सूची में छूट गए हैं। सत्यापन की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अधिकारियों द्वारा उनसे फॉर्म 6 भरवाया जा रहा है। जिन नागरिकों से उनके आवास पर संपर्क नहीं हो सका, उनकी सुविधा के लिए 10 और 11 अक्टूबर को सभी निर्धारित मतदान केंद्रों पर विशेष पंजीकरण शिविर लगाए जाएंगे, ताकि कोई भी नागरिक छूट न जाए।
स्थानांतरित और अनुपस्थित मतदाताओं के लिए नाम बहाली की व्यवस्था
घर-घर गणना के दौरान कई ऐसे मतदाता चिन्हित हुए हैं जो अपने पते पर मौजूद नहीं थे या अन्यत्र चले गए हैं। ऐसे अनुपस्थित और स्थानांतरित मतदाताओं की सूची आधिकारिक पोर्टल पर सार्वजनिक कर दी गई है। जो लोग इस सूची में शामिल हैं, वे अपने विवरण की जांच कर सकते हैं और नाम दोबारा शामिल कराने अथवा आवश्यक सुधार करने के लिए विधिवत आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।
आवेदन जमा करने की प्रक्रिया और 12 अक्टूबर की समयसीमा
नए नाम दर्ज कराने, मौजूदा विवरण में सुधार करने या आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 12 अक्टूबर अंतिम तारीख तय की गई है। नागरिकों को डिजिटल और कागजी दोनों माध्यमों से आवेदन करने की सुविधा दी गई है। जो लोग भौतिक रूप से दस्तावेज जमा करना चाहते हैं, वे चुनाव पंजीकरण अधिकारी, सहायक चुनाव पंजीकरण अधिकारी, स्थानीय बूथ लेवल अधिकारी या विशेष शिविरों में जाकर आवेदन सौंप सकते हैं। वहीं डिजिटल माध्यम अपनाने वाले नागरिक चुनाव आयोग के पोर्टल या आधिकारिक ईसीआईनेट मोबाइल ऐप के जरिए अपनी अर्जी लगा सकते हैं। सभी वैध दस्तावेजों के साथ जमा किए गए आवेदनों की जांच चुनाव पंजीकरण अधिकारियों द्वारा की जाएगी और पात्र प्रविष्टियों को संबंधित विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज कर लिया जाएगा।
सघन पुनरीक्षण की आवश्यकता पर मुख्यमंत्री का वक्तव्य
राज्य में चल रहे इस अभियान पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 5 अक्टूबर को स्पष्ट किया था कि फील्ड स्तर के सत्यापन के माध्यम से मतदाता सूची का नए सिरे से निर्माण करना अपरिहार्य हो चुका है। मुख्यमंत्री के अनुसार, “तेज शहरीकरण, लगातार पलायन, नए योग्य युवाओं का जुड़ना, बिना रिकॉर्ड वाली मौतें और निर्वाचन क्षेत्र में बदलाव लगातार वोटर जनसांख्यिकी को बदलते हैं. अकेले पिछले 20 वर्षों में लाखों नाम जोड़े और हटाए गए हैं. समय-समय पर गहन वेरिफिकेशन जरूरी है ताकि कोई भी योग्य नागरिक बाहर न रहे और कोई भी अवैध या डुप्लीकेट एंट्री न बचे.”
पारदर्शी प्रक्रिया और दोहरे पंजीकरण पर रोक
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि यह पुनरीक्षण पूरी तरह पारदर्शी जमीनी जांच पर आधारित है। इस प्रक्रिया में घर-घर जाकर गणना फॉर्म का वितरण और संकलन, दिवंगत नागरिकों के नाम हटाना, अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में दर्ज दोहरे पंजीकरण को खत्म करना और नागरिकों को वर्तनी या पते की गलतियों को ठीक करने का स्पष्ट अवसर देना शामिल है। इस व्यवस्थित कवायद से चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता और सुदृढ़ होगी।




















