दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' रिलीज के महज तीन दिन के भीतर ही ओटीटी प्लेटफॉर्म से गायब हो गई है। पहले 'पंजाब 95' नाम से बनी यह फिल्म कई सालों की देरी और विवादों में उलझी रही और आखिरकार 3 जुलाई, 2026 को ज़ी5 पर रिलीज हुई थी। मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित इस बायोपिक को दर्शकों और क्रिटिक्स दोनों से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा था, इसी बीच अचानक यह जानकारी सामने आई कि फिल्म को ज़ी5 इंडिया से हटा लिया गया है।
दर्शकों ने बताई अचानक रुकने की शिकायत
माजरा तब खुला जब सोशल मीडिया पर कई दर्शकों ने शिकायत की कि फिल्म देखते-देखते बीच में ही अचानक रुक गई। कुछ यूजर्स ने यह भी दावा किया कि अब फिल्म प्लेटफॉर्म पर ढूंढे नहीं मिल रही। जैसे-जैसे यह शिकायतें बढ़ीं, दर्शकों में यह सवाल उठने लगा कि आखिर एक हफ्ते के अंदर ही ऐसी क्या वजह आ गई कि इतनी चर्चा बटोर रही फिल्म को हटाना पड़ा।
ज़ी5 ने माना, हटाई गई फिल्म
इन्हीं शिकायतों के जवाब में ज़ी5 ने इंस्टाग्राम पर एक आधिकारिक पोस्ट शेयर करते हुए पुष्टि की कि 'सतलुज' को भारत में अगले आदेश तक के लिए हटा दिया गया है। पोस्ट में लिखा गया, 'रिलीज के बाद 'सतलुज' को जो रिस्पॉन्स मिला वह वाकई जबरदस्त रहा है। हम हर उस दर्शक के आभारी हैं जिन्होंने इस फिल्म को देखा और इसे सपोर्ट किया। आपका प्यार और सपोर्ट हमारे साथ-साथ उन सभी लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, जिन्होंने इसे बनाया और पर्दे पर उतारा। ज़ी5 अभी भी 'सतलुज' और इसके पीछे की क्रिएटिव सोच के साथ मजबूती से खड़ा है, क्योंकि हमारा मानना है कि दमदार कहानी में लोगों को प्रेरित करने, लंबे समय तक याद रहने और गहरा असर छोड़ने की क्षमता होती है। हम अब भी सच्ची और सार्थक कहानियों को सपोर्ट करने के लिए कमिटेड हैं।'
दोबारा कब आएगी फिल्म? ज़ी5 ने दिया भरोसा
प्लेटफॉर्म ने अपने बयान में आगे स्पष्ट किया कि मौजूदा हालातों के चलते ही 'सतलुज' को हटाना पड़ा है और यह फिल्म अगले आदेश तक भारत में उपलब्ध नहीं होगी। हालांकि, ज़ी5 ने यह भी भरोसा दिलाया कि वह इसे दर्शकों तक वापस लाने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रहा है और सही प्रक्रिया अपनाते हुए, उचित तरीके से फिल्म को दोबारा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। बयान में यह भी कहा गया कि क्रिएटिव ईमानदारी और मकसद के साथ कही गई कहानियों के प्रति उनका कमिटमेंट अटूट है। यह खबर उन दर्शकों के लिए बड़ा झटका है जो चार साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार इस फिल्म को देख पाए थे, ऐसे में अचानक इसका हट जाना कई लोगों की उम्मीदों पर पानी फेरने जैसा है।
हरभजन सिंह ने X पर लिखी भावुक पोस्ट
फिल्म को लेकर पूर्व क्रिकेटर और सांसद हरभजन सिंह ने भी सोशल मीडिया पर अपनी राय रखी थी। अपनी X पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'जलियांवाला बाग इतिहास के सबसे बड़े नरसंहारों में से एक है। इसे औपनिवेशिक शासन ने अंजाम दिया था। लेकिन, 'जसवंत सिंह खालड़ा' देखने के बाद मेरे मन में जो सवाल उठता है, वह अलग है। बाहरी लोगों के ज़ुल्म से ज्यादा दर्दनाक क्या होता है? इससे ज्यादा दर्दनाक होता है जब अपने ही लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी उठाने वाले ही उनके सबसे बड़े डर का कारण बन जाएं। एक पुलिस अफसर का फर्ज बेगुनाहों की सुरक्षा है, न कि सत्ता का गलत इस्तेमाल करना। खालड़ा की हिम्मत कथित तौर पर गैर-कानूनी ढंग से लोगों के गायब होने और गुपचुप तरीके से अंतिम संस्कार करने के सबूत सामने लाई। ये हमें याद दिलाता है कि सरकारी सत्ता के गलत इस्तेमाल से ऐसे जख्म हो सकते हैं जो पीढ़ियों तक बने रहते हैं। पंजाब की कई माताएं अब भी जवाब का इंतजार कर रही हैं। कई परिवार अभी भी इंसाफ का इंतजार कर रहे हैं। सच हमेशा के लिए दबाया नहीं जा सकता। जसवंत सिंह खालड़ा की कहानी को दुनिया के सामने लाने के लिए हनी त्रेहान और दिलजीत दोसांझ ने बेहतरीन काम किया है। उनकी हिम्मत को हमेशा याद रखा जाना चाहिए।' हरभजन सिंह की इस पोस्ट ने फिल्म को लेकर चल रही चर्चा को और हवा दे दी थी, ठीक उसी दौर में जब प्लेटफॉर्म ने फिल्म को हटाने का ऐलान किया।
कहानी और कलाकार
'सतलुज' मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित बायोपिक है। फिल्म का निर्देशन हनी त्रेहान ने किया है, वहीं दिलजीत दोसांझ इसमें लीड रोल में नजर आए हैं। उनके साथ अर्जुन रामपाल, कंवलजीत सिंह, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओल्यान भी मुख्य भूमिकाओं में हैं। चार साल की देरी और विवादों के बीच रिलीज हुई इस फिल्म को जिस तरह का शुरुआती रिस्पॉन्स मिला था, उसे देखते हुए अब इसका अचानक हट जाना दर्शकों, कलाकारों और फिल्म से जुड़े सभी लोगों के लिए निराशाजनक बन गया है।











