दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज, जो पहले पंजाब 95 नाम से जानी जाती थी, 03 जून 2026, शुक्रवार को सीधे ज़ी5 पर स्ट्रीम होने लगी। किसी बड़े प्रचार या शोर-शराबे के बिना आई इस फिल्म ने रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर दर्शकों का ध्यान खींच लिया और अब एक्स पर लोग इसकी जमकर तारीफ कर रहे हैं।
बिना प्रमोशन, लेकिन सेंसर बोर्ड से लंबी लड़ाई के बाद रिलीज
यह फिल्म काफी समय से बन रही थी और इसकी थिएट्रिकल रिलीज आसान नहीं रही। सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन ने सिनेमाघरों में रिलीज के लिए फिल्म में 120 से ज्यादा कट लगाने की शर्त रखी थी। इतने बड़े पैमाने पर कट्स की मांग के बाद फिल्म थिएटर तक नहीं पहुंच सकी और आखिरकार इसे बिना किसी कटौती के सीधे ज़ी5 पर उतार दिया गया, साथ ही नाम भी बदलकर पंजाब 95 से सतलुज कर दिया गया। जैसे ही फिल्म स्ट्रीम हुई, दर्शकों ने इसे देखना शुरू किया और तुरंत एक्स पर अपने अनुभव शेयर करने लगे। लगभग हर रिव्यू में कहानी को दमदार बताया गया और दिलजीत दोसांझ के काम की तारीफ की गई।
कहानी ने दर्शकों को भीतर तक झकझोरा
एक यूजर ने फिल्म की कहानी और उसके हर सीन पर लिखते हुए कहा कि यह फिल्म देखने वाले को झकझोर देती है, भावुक कर देती है, बेचैन कर देती है और सुन्न कर देती है। यूजर के मुताबिक यह खून से सनी एक दर्दनाक कहानी है और इसे बनाने वालों को इसका श्रेय जाता है कि उन्होंने अपनी बात पर अड़े रहते हुए इसे बेझिझक नरसंहार कहा, सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन के दबाव में नहीं झुके और फिल्म की आत्मा या उसके मकसद से समझौता किए बिना इसे पूरा किया। इसी यूजर ने लिखा कि यह हनी त्रेहान की जीत है, जिन्होंने तमाम मुश्किलों के बावजूद फिल्म को ठीक वैसे ही रिलीज करवाया जैसा उन्होंने शुरू में सोचा था, और यह शहीद जसवंत सिंह खालरा को एक सच्ची श्रद्धांजलि है।
15 मिनट में ही आ गया गुस्सा और दुख का एहसास
एक और यूजर ने लिखा कि वह ज़ी5 पर पंजाब 95 यानी सतलुज देख रहा है और फिल्म शुरू हुए अभी सिर्फ 15 मिनट ही बीते हैं, लेकिन उसे इतना दुख और गुस्सा महसूस हो रहा है कि बयां नहीं कर सकता। इस यूजर ने दिलजीत दोसांझ को टैग करते हुए बताया कि जो लोग नहीं जानते, उनके लिए यह फिल्म शहीद जसवंत सिंह खालड़ा की बायोपिक है और सतलुज नाम दरअसल अविभाजित पंजाब की पांच नदियों में से एक नदी का नाम है।
दिलजीत दोसांझ के अभिनय ने भी जीता दिल
कहानी के अलावा दर्शकों ने स्टार कास्ट की भी जमकर तारीफ की। एक दर्शक ने लिखा कि उसने अभी-अभी सतलुज देखी है और सच कहे तो उसके पास इसे बयां करने के लिए शब्द नहीं हैं। यूजर के मुताबिक यह इतनी जबरदस्त और रोंगटे खड़े कर देने वाली फिल्म है कि इसे देखकर पूरे शरीर में सिहरन दौड़ गई, और दिलजीत दोसांझ की परफॉर्मेंस शानदार और दमदार रही।
हनी त्रेहान के डायरेक्शन को भी सराहा जा रहा है
दर्शकों को सिर्फ कहानी और कास्ट ही नहीं, बल्कि निर्देशन भी खूब पसंद आ रहा है। एक यूजर ने लिखा कि उसने अभी सतलुज देखी है और हनी त्रेहान ने इसे बेहद शानदार तरीके से निर्देशित किया है, वहीं पंजाब के बेटे दिलजीत दोसांझ की परफॉर्मेंस जबरदस्त रही है। इस यूजर ने आगे लिखा कि वह शुरू से ही दिलजीत दोसांझ की कला का प्रशंसक रहा है और इस फिल्म ने उसके मन में उनके लिए सम्मान और बढ़ा दिया है, साथ ही उसने शहीद जसवंत सिंह खालरा को भी याद किया।
दर्शकों ने कहा, यह आंखें खोलने वाली फिल्म है
एक अन्य यूजर ने रिव्यू में लिखा कि लंबे समय से इंतजार की जा रही पंजाब 95 अब सतलुज बन गई है और यह एक चौंकाने वाली तथा जबरदस्त फिल्म है। यूजर ने हैरानी जताई कि आम लोगों को 90 के दशक के आसपास पंजाब में हुई एक्स्ट्रा-ज्यूडिशियल हत्याओं के बारे में जानकारी नहीं है। उसने फिल्म की पटकथा को कसा हुआ और दिलचस्प बताया और कहा कि इसमें रोमांच कभी कम नहीं होता। यूजर ने आखिर में लिखा कि यह फिल्म जरूर देखनी चाहिए क्योंकि यह आंखें खोलने वाली है।













