उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की सियासी सरगर्मी अभी से तेज हो गई है। इसी क्रम में बलिया में एक जनसभा को संबोधित करते हुए सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को एक साथ घेरते हुए उन्हें दगे हुए कारतूस करार दिया है।
विपक्ष की हार का दावा
ओम प्रकाश राजभर ने अपने संबोधन में वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि तब समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने गठबंधन के साथ चुनाव लड़ा था, लेकिन वे बमुश्किल 47 सीटें ही जीत पाए थे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वही पुरानी और घिसी-पिटी ताकतें अब 2027 की तैयारी करने का दावा कर रही हैं, जबकि हकीकत में विपक्ष का सूपड़ा साफ होना तय है। राजभर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर समाजवादी पार्टी 2027 में 27 सीटें भी जीत लेती है, तो यह उनके लिए बहुत बड़ी कामयाबी मानी जाएगी।
पूर्वांचल में खुली चुनौती
मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने पूर्वांचल के कई जिलों का उदाहरण देकर समाजवादी पार्टी को सीधा चैलेंज दिया है। वाराणसी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यहां विधानसभा की 9 सीटें हैं और समाजवादी पार्टी वहां अपना खाता भी नहीं खोल पाएगी। चंदौली को लेकर उन्होंने कहा कि वहां अभी सपा के पास एक सीट है, लेकिन इस बार उसे भी छीनकर एनडीए की जीत पक्की की जाएगी। गाजीपुर की सभी 7 सीटों पर भी उन्होंने विपक्ष के सफाए की बात कही, जबकि जौनपुर में विपक्ष को केवल दो सीटों तक सीमित रहने की बात दोहराई।
शिवपाल यादव की प्रतिक्रिया
ओम प्रकाश राजभर के बयानों और अखिलेश यादव पर उनके लगातार हमलों के बीच समाजवादी पार्टी की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। शिवपाल यादव ने राजभर के बयानों को महत्वहीन बताते हुए कहा कि उन्हें किसी विशेषज्ञ डॉक्टर से इलाज कराने की सख्त जरूरत है। उन्होंने कहा कि उनके बयानों का कोई आधार नहीं होता है।
राजभर ने इससे पहले भी अखिलेश यादव के PDA के नारे को लेकर तंज कसा था और कहा था कि अखिलेश यादव चाहें तो इस शॉर्ट फॉर्म में 'A' का अर्थ आतंकवादी भी बता सकते हैं। विपक्ष के साथ गठबंधन पर भी राजभर लगातार आक्रामक तेवर अपनाए हुए हैं।











