शिवसेना (यूबीटी) के पूर्व सांसद विनायक राउत के परिवार में जादू-टोना और प्रताड़ना के आरोपों को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। उनकी बहू गिरिजा राउत ने अपने पति गीतेश राउत और ससुराल के अन्य सदस्यों पर घरेलू हिंसा और अघोरी प्रथाओं को बढ़ावा देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस शिकायत के बाद ठाणे के कापुरबावड़ी पुलिस स्टेशन में महाराष्ट्र के अंधश्रद्धा निर्मूलन कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए फिरोज अदम शेख नामक एक बाबा को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी को ठाणे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है ताकि मामले की गहनता से जांच की जा सके।
तांत्रिक की गिरफ्तारी और कानूनी प्रक्रिया
गिरिजा राउत द्वारा दर्ज कराई गई विस्तृत शिकायत के आधार पर ठाणे पुलिस ने महाराष्ट्र नरबली और अन्य अमानवीय, अनिष्ट एवं अघोरी प्रथाएं और जादू-टोना रोकथाम व उन्मूलन अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उस तांत्रिक फिरोज अदम शेख को पकड़ लिया, जो इस परिवार के लिए कथित तौर पर अंधविश्वासी अनुष्ठान करता था। पुलिस अधिकारियों ने आरोपी बाबा को ठाणे कोर्ट के समक्ष पेश किया और इस पूरे मामले में छिपे अन्य पहलुओं को सामने लाने के लिए उसकी कस्टडी की मांग की। कोर्ट ने पुलिस की दलीलों को स्वीकार करते हुए आरोपी को दो दिन की पुलिस रिमांड में भेजने का आदेश दिया है, जिससे पुलिस उससे इन कथित अघोरी प्रथाओं के बारे में पूछताछ कर सकेगी।
वैवाहिक संबंधों में तनाव और अघोरी प्रथाओं के आरोप
साल 2017 में गीतेश राउत के साथ शादी के बंधन में बंधी गिरिजा राउत ने अपने दांपत्य जीवन को लेकर कई हैरान करने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही उनके और उनके पति के बीच कभी भी शारीरिक संबंध स्थापित नहीं हो सके। गिरिजा के अनुसार, गीतेश हमेशा इस बात से इनकार करता रहा और वैवाहिक जीवन को बेहतर बनाने के नाम पर अघोरी प्रथाओं और जादू-टोने का सहारा लेता रहा। जब भी गिरिजा ने इन अंधविश्वासी हरकतों का विरोध करने की कोशिश की, तो उनके साथ मारपीट की गई, उन्हें गंदी गालियां दी गईं और जबरन चुप करा दिया गया। गिरिजा ने यह भी आरोप लगाया कि उनके ससुर विनायक राउत खुद घर में इन अंधविश्वासी प्रथाओं को बढ़ावा देते थे। उनके मुताबिक, सिर पर नींबू काटना और अगरबत्ती की भभूत का पानी पिलाने जैसे कृत्य घर में आम बात थे।
संदिग्ध नकदी और वित्तीय विवाद का मामला
दर्ज कराई गई शिकायत में घर के भीतर होने वाली संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों का भी उल्लेख किया गया है। गिरिजा ने बताया कि गीतेश अक्सर घर पर भारी मात्रा में नकदी लेकर आता था और उनसे उसे गिनने के लिए कहता था। एक बार घर में नोट गिनने की मशीन होने के बावजूद गिरिजा से लगभग 18 लाख रुपये नकद गिनने के लिए कहा गया था। जब उन्होंने इस पैसे के स्रोत के बारे में जानना चाहा, तो गीतेश ने कोई भी जानकारी देने से साफ इनकार कर दिया। इसके अलावा, गिरिजा ने पूर्व सांसद विनायक राउत द्वारा लगाए गए उन आरोपों का भी खंडन किया है, जिसमें कहा गया था कि उन्होंने 5 करोड़ रुपये, 2 लाख रुपये मासिक खर्च, एक 3 BHK फ्लैट और एक ऑटोमैटिक कार की मांग की है। गिरिजा ने इन आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियाद बताते हुए स्पष्ट किया कि उन्होंने केवल घरेलू हिंसा और प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराई है और ऐसी कोई मांग नहीं की है।
पीड़िता के परिवार और वकील का पक्ष
अपनी बेटी के समर्थन में आगे आते हुए गिरिजा की मां पूजा पवार ने बताया कि वे अक्सर अपनी बेटी के सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ उनके घर जाती थीं। हालांकि, उन्हें अक्सर कमरे के बाहर बिठा दिया जाता था, जबकि गिरिजा और गीतेश अंदर बाबाओं के साथ बैठते थे। पूजा पवार ने कहा कि उन्होंने इतने समय तक केवल इसलिए चुप्पी साधे रखी ताकि शायद समय के साथ सब ठीक हो जाए, लेकिन जब ऐसा नहीं हुआ तो वे अब न्याय की मांग कर रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि गिरिजा पिछले तीन साल से अपने पति से अलग रह रही हैं और अब वे जल्द ही कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल करेंगी।
गिरिजा राउत के वकील सागर कदम ने इस पूरे मामले में की जा रही कानूनी कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस शिकायत में महाराष्ट्र के अघोरी प्रथा और नरबली विरोधी कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। वकील के अनुसार, जादू-टोना के इस मामले में कुल सात आरोपी हैं, जिनमें पूर्व सांसद विनायक राउत का नाम भी शामिल है। कानूनी टीम ने पुलिस से मांग की है कि FIR में दर्ज सभी आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि अघोरी प्रथाओं के खिलाफ शिकायत के साथ-साथ घरेलू प्रताड़ना को लेकर भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है।











