संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले दो बड़ी खबरें सामने आईं, पहली बार एनसीपीआई ने संसदीय दल की बैठक में हिस्सा लिया और सुदीप बंद्योपाध्याय ने साफ किया कि उनकी पार्टी इस सत्र में एनडीए सरकार का साथ देगी।
सोमवार से शुरू होगा मानसून सत्र
संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है और इसमें कई अहम विधेयक पेश किए जाने हैं। एनसीपीआई के संसदीय दल के तौर पर पहली बार शामिल होने के साथ ही इस सत्र में टीएमसी के बागी सांसदों को पार्टी से अलग सीटें दी जाएंगी, जो टीएमसी के भीतर मौजूद फूट को साफ दिखाता है।
कार्य मंत्रणा समिति की बैठक
सत्र शुरू होने से पहले लोकसभा अध्यक्ष ने कार्य मंत्रणा समिति की बैठक की अध्यक्षता की और सदन में रचनात्मक चर्चा की जरूरत पर जोर दिया। राज्यसभा में भी सोमवार को संसद भवन में इसी तरह की कार्य मंत्रणा समिति की बैठक होनी है, जिसमें उच्च सदन के कामकाज को लेकर रणनीति तय होगी। भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना ने कहा कि "सत्र शुरू होने से पहले सभी दलों का साथ बैठना परंपरा रही है," जो हर सत्र से पहले होने वाली सर्वदलीय बैठक की परिपाटी की ओर इशारा करता है।
वंदे मातरम् के अपमान पर विधेयक
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह वंदे मातरम् के अपमान को अपराध घोषित करने वाला एक विधेयक संसद में पेश करने वाले हैं, जो इस सत्र के अहम एजेंडा में से एक होगा।
परिसीमन विधेयक पर डीएमके की मांग
डीएमके सांसद तिरुचि शिवा ने परिसीमन विधेयक को लेकर स्पष्टता मांगी है, यह प्रस्तावित कानून संसदीय सीटों की सीमाओं में बदलाव ला सकता है। उन्होंने महिला आरक्षण कानून को लेकर अपनी पार्टी के समर्थन को भी दोहराया।
टीएमसी के बागी सांसदों की अलग बैठक
इसी बीच टीएमसी के बागी सांसदों ने अपनी अलग संसदीय दल की बैठक की, जिसमें उन्होंने अपना सदन नेता और मुख्य सचेतक चुना। इससे मानसून सत्र शुरू होने से पहले ही संसद के भीतर उनका एक अलग खेमे के तौर पर स्वरूप साफ हो गया।



















