पंजाब कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व में हुए फेरबदल के बाद पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने राज्य संगठन और प्रभारी के कामकाज को लेकर खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि पार्टी के पंजाब प्रभारी सचिन पायलट ने संभवतः यह मन बना लिया था कि उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी से मुक्त करने का वक्त आ चुका है। हालांकि वड़िंग ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके पास अपने इस आकलन का कोई ठोस प्रमाण मौजूद नहीं है, लेकिन अपने दीर्घकालिक सियासी तजुर्बे के आधार पर उन्हें ऐसा ही महसूस होता है। पद छोड़ने के तत्काल बाद उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से भेंट कर राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की।
प्रभारी बनने के बाद सिर्फ पंद्रह मिनट की औपचारिक मुलाकात
अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने संगठनात्मक संवाद की स्थिति साझा करते हुए बताया कि जब सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का प्रभारी नियुक्त किया गया था, तब वह उनसे केवल औपचारिकता के तहत मिले थे। वड़िंग के अनुसार, नियुक्ति के वक्त वह पायलट को बधाई देने पहुंचे थे और उस दौरान करीब 15 मिनट तक बातचीत हुई थी। उस मुलाकात के बाद उनकी सचिन पायलट से कोई दूसरी बैठक अथवा चर्चा नहीं हुई। इसी संवादहीनता और अपने लंबे राजनीतिक सफर के अनुभवों को जोड़ते हुए वड़िंग ने कहा कि शायद पार्टी महासचिव ने ही यह तय किया होगा कि अब राजा को पद से हटा देना चाहिए।
फैसले के पीछे अन्य कोई कारण नजर नहीं आता
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इस संगठनात्मक बदलाव के पीछे उन्हें कोई दूसरा विशिष्ट कारण दिखाई नहीं देता। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी समझ में अगर कोई बात थी, तो वह यह कि प्रभारी स्तर पर ही यह फैसला लिया गया। वड़िंग ने आगे कहा कि उन्होंने पूरे घटनाक्रम और पंजाब के संदर्भ में अपनी बात पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के समक्ष रख दी है। उनका कहना था कि राहुल गांधी से संवाद करने के बाद पार्टी में ऐसा कोई अन्य व्यक्ति नहीं रह जाता, जिसके पास जाकर यह समझाया जाए कि संगठन में क्या होना चाहिए था और क्या नहीं।
राहुल गांधी से मुलाकात में राज्य के मुद्दों पर चर्चा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटने के तुरंत बाद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने राहुल गांधी से मुलाकात की। इस बैठक का विवरण साझा करते हुए उन्होंने बताया कि राहुल गांधी ने उनसे बेहद आत्मीयता और स्नेह के साथ बात की। मुलाकात के दौरान राहुल गांधी ने पंजाब की राजनीतिक जमीनी हकीकत और पार्टी संगठन से जुड़े कई सवाल पूछे। वड़िंग ने उन सभी प्रश्नों के उत्तर दिए और राज्य को लेकर अपने स्वतंत्र विचार भी सामने रखे। उन्होंने कहा कि शीर्ष नेतृत्व के साथ यह बातचीत पूरी तरह सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई।
गुरुद्वारा बंगला साहिब में पत्नी के साथ की अरदास
राहुल गांधी के आवास पर बैठक संपन्न होने के तुरंत बाद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग अपनी पत्नी के साथ नई दिल्ली स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा बंगला साहिब पहुंचे। वहां उन्होंने मत्था टेका और अरदास की। अपने राजनीतिक जीवन के मूल्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी नेता के लिए पद की अवधि से ज्यादा यह मायने रखता है कि उसका कार्यकाल जनता के दिलों में कैसा रहा। उनका मानना है कि कार्यकाल छोटा हो या लंबा, वह ऐसा होना चाहिए जिसे लोग अच्छे कार्यों के लिए याद रखें।
मंत्री पद और साढ़े चार साल के अध्यक्षीय कार्यकाल पर संतोष
अपने पिछले प्रशासनिक और राजनीतिक दायित्वों को याद करते हुए राजा वड़िंग ने कहा कि पूर्व में मंत्री के रूप में बिताया गया उनका समय भी उल्लेखनीय और यादगार रहा था। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में व्यक्ति को मिलने वाले प्रत्येक अवसर के प्रति कृतज्ञ होना चाहिए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में करीब साढ़े चार साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद वह अपने कामकाज और प्रदर्शन से पूरी तरह संतुष्ट हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि राजनीति में जो कुछ भी घटित होता है, वह अच्छे के लिए ही होता है। पार्टी ने उन्हें जब भी जो जिम्मेदारी सौंपी, उन्होंने उसे सहर्ष स्वीकार किया और हमेशा हाईकमान के आदेशों का पूरी निष्ठा से पालन किया।
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले नेतृत्व का नया ढांचा
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी में यह महत्वपूर्ण फेरबदल ऐसे समय में सामने आया है जब राज्य में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक समीकरण साधे जा रहे हैं। पिछले कुछ समय से पार्टी की पंजाब इकाई के भीतर अंदरूनी खींचतान और मतभेदों की बातें लगातार चर्चा में थीं। विशेष रूप से अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बीच प्रदेश संगठन के नेतृत्व को लेकर कथित गतिरोध की खबरें भी सामने आती रही थीं। ऐसे में विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को नया रूप देने की कवायद को बेहद अहम माना जा रहा है।
2022 में नवजोत सिंह सिद्धू के बाद संभाली थी कमान
अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने वर्ष 2022 में पंजाब प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद का दायित्व संभाला था, जब उन्हें नवजोत सिंह सिद्धू के स्थान पर यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हाल के दिनों में पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष पद से उनके हटने और नए चेहरे की तलाश को लेकर राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज थीं। अब वड़िंग के पद छोड़ने के बाद कांग्रेस आलाकमान राज्य में नए नेतृत्व के चयन और संगठन के पुनर्गठन की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ा रहा है।


















