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सोमवार के 'चलो संसद' मार्च से पहले दिल्ली में सुरक्षा सख्त, धारा 163 लागूराजनीति
19 घंटे पहले· 1

सोमवार के 'चलो संसद' मार्च से पहले दिल्ली में सुरक्षा सख्त, धारा 163 लागू

संसद के मानसून सत्र और कॉकरोच जनता पार्टी के प्रस्तावित मार्च से पहले नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है, डीसीपी सचिन शर्मा ने कहा कि किसी भी मार्च की अनुमति नहीं दी गई।

देश की संसद में सोमवार से मानसून सत्र शुरू हो रहा है और ठीक उसी दिन कॉकरोच जनता पार्टी ने 'चलो संसद' नाम से मार्च निकालने का ऐलान किया है। इसे देखते हुए राजधानी के नई दिल्ली जिले में पुलिस ने सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया है और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यानी BNSS की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने साफ किया कि इस प्रस्तावित मार्च के लिए न तो किसी ने अनुमति मांगी और न ही प्रशासन की तरफ से किसी को हरी झंडी दी गई है।

डीसीपी ने एक्स पर जारी की सार्वजनिक चेतावनी

पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा ने रविवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक आधिकारिक नोटिस पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने विरोध मार्च को लेकर स्थिति साफ की। उन्होंने लिखा, "दिल्ली पुलिस स्पष्ट करती है कि इस तरह के किसी भी विरोध मार्च या जुलूस के लिए न तो अनुमति मांगी गई है और न ही दी गई है।" इसके साथ ही उन्होंने बताया कि नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 पहले से ही प्रभावी है, यानी इस इलाके में बड़ी सभाओं और जुलूसों पर रोक है।

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जंतर-मंतर को छोड़कर हर जगह जमावड़े पर पाबंदी

इसी एडवाइजरी में यह भी स्पष्ट किया गया कि नई दिल्ली में जंतर-मंतर पर तय किए गए प्रदर्शन स्थल के अलावा कहीं भी विरोध मार्च, जुलूस या प्रदर्शन की इजाजत नहीं होगी, और वहां भी प्रदर्शन के लिए पहले अनुमति लेनी अनिवार्य है। साथ ही पांच या उससे ज्यादा लोगों के एक जगह इकट्ठा होने पर भी सख्ती से रोक लगाई गई है। यानी अगर कोई समूह बिना इजाजत के सड़क पर उतरता है तो पुलिस उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है।

बैरिकेड्स और गहन वाहन जांच से घिरी राजधानी

जमीन पर सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए दिल्ली पुलिस ने अतिरिक्त जवानों की तैनाती कर दी है। शहर के मुख्य प्रवेश मार्गों पर बैरिकेड्स खड़े किए गए हैं और वहां से गुजरने वाली हर गाड़ी की बारीकी से जांच हो रही है। पुलिस की ओर से कहा गया, "हम उच्च सुरक्षा क्षेत्र की ओर किसी भी अनधिकृत मार्च को जाने की अनुमति नहीं देंगे।" अधिकारियों के मुताबिक संसद सत्र चलने तक यह अतिरिक्त सतर्कता बरकरार रहेगी क्योंकि यह पूरी तरह एहतियाती कदम है।

नई दिल्ली, मध्य दिल्ली और उत्तर दिल्ली में हाई सिक्योरिटी जोन

पुलिस ने बताया कि नई दिल्ली के अलावा मध्य दिल्ली और उत्तर दिल्ली के कुछ हिस्सों को भी कड़ी निगरानी वाले क्षेत्रों में तब्दील कर दिया गया है। इन इलाकों के कई प्रवेश मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई है और चौबीसों घंटे गश्त चल रही है, ताकि संसद भवन के आसपास किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति न बने।

क्यों निकाला जा रहा है यह मार्च

कॉकरोच जनता पार्टी ने यह मार्च NEET परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों के विरोध में और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग को लेकर बुलाया है। पार्टी की इसी घोषणा के बाद प्रशासन हरकत में आया और राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को कई गुना बढ़ा दिया गया।

पुलिस की जनता से सीधी अपील

डीसीपी सचिन शर्मा ने आम लोगों से भी अपील की है कि कोई भी व्यक्ति खुद कानून हाथ में लेने की कोशिश न करे और शांति व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का साथ दे। उनका कहना है कि मानसून सत्र के दौरान बढ़ाई गई यह सुरक्षा पूरी तरह ऐहतियातन है, ताकि संसद की कार्यवाही बिना किसी बाधा के चल सके और आम नागरिकों को भी असुविधा न हो।

सवाल-जवाब

20 जुलाई को कौन सा मार्च प्रस्तावित है?
कॉकरोच जनता पार्टी ने 'चलो संसद' नाम से एक मार्च का ऐलान किया है, जो संसद के मानसून सत्र शुरू होने वाले दिन ही होना है।
क्या इस मार्च को पुलिस से अनुमति मिली है?
नहीं, डीसीपी सचिन शर्मा के मुताबिक इस मार्च के लिए न तो अनुमति मांगी गई है और न ही दी गई है।
नई दिल्ली में धारा 163 का क्या मतलब है?
BNSS की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू होने से नई दिल्ली जिले में बड़ी सभाओं, जुलूसों और पांच या उससे अधिक लोगों के जमावड़े पर रोक रहती है।
क्या कहीं प्रदर्शन की छूट है?
हां, सिर्फ जंतर-मंतर स्थित तय प्रदर्शन स्थल पर, वह भी पहले से अनुमति लेने पर ही प्रदर्शन की इजाजत है।
यह मार्च क्यों बुलाया गया है?
कॉकरोच जनता पार्टी ने NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के विरोध में और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर यह मार्च बुलाया है।
जमीन पर पुलिस ने क्या तैयारी की है?
पुलिस ने अतिरिक्त जवान तैनात किए हैं, प्रमुख प्रवेश मार्गों पर बैरिकेड्स लगाए हैं और वाहनों की गहन जांच कर रही है, साथ ही चौबीसों घंटे गश्त जारी है।
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