मध्य प्रदेश के ग्वालियर रेलवे स्टेशन से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें प्लेटफॉर्म पर मौजूद भीड़ ने एक युवक को चोर समझकर बुरी तरह पीट डाला। यह घटना 29 जून की शाम करीब 4 बजे प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर हुई और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही रेल पुलिस के कामकाज पर सवाल खड़े हो गए। मामला तूल पकड़ने के बाद रेल पुलिस मुख्यालय हरकत में आया और जांच अधिकारी रहे GRP सब इंस्पेक्टर को लाइन अटैच कर पूरे प्रकरण की पड़ताल शुरू करवा दी गई।
प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर अचानक क्यों भड़की भीड़
पुलिस के मुताबिक एक महिला यात्री ने शोर मचाते हुए आरोप लगाया कि युवक ने उसके कान से सोने की बाली खींचने की कोशिश की। महिला की आवाज सुनते ही प्लेटफॉर्म पर मौजूद बाकी यात्री भी सतर्क हो गए और उन्होंने युवक को दबोच लिया। देखते ही देखते वहां जुटी भीड़ ने युवक की जमकर पिटाई शुरू कर दी। किसी ने उसे रोकने की कोशिश नहीं की और मारपीट लगातार बढ़ती चली गई।
बेटी को गोद में उठाकर भी नहीं थमी भीड़ की मार
पिटाई के बीच युवक ने खुद को बचाने के लिए अपनी छोटी बच्ची को गोद में उठा लिया, शायद यह सोचकर कि बच्ची को देखकर भीड़ नरम पड़ जाएगी। मगर हुआ उलटा, बच्ची को गोद में लिए देखकर मौजूद लोग और ज्यादा भड़क गए और उन्होंने युवक की और पिटाई कर दी। इस पूरी घटना को वहां मौजूद कई लोगों ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया और बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया।
पकड़े जाने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई, उठे सवाल
मौके पर मौजूद आरपीएफ जवानों ने आरोपी युवक को भीड़ से छुड़ाकर GRP पुलिस के हवाले कर दिया था। लेकिन आरोप है कि GRP पुलिस ने युवक के खिलाफ न तो कोई तुरंत कानूनी कार्रवाई की और न ही उसे किसी तरह से रोका, बल्कि उसे बिना सबक सिखाए ही जाने दिया गया। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने सीधा सवाल उठाया कि अगर युवक सच में चोरी के आरोप में पकड़ा गया था तो उसके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई, और अगर वह निर्दोष था तो भीड़ द्वारा की गई मारपीट करने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। मामले की गंभीरता को भांपते हुए रेल पुलिस मुख्यालय ने पूरे प्रकरण की जांच के आदेश जारी कर दिए।
सब इंस्पेक्टर लाइन अटैच, SP बोले, दोषियों पर होगी कार्रवाई
प्रारंभिक जांच में पुलिस की तरफ से लापरवाही सामने आने के बाद GRP उपनिरीक्षक चेतन कोरोलिया को लाइन अटैच कर दिया गया है। साथ ही, पूरे घटनाक्रम की विभागीय जांच अब वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में की जा रही है। रेल एसपी अंकित जायसवाल ने बताया कि वायरल वीडियो में जो भी लोग नजर आ रहे हैं, उन सभी की पहचान की जा रही है और युवक के साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही यह भी जांचा जा रहा है कि घटना के वक्त ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने अपने दायित्वों का सही तरीके से निर्वहन किया या नहीं। रेलवे प्रशासन की तरफ से कहा गया है कि जांच पूरी होने के बाद जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे, उन सभी के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।













