नैनीताल की ट्रिप में अगर आप कुछ एडवेंचर वाला एक्सपीरियंस चाहते हैं तो पैराग्लाइडिंग से बेहतर कोई ऑप्शन नहीं है। दिलचस्प बात यह है कि नैनीताल शहर में खुद यह सुविधा नहीं मिलती, इसके लिए आपको नजदीक के भीमताल और नौकुचियाताल जाना होगा। यही दोनों जगहें कुमाऊं में एडवेंचर के शौकीनों का सबसे पसंदीदा ठिकाना बन चुकी हैं, जहां से हजारों फीट ऊंचाई पर उड़ते हुए झीलें, पहाड़ और हरे-भरे जंगल किसी सपने जैसे नजर आते हैं। हर साल देश ही नहीं विदेश से भी बड़ी तादाद में पर्यटक सिर्फ इस उड़ान के अनुभव के लिए यहां पहुंचते हैं।
नौकुचियाताल: कुमाऊं का सबसे पसंदीदा पैराग्लाइडिंग स्पॉट
समुद्र तल से लगभग 1,220 मीटर की ऊंचाई पर बसा नौकुचियाताल उत्तराखंड के सबसे लोकप्रिय पैराग्लाइडिंग डेस्टिनेशन में गिना जाता है। यहां से उड़ान भरते ही नीचे नौ कोनों वाली झील नजर आती है, साथ ही सीढ़ीदार खेत, घने जंगल और कुमाऊं की वादियां भी बेहद खूबसूरत दृश्य बनाती हैं। मौसम साफ हो तो यह नजारा और भी शानदार हो जाता है, यही वजह है कि एडवेंचर पसंद करने वाले पर्यटकों की पहली पसंद यही जगह बनती है।
पहली बार कर रहे हैं तो घबराने की जरूरत नहीं
अगर आपने पहले कभी पैराग्लाइडिंग नहीं की, तो भी फिक्र की कोई बात नहीं। यहां टैंडम पैराग्लाइडिंग कराई जाती है, यानी उड़ान के दौरान अनुभवी और प्रमाणित पायलट लगातार आपके साथ रहता है। टेकऑफ से लेकर लैंडिंग तक की पूरी जिम्मेदारी प्रशिक्षक की होती है, आपको बस उसके निर्देशों का पालन करना है। यानी बिना किसी पुराने अनुभव के भी कोई भी शख्स इस रोमांच का लुत्फ उठा सकता है।
उड़ान कितनी देर की होती है
नौकुचियाताल और भीमताल में उड़ान का समय मौसम और चुने गए पैकेज पर निर्भर करता है। सामान्य उड़ान 3 से 9 मिनट तक चलती है, जबकि हाई फ्लाई और लॉन्ग फ्लाई पैकेज में यह समय 10 से 30 मिनट या फिर 30 से 45 मिनट तक भी जा सकता है। जितनी लंबी उड़ान होगी, कुमाऊं की खूबसूरत वादियों का हवाई नजारा उतना ही शानदार दिखेगा।
टिकट का किराया कितना पड़ेगा
पैराग्लाइडिंग का शुल्क ऑपरेटर, उड़ान की अवधि और चुने गए पैकेज के हिसाब से तय होता है। सामान्य टैंडम उड़ान के लिए करीब ₹2,500 से ₹4,000 तक चुकाने पड़ते हैं। अगर आप लंबी उड़ान या वीडियो रिकॉर्डिंग जैसी सुविधा भी चाहते हैं तो इसके लिए अलग से शुल्क देना होता है। कई ऑपरेटर हाई फ्लाई पैकेज के साथ जीप सफारी जैसी अन्य सुविधाएं भी जोड़ कर देते हैं।
आसमान से दिखेगा यह नजारा
उड़ान के दौरान ऊपर से नौकुचियाताल, भीमताल, घने जंगल, सीढ़ीदार खेत और कुमाऊं की खूबसूरत वादियां साफ नजर आती हैं। मौसम अच्छा हो तो दूर हिमालय की पर्वत श्रृंखलाएं भी दिखाई पड़ती हैं। इसके अलावा उड़ान के दौरान रंग-बिरंगी तितलियां और कई दुर्लभ पक्षी भी दिख सकते हैं, जो इस पूरे अनुभव को और भी यादगार बना देते हैं।
कब जाएं, कौन सा सीजन रहेगा बेस्ट
पैराग्लाइडिंग के लिए मानसून को छोड़कर बाकी लगभग सभी मौसम अच्छे माने जाते हैं। अक्टूबर से जून के बीच का समय सबसे अनुकूल रहता है। मानसून के दौरान भारी बारिश और तेज हवाओं की वजह से उड़ान पूरी तरह मौसम पर निर्भर हो जाती है। वहीं सर्दियों में बर्फ से ढकी पहाड़ियों के ऊपर उड़ान भरना पर्यटकों के लिए बेहद खास अनुभव बन जाता है।
क्या पहनें और किन बातों का रखें ध्यान
पैराग्लाइडिंग के दौरान आरामदायक ट्रैक पैंट, मजबूत जूते पहनना बेहतर रहता है, वहीं ठंड के मौसम में गर्म कपड़े जरूर साथ रखें। धूप से बचने के लिए सनग्लास और ठंड से बचाव के लिए दस्ताने भी साथ रखना न भूलें। उड़ान से पहले प्रशिक्षक जो भी सुरक्षा निर्देश दे, उनका पूरी तरह पालन करें। अगर किसी को कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो उड़ान से पहले ही इसकी जानकारी प्रशिक्षक को दे देना जरूरी है।
वजन सीमा और सुरक्षा के इंतजाम
पैराग्लाइडिंग के लिए आमतौर पर 15 से 85 किलोग्राम तक की वजन सीमा तय की गई है। उड़ान से पहले हर पर्यटक को जरूरी सुरक्षा उपकरण पहनाए जाते हैं और मौसम पूरी तरह अनुकूल होने पर ही टेकऑफ कराया जाता है। अनुभवी पायलट का साथ इस एडवेंचर को सुरक्षित और रोमांचक दोनों बनाता है, इसलिए हमेशा अधिकृत ऑपरेटर के साथ ही पैराग्लाइडिंग करने की सलाह दी जाती है।
अगर नैनीताल घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो भीमताल या नौकुचियाताल की पैराग्लाइडिंग को अपनी लिस्ट में जरूर शामिल करें। बादलों के बीच उड़ान, नीचे फैली झीलें, हरे-भरे जंगल और हिमालयी वादियों का नजारा इस ट्रिप को हमेशा के लिए यादगार बना देगा। रोमांच, प्राकृतिक खूबसूरती और सुकून का यह कॉम्बिनेशन उत्तराखंड, खासतौर पर नैनीताल की आपकी यात्रा को और भी खास बना देगा।










