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जमुई-गिरिडीह का सफर अब 50 किमी छोटा: खैरा प्रखंड वाला यह जंगली रास्ता बचाएगा वक्त और दिखाएगा कुदरत के नजारेट्रैवल टिप्स
14 जून 2026, 6:05 am (136 दिन पहले)· 2

जमुई-गिरिडीह का सफर अब 50 किमी छोटा: खैरा प्रखंड वाला यह जंगली रास्ता बचाएगा वक्त और दिखाएगा कुदरत के नजारे

बिहार के जमुई से झारखंड के गिरिडीह, हजारीबाग और कोडरमा जाने के लिए चकाई के बजाय खैरा प्रखंड से गुजरने वाला रास्ता पकड़िए, जो करीब 50 किलोमीटर की दूरी घटा देता है और रास्ते भर खूबसूरत प्राकृतिक नजारे भी दिखाता है।

बिहार से झारखंड का रुख करने वाले ज्यादातर मुसाफिरों का सफर जमुई जिले से होकर ही गुजरता है। यहां से झारखंड पहुंचने के लिए परंपरागत रूप से एक ही रास्ता चलन में रहा है, जो जमुई से सोनो और चकाई होते हुए आगे बढ़ता है। आमतौर पर देवघर या जसीडीह जाने वाले लोग इसी रास्ते को चुनते हैं, और बंगाल की ओर निकलने वालों के लिए भी यही राह काम आती है। इतना ही नहीं, हजारीबाग, गिरिडीह, कोडरमा, गुमला, पतरातू और रांची तक पहुंचने के लिए भी लोग इसी सबसे प्रचलित मार्ग पर भरोसा करते आए हैं।

एक कम चर्चित, पर ज्यादा सुविधाजनक राह

लेकिन अगर आपकी मंजिल गिरिडीह, हजारीबाग, कोडरमा या गुमला जैसे जिले हैं, तो एक दूसरा रास्ता भी मौजूद है जो न सिर्फ आसान है बल्कि रास्ते भर कुदरत के मनमोहक नजारों से भी सजा हुआ है। यह राह जमुई जिले के खैरा प्रखंड से होकर निकलती है। खास बात यह है कि खैरा प्रखंड का एक बड़ा हिस्सा झारखंड के गिरिडीह जिले की सीमा से सटा हुआ है, इसलिए गिरिडीह, हजारीबाग या कोडरमा की दिशा में जाने वालों के लिए यह बेहद मुफीद बैठता है।

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जहां तीन जिलों की सीमाएं मिलती हैं

खैरा का गरही इलाका सीधे गिरिडीह जिले के तीसरी प्रखंड से लगता है। यही रास्ता नवादा की ओर भी जाता है, जिसका कौआकोल प्रखंड क्षेत्र इसका सीमावर्ती हिस्सा बनता है। दिलचस्प यह है कि जमुई, गिरिडीह और नवादा — ये तीनों जिले खैरा प्रखंड के बादिलडीह में आकर आपस में मिल जाते हैं। इसी मार्ग से होकर गुजरने पर मुसाफिर को करीब 50 किलोमीटर तक की दूरी की बचत हो जाती है।

कैसे पकड़ें यह रास्ता

गिरिडीह जाना हो तो पहले जमुई पहुंचिए। यहां से करीब 6 किलोमीटर दूर खैरा बाजार है, जहां से होकर आप आगे का सफर तय कर सकते हैं। बताते चलें कि पहले खैरा से चकाई जाने वाला रास्ता छोटी-बड़ी सभी गाड़ियों के लिए खुला रहता था, लेकिन वहां बने दो पुलों के क्षतिग्रस्त हो जाने के बाद अब लोगों को करीब 30 किलोमीटर अतिरिक्त लंबा चक्कर लगाना पड़ता है।

अगर आप पटना की तरफ से आ रहे हैं, तो सिकंदरा होते हुए जमुई पहुंचने के बजाय महादेव सिमरिया के रास्ते सीधे खैरा आ सकते हैं। इसके बाद बड़ीबाग, गरही और बादिलडीह होते हुए गिरिडीह, हजारीबाग और कोडरमा की राह पकड़ी जा सकती है। यहीं से नवादा और कौआकोल की ओर भी निकला जा सकता है।

सफर में बोरियत नहीं, रोमांच मिलेगा

यह पूरा मार्ग जंगलों के बीच से गुजरता है और यहां की सड़क की हालत भी काफी अच्छी है। हरियाली और प्राकृतिक दृश्यों से भरी इस राह पर सफर करते हुए आप एक पल को भी बोर नहीं होंगे, बल्कि आपकी पूरी यात्रा काफी रोमांचक बन जाएगी।

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