लोकप्रिय टेलीविजन धारावाहिक 'अनुपमा' में राही कपाड़िया का दमदार किरदार निभाकर दर्शकों के दिलों में अपनी एक अलग पहचान बनाने वाली अभिनेत्री अद्रिजा रॉय इन दिनों काफी चर्चा में हैं। अद्रिजा ने हाल ही में टीवी जगत के बदलते माहौल, किरदारों के चयन और कई बड़े प्रोजेक्ट्स को ठुकराने की अपनी वजहों पर खुलकर बात की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह केवल वही भूमिकाएं निभाना पसंद करती हैं जिनसे वह खुद को भावनात्मक रूप से जोड़ पाती हैं। वह किसी ऐसे प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं बनना चाहतीं जिसके प्रति उनका मन गवाही न दे, भले ही वह कितना भी बड़ा अवसर क्यों न हो।
टेलीविजन जगत में महिला किरदारों का बदलता स्वरूप
अद्रिजा रॉय का मानना है कि भारतीय टीवी इंडस्ट्री में अब रचनात्मक स्तर पर काफी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि पहले की तुलना में अब महिलाओं के लिए लिखे जाने वाले किरदारों में बहुत सुधार आया है। आज महिला कलाकारों को ऐसे किरदार मिल रहे हैं जो न केवल कहानी को आगे बढ़ाते हैं बल्कि दर्शकों पर अपनी गहरी छाप भी छोड़ते हैं। अद्रिजा कहती हैं कि सबसे अच्छी बात यह है कि दर्शक अब महिला केंद्रित कहानियों को खुले दिल से स्वीकार कर रहे हैं और उन्हें खूब प्यार दे रहे हैं। यह बदलाव पूरी मनोरंजन इंडस्ट्री के लिए एक बेहद सकारात्मक संकेत है, जो नए कलाकारों और लेखकों को लीक से हटकर सोचने के लिए प्रेरित करता है।
टाइपकास्ट होने का खतरा और अद्रिजा का नजरिया
अक्सर देखा गया है कि जब टीवी पर कोई किरदार बहुत लोकप्रिय हो जाता है, तो उस कलाकार को भविष्य में भी वैसे ही रोल ऑफर होने लगते हैं। अद्रिजा से जब इस 'टाइपकास्ट' होने के खतरे के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही व्यावहारिक जवाब दिया। उन्होंने कहा कि जब कोई किरदार दर्शकों को पसंद आता है, तो लोग कलाकार को उसी रूप में देखना चाहते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि उस कलाकार ने उस भूमिका को पूरी ईमानदारी और खूबी से निभाया है। वह इसके लिए किसी निर्माता या दर्शक को दोष नहीं देती हैं। लेकिन एक कलाकार के तौर पर वह खुद को किसी एक दायरे में बांधकर नहीं रखना चाहतीं। वह चाहती हैं कि वह हर बार कुछ ऐसा काम करें जो न केवल दर्शकों को बल्कि उन्हें खुद को भी चौंका दे। अद्रिजा के अनुसार, वह एक ही तरह की भूमिकाएं बार-बार करके अपनी कला को सीमित नहीं करना चाहतीं, बल्कि हर नए रोल को सीखने का एक जरिया मानती हैं।
प्रोजेक्ट्स को चुनने और ठुकराने के पीछे का गणित
एक कलाकार के रूप में सही फैसले लेना कभी भी आसान नहीं होता। अद्रिजा ने बताया कि हर अभिनेता चाहता है कि उसके पास चुनने के लिए किरदारों की एक लंबी सूची हो, लेकिन असल जिंदगी में इंडस्ट्री हमेशा इस तरह से काम नहीं करती है। कई बार ऐसा होता है कि किसी बेहद प्रतिष्ठित प्रोडक्शन हाउस से आपको किसी भूमिका का प्रस्ताव मिलता है, लेकिन वह भूमिका शायद आपकी पहली पसंद न हो। ऐसे समय में केवल अपने किरदार को देखने के बजाय पूरी तस्वीर को समझना महत्वपूर्ण हो जाता है। अभिनेत्री का कहना है कि हमें देखना पड़ता है कि शो की कहानी क्या है, उसके पीछे की टीम कैसी है और वह विशेष किरदार पूरी कहानी में क्या योगदान दे रहा है। ऐसे फैसलों के लिए कोई निश्चित नियम या सही-गलत का पैमाना नहीं होता है, बल्कि हर कलाकार को अपनी प्राथमिकताओं के आधार पर ही निर्णय लेना पड़ता है।
भावनाओं से समझौता न करने की जिद और शो का नया मोड़
अद्रिजा रॉय ने इस बात का भी खुलासा किया कि उन्होंने अपने करियर में कई ऐसे प्रोजेक्ट्स को साफ तौर पर मना कर दिया है जिनसे वह खुद को अंदरूनी तौर पर नहीं जोड़ पा रही थीं। उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट्स को अस्वीकार करने का मतलब यह नहीं था कि वे शोज या कहानियां खराब थीं, बल्कि केवल यह था कि वह उस किरदार के साथ खुद को सहज महसूस नहीं कर पा रही थीं। उनका मानना है कि यदि किसी भूमिका पर आपको स्वयं अटूट विश्वास न हो, तो उस किरदार के साथ न्याय करना लगभग असंभव हो जाता है। वह जल्दबाजी में कोई भी काम करने के बजाय इंतजार करना और केवल उसी प्रोजेक्ट के लिए हामी बढ़ना पसंद करेंगी जो उन्हें काम करने के लिए उत्साहित करे।
गौरतलब है कि अद्रिजा का यह पेशेवर नजरिया उनके ऑन-स्क्रीन प्रदर्शन में भी साफ झलकता है। हाल ही में शो 'अनुपमा' की कहानी में आए 10 जुलाई के अपडेट्स के दौरान दर्शकों ने देखा कि कैसे अनुपमा की वजह से राही और प्रेम का रिश्ता एक नाजुक मोड़ पर पहुंच गया है। कहानी के इस नए मोड़ ने दर्शकों के बीच काफी उत्सुकता पैदा की है, और अद्रिजा का शानदार अभिनय इस शो को लगातार मजबूत बनाए रखने में मदद कर रहा है। वह अपनी कला के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं और उनका यही समर्पण उन्हें टीवी की सबसे पसंदीदा अभिनेत्रियों में से एक बनाता है।











