रोमांच और स्टंट्स से भरपूर रियलिटी शो खतरों के खिलाड़ी 15 का समापन एक बेहद कड़े मुकाबले के साथ हुआ, जिसमें अभिनेता अविनाश मिश्रा ने जीत दर्ज की। अंतिम पड़ाव तक पहुंचे टेलीविजन स्टार ऋत्विक धनजानी इस सीजन में उपविजेता रहे। फाइनल स्टंट में दोनों दावेदारों के प्रदर्शन में समय का अंतर बेहद मामूली था, लेकिन अंततः ट्रॉफी अविनाश के खाते में गई। इस नतीजे के बाद ऋत्विक धनजानी ने अपने पूरे सफर और अविनाश की खिताबी जीत पर दिल खोलकर बात की है।
फिनाले में महज कुछ सेकंड का फैसला
खतरों के खिलाड़ी 15 के अंतिम टास्क में दोनों प्रतियोगियों ने जीत के लिए पूरा दमखम लगा दिया था। पूरे सीजन में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले ऋत्विक और अविनाश के बीच यह मुकाबला इतना करीबी था कि समय का अंतर केवल 5 से 8 सेकंड का रहा। इतने कम फासले से खिताब से चूकने के बावजूद ऋत्विक के चेहरे पर निराशा की जगह संतोष दिखा। उनका मानना है कि टॉप दो में पहुंचना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है और उन्होंने अपनी पूरी ऊर्जा के साथ खेल को अंजाम दिया।
डर का सामना और मानसिक मजबूती
शो में अपने अनुभवों को साझा करते हुए ऋत्विक धनजानी ने स्पष्ट किया कि इस मंच पर आना हमेशा अपनी सीमाओं को परखने जैसा रहा है। उन्होंने बताया कि हर स्टंट में उन चीजों का सामना करना पड़ा जिससे उन्हें डर लगता था। उनके मुताबिक यह रियलिटी शो केवल शारीरिक ताकत का इम्तिहान नहीं है, बल्कि यहां मानसिक दृढ़ता की भी कड़ी परीक्षा होती है। हर टास्क के दौरान दिमाग को शांत रखना और शारीरिक संतुलन बनाए रखना ही सबसे बड़ी चुनौती साबित होता है।
अविनाश मिश्रा की जीत पर जताई खुशी
प्रतिद्वंद्वी अविनाश मिश्रा के प्रदर्शन की सराहना करते हुए ऋत्विक ने कहा कि उनके साथ फाइनल मुकाबला करना बेहद रोमांचक अनुभव था। ऋत्विक ने कहा,
अविनाश जबरदस्त कंटेस्टेंट है। मुझे उनके साथ मुकाबला करके मजा आया।उन्होंने आगे कहा कि समय का फासला केवल चंद सेकंड का था, लेकिन इस बार जीत के वास्तविक हकदार अविनाश ही थे और वह उनकी इस सफलता से बेहद खुश हैं।
एक दशक पुराना जुड़ाव और घर जैसा माहौल
ऋत्विक धनजानी ने इस स्टंट आधारित फ्रेंचाइजी के साथ अपने लंबे रिश्ते पर भी रोशनी डाली। उन्होंने बताया कि वह पिछले करीब एक दशक से इस मंच से जुड़े हुए हैं और इसे अपने परिवार या घर की तरह मानते हैं। इतने वर्षों के बाद भी खुद को शारीरिक और मानसिक स्तर पर चुनौती दे पाना और शीर्ष स्तर पर टिके रहना उनके लिए गर्व का विषय है। ट्रॉफी भले ही हाथ न आई हो, लेकिन दर्शकों का प्यार और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन उनके लिए सबसे बड़ा पुरस्कार रहा।



















