पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बीजेपी कार्यकर्ता सुजीत मंडल हत्याकांड के मुख्य आरोपी का एनकाउंटर, अस्पताल में मौतपश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना में नाबालिग से दुष्कर्म और ब्लैकमेल का मामला, बागुईआटी थाने में शिकायत दर्जराशिफल 29 अक्टूबर: उच्च के चंद्रमा के प्रभाव से 8 राशियों की बदलेगी किस्मत, हर तरफ से मिलेंगे लाभ के संकेतबिक्रम सिंह मजीठिया की कानूनी मुश्किलें गहरी, आय से अधिक संपत्ति मामले में दाखिल हुई सप्लीमेंट्री चार्जशीटसीवर और सेप्टिक टैंक सफाई के दौरान जान गंवाने वालों के परिजनों को मिलेगा 30 लाख मुआवजा, सुप्रीम कोर्ट का सख्त निर्देशमूलांक 4 दैनिक अंकज्योतिष 29 अक्टूबर: डिजिटल लेन-देन में बरतें सावधानी, जल्दबाजी से बचेंमुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के लिए धारा 18 बनी ढाल, सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग ने रखा अपना पक्षचार राज्यों के विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस को करारा झटका, बीजेपी और सपा का दबदबाअमेरिकी मध्यावधि चुनावों में एलन मस्क का बड़ा दांव, झोंके 7.6 करोड़ डॉलरमूलांक 2 राशिफल 29 अक्टूबर 2026: दिल की बातों और पैसों के लेन-देन में बरतें सावधानी
आगरा में रूबी ने पति को ढूंढने का 45 दिन तक किया नाटक, बाथरूम से मिला कंकालउत्तर प्रदेश
4 जुल॰ 2026, 7:31 am (117 दिन पहले)· 3

आगरा में रूबी ने पति को ढूंढने का 45 दिन तक किया नाटक, बाथरूम से मिला कंकाल

आगरा के सिकंदरा में एक महिला ने अपने पति की हत्या कर शव को घर के बाथरूम में दफना दिया और 45 दिनों तक पुलिस के साथ मिलकर उसे ढूंढने का नाटक करती रही, आखिरकार पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

आगरा के सिकंदरा इलाके में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे शहर को हिला कर रख दिया। रूबी नाम की महिला अपने पति सुरेंद्र को मरा हुआ जानते हुए भी करीब 45 दिनों तक पुलिस के साथ मिलकर उसे जिंदा ढूंढने का नाटक करती रही, जबकि हकीकत में उसने ही पति की हत्या कर उसकी लाश घर के बाथरूम में दफना दी थी।

18 मई को दर्ज हुई थी गुमशुदगी की शिकायत

यह मामला सिकंदरा स्थित प्राची टावर चौकी क्षेत्र की रुनकता धाम कॉलोनी का है। 18 मई को रूबी थाने पहुंची और शिकायत दी कि उसका पति सुरेंद्र कई दिनों से घर नहीं लौटा है। पुलिस ने तुरंत तलाश शुरू कर दी। इस दौरान रूबी भी दिन-रात पुलिस के साथ मौजूद रहकर पति को खोजने का स्वांग रचती रही, जबकि सच्चाई कुछ और ही थी।

ये भी पढ़ें

45 दिन बाद पूछताछ में खुला राज

करीब 45 दिन गुजरने के बाद जब घरवालों ने रूबी से गहराई से पूछताछ की, तो उसका झूठ का यह जाल टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसने पति को खीर में नींद की गोलियां मिलाकर खिला दी थीं, जिससे उसकी मौत हो गई।

शव को कैसे ठिकाने लगाया

रूबी के मुताबिक, सुरेंद्र की मौत के वक्त उसका शव पलंग पर पड़ा था। उसी दौरान सास और दोनों बेटियां वायु विहार में जेठ के घर गई हुई थीं। रूबी ने 400 रुपये देकर मिट्टी मंगवाई और घर के बाथरूम का फर्श तोड़ डाला। इसके बाद उसने शव को घसीटते हुए बाथरूम तक पहुंचाया और उसे वहीं लिटा दिया। शव के ऊपर पहले नमक डाला गया और फिर मिट्टी भरकर उसे समतल कर दिया गया। 19 जून को उसने एक मिस्त्री को बुलाकर फर्श पर प्लास्टर करवा दिया, जो एक ही दिन में सूख गया। इसके बाद रूबी खुद जेठ के घर चली गई और वहां जाकर यह नाटक किया कि सुरेंद्र चार दिन से घर नहीं लौटे हैं।

पुलिस को शक, अकेले नहीं दिया वारदात को अंजाम

पुलिस को रूबी की खीर वाली बात पर तो भरोसा हो रहा है, लेकिन सवाल यह है कि इतनी भारी लाश को अकेले ठिकाने लगाना उसके लिए संभव था या नहीं, जांच इसी सवाल पर अटकी हुई है। घर का बाथरूम करीब दस फीट लंबा और साढ़े चार फीट चौड़ा है। इसी के फर्श के नीचे से पुलिस ने सुरेंद्र कुमार शर्मा का कंकाल बरामद किया। पुलिस मान रही है कि नींद की गोलियां खिलाकर हत्या रूबी अकेले कर सकती है, लेकिन भारी शव को खींचकर बाथरूम तक ले जाना और फर्श तोड़कर उसे दफनाना अकेले करना मुश्किल लगता है। यही वजह है कि पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरी वारदात में रूबी के अलावा और कौन-कौन शामिल था।

सवाल-जवाब

आगरा की इस घटना में मुख्य आरोपी कौन है?
मुख्य आरोपी सुरेंद्र की पत्नी रूबी है, जिसने खुद अपना जुर्म कबूल किया है।
रूबी ने पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत कब दर्ज कराई थी?
रूबी ने 18 मई को थाने पहुंचकर शिकायत दी थी कि उसका पति सुरेंद्र कई दिनों से लापता है।
पति सुरेंद्र की मौत कैसे हुई?
रूबी ने खीर में नींद की गोलियां मिलाकर सुरेंद्र को खिला दीं, जिससे उसकी मौत हो गई।
शव को कहां छिपाया गया था?
शव को घर के बाथरूम के फर्श के नीचे दफना दिया गया था, फर्श तोड़कर मिट्टी और नमक डालकर उसे समतल किया गया था।
बाथरूम का फर्श कब प्लास्टर किया गया था?
19 जून को मिस्त्री को बुलाकर फर्श पर प्लास्टर करवाया गया था, जो एक ही दिन में सूख गया।
राज कैसे और कब खुला?
करीब 45 दिन बाद परिजनों ने रूबी से पूछताछ की, जिसके बाद उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
क्या पुलिस मानती है कि रूबी ने अकेले वारदात को अंजाम दिया?
पुलिस को शक है कि इतनी भारी लाश अकेले ठिकाने लगाना संभव नहीं था, इसलिए वह अन्य संभावित शामिल लोगों की तलाश कर रही है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp