वर्तमान समय में रोजगार, व्यापार और उच्च शिक्षा के सिलसिले में अनगिनत लोग अपने पैतृक निवासों से दूर अन्य शहरों में किराए के आशियानों में जीवन बिताते हैं। किराए के इन मकानों में लंबे समय तक रहने पर कई बार लोगों के मन में अजीब सी बेचैनी या नकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होने लगता है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए वास्तु शास्त्र में कुछ बेहद सरल और प्रभावी उपाय बताए गए हैं, जिन्हें अपनाने के लिए आपको मकान में किसी भी तरह की तोड़-फोड़ करने या सामान की जगह बदलने की कोई आवश्यकता नहीं पड़ती है। इन आसान तरीकों से आप किराए के घर में भी सुखद और सकारात्मक माहौल का अनुभव कर सकते हैं।
मुख्य द्वार की स्वच्छता और सजावट
वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य प्रवेश द्वार को बहुत अधिक महत्वपूर्ण दर्जा दिया गया है। यदि आप किसी किराए के मकान में निवास कर रहे हैं, तो हमेशा इस बात का विशेष ध्यान रखें कि आपका मुख्य द्वार पूरी तरह साफ-सुथरा रहे और उस पर पवित्र स्वास्तिक का चिह्न अवश्य अंकित किया जाना चाहिए। किसी भी व्रत, पर्व या विशेष त्योहारी अवसरों पर प्रवेश द्वार के दोनों तरफ सरसों के तेल या घी का दीपक अवश्य प्रज्वलित करना चाहिए। वास्तु जानकारों के अनुसार इस तरह के छोटे-छोटे उपाय करने से आपके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का निरंतर प्रवाह बना रहता है और घर की सुख-शांति में वृद्धि होती है।
नमक और फिटकरी के प्रयोग से हटाएं नकारात्मकता
किराए के आशियाने में रहते हुए यदि आपको अपने आसपास किसी भी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा का अहसास होता है, तो आपको नियमित रूप से अपने घर में पोंछा लगाते समय पानी में थोड़ा सा नमक जरूर मिलाना चाहिए। ऐसा लगातार करने से घर की सारी नकारात्मकता धीरे-धीरे स्वतः ही समाप्त होने लगती है। इसके अलावा आप घर के किसी शांत कोने में कांच की एक छोटी कटोरी में फिटकरी के कुछ टुकड़े रख सकते हैं और उसमें भी थोड़ा सा नमक मिला सकते हैं। इस कटोरी में रखे हुए नमक और फिटकरी को आपको हर पंद्रह दिन के अंतराल पर अनिवार्य रूप से बदलते रहना चाहिए।
पूजा घर और ईशान कोण को रखें हमेशा साफ
हिन्दू वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा को सभी देवी-देवताओं का मुख्य निवास स्थान माना जाता है, जबकि पूजा घर वह पवित्र स्थल होता है जहां आप अपने आराध्य देवी-देवताओं की स्थापना करते हैं। ऐसी स्थिति में यह अत्यंत आवश्यक हो जाता है कि आप ईशान कोण और अपने पूजा स्थल को हमेशा पूरी तरह स्वच्छ और पवित्र बनाकर रखें। अगर आप प्रतिदिन इनकी सफाई करने में असमर्थ हैं, तो कम से कम एक दिन छोड़कर नियमित अंतराल पर सफाई जरूर करें। ऐसा करने से घर का गंभीर वास्तु दोष दूर होता है और समस्त देवी-देवताओं की असीम कृपा आप और आपके परिवार पर हमेशा बरसती रहती है।
दीवारों के रंगों और पर्दों का रखें सही चुनाव
वास्तु के नियमों के अनुसार हमारे आसपास उपयोग होने वाले रंगों का भी हमारे मानसिक और शारीरिक जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। यदि आप किराए के घर में रह रहे हैं और आप दीवारों का रंग अपनी पसंद से चुन रहे हैं, तो कभी भी बहुत अधिक गहरे या डार्क रंगों का पेंट नहीं करवाना चाहिए। दीवारों पर डार्क कलर करवाने से आप अनजाने में मानसिक तनाव और चिंता का शिकार हो सकते हैं। घर की दीवारों पर हमेशा हल्का पीला, साफ सफेद या क्रीम कलर करवाना सबसे उत्तम माना जाता है। इसके साथ ही घर की खिड़कियों और दरवाजों पर हल्के रंगों के पर्दों का इस्तेमाल करना भी माहौल को सकारात्मक बनाए रखने में बहुत मददगार साबित होता है। यदि आप किसी वित्तीय संकट या पैसों की भारी तंगी से जूझ रहे हैं और पैसा आपके हाथ में नहीं टिकता तो वास्तु के कुछ उपाय करके आप अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार ला सकते हैं। इस विषय पर आप हमारी वेबसाइट पर अन्य लेख भी विस्तार से पढ़ सकते हैं।



















