पाकिस्तान के शारजाह से कराची के रास्ते में एक निजी कार्गो विमान लापता होने के बाद अरब सागर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। 12 घंटे से अधिक समय तक चले गहन खोजबीन अभियान के बाद, पाकिस्तान के दक्षिणी तट के निकट समुद्र से विमान का मलबा बरामद कर लिया गया है। के2 एयरवेज का यह बोइंग 737 कार्गो विमान मंगलवार शाम अपनी उड़ान पर था, तभी यह अचानक रडार से ओझल हो गया। विमान पर सवार चालक दल के पांच सदस्यों का वर्तमान में कोई अता-पता नहीं है और उनकी तलाश के लिए प्रयास जारी हैं।
विमान का मलबा और खोज अभियान
पाकिस्तान विमानपत्तन प्राधिकरण यानी PAA के अनुसार, घटना की सूचना मिलने के तुरंत बाद पाकिस्तान नौसेना, पाकिस्तान मैरिटाइम सिक्योरिटी एजेंसी, विभिन्न सैन्य विमानों और क्षेत्र से गुजरने वाले व्यापारी जहाजों ने मिलकर तलाशी अभियान शुरू किया। ओर्मारा कस्बे के पास समुद्र में मलबे के मिलने की पुष्टि की गई है। PAA ने बचाव कार्य की तस्वीरें साझा की हैं, जिनमें बचाव दल समुद्र से मलबे के टुकड़े निकालकर बड़े जहाजों पर रखते हुए दिखाई दे रहे हैं। इनमें विमान के धड़ के कुछ हिस्से भी शामिल हैं, जिन पर स्पष्ट रूप से लाल और सफेद रंग में K2 Air लिखा हुआ देखा जा सकता है।
आखिरी तीन मिनट का रहस्य
प्राधिकरण की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, विमान कराची की ओर बढ़ रहा था जब पायलट ने नेविगेशन सिस्टम में तकनीकी खराबी के संकेत दिए। एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने पायलटों को दिशा-निर्देश दिए थे, लेकिन रात 9.21 बजे स्थिति बिगड़ गई। रडार स्क्रीन पर विमान अचानक बहुत तेजी से ऊंचाई खोते और अपनी दिशा बदलते हुए दिखाई दिया। कराची से करीब 155 समुद्री मील पश्चिम में विमान का संपर्क पूरी तरह कट गया। फ्लाइटरडार24 के डेटा का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि विमान पहले नीचे आया, फिर थोड़ी ऊंचाई हासिल की, लेकिन इसके तुरंत बाद एक और बार अचानक गोता खाते हुए रडार की सीमा से बाहर हो गया।
प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया
घटना की जानकारी मिलने के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने गहरा शोक व्यक्त किया। मलबे के मिलने से पूर्व ही उन्होंने इसे एक अत्यंत दुखद घटना करार दिया था और लापता चालक दल के सदस्यों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की थीं।
विमान का इतिहास और सुरक्षा चिंताएं
एयरफ्लीट्स डॉट नेट के डेटाबेस के मुताबिक, यह दुर्घटनाग्रस्त बोइंग 737 विमान 1999 में निर्मित हुआ था। अपनी शुरुआती सेवा के वर्षों में यह एयरोफ्लोट और गरुड़ा इंडोनेशिया के यात्री विमान के बेड़े का हिस्सा रहा था। वर्ष 2012 में इस विमान को पूरी तरह से कार्गो सेवा के लिए परिवर्तित किया गया था। K2 एयरवेज पाकिस्तान की एक निजी कंपनी है जो घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्गो संचालन करती है।
इस हादसे ने एक बार फिर पाकिस्तान की एविएशन सुरक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीते दशक में देश में कई बड़े विमान हादसे हुए हैं। 2020 में कराची में हुए पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस यानी PIA के विमान हादसे में 97 लोगों की जान चली गई थी। पायलट लाइसेंसिंग और सुरक्षा मानकों को लेकर उठे विवादों के चलते यूरोपीय संघ ने पाकिस्तान की राष्ट्रीय एयरलाइन पर चार साल का प्रतिबंध लगाया था, जिसे 2024 में ही हटाया गया था।











