एचडीएफसी बैंक को लगेगा बड़ा झटका, उप प्रबंध निदेशक कैजाद भरूचा इस तारीख को छोड़ेंगे पदकांग्रेस को मिली 1 नवंबर को रामलीला मैदान में रैली की मंजूरी, दिल्ली पुलिस ने जारी किया NOCत्योहारों के मौसम में भी देहरादून के सर्राफा बाजार में सुस्ती, सोने-चांदी से क्यों दूर हो रहे हैं ग्राहकअमेज़न वर्षावन में पेड़ों की कटाई रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंची, ब्राजील में चुनावी रण से पहले बड़ा बदलावशारदीय नवरात्र 2026 में कन्या पूजन की सही तिथि और जरूरी नियम, जानिए किस दिन करें कंजकजयपुर पुलिस का बड़ा एक्शन, 18.60 करोड़ की ठगी करने वाले 21 अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरफ्तारछहगढ़ की माटी का कमाल, मल्हार की महिला किसान दिव्या देवी वर्मा को मिला राष्ट्रीय सम्मानफरीदाबाद में बेमौसम बारिश से टूटे रावण बनाने वाले कारीगरों के सपने, हजारों का नुकसानउत्तर भाद्रपद में शनि के 114 दिन के गोचर से वृषभ, मिथुन, तुला, मकर और कुंभ राशि को धन और करियर में बड़ा लाभजंतर-मंतर हिंसा की जांच तेज, सुप्रीम कोर्ट की कमेटी ने शुरू किया विशेष पोर्टल और सुरक्षा का भरोसा
अमेरिका की सैन्य कार्रवाई का ईरान ने दिया जवाब, कुवैत और बहरीन में मिसाइलें बरसाईंएशिया
9 जुल॰ 2026, 11:13 am (100 दिन पहले)· 3

अमेरिका की सैन्य कार्रवाई का ईरान ने दिया जवाब, कुवैत और बहरीन में मिसाइलें बरसाईं

ईरान ने अमेरिका द्वारा किए गए हमलों का बदला लेने का दावा करते हुए कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने फिर से आक्रामकता दिखाई तो और बड़े हमले किए जाएंगे।

तेहरान में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों पर जवाबी हमला करने का आधिकारिक दावा किया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की एयरोस्पेस फोर्स ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि उन्होंने कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी ठिकानों को अपनी मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया है। यह कार्रवाई हाल ही में ईरान की धरती पर किए गए अमेरिकी हमलों के जवाब में की गई है। IRGC के अनुसार, इस हमले में कुवैत के अरिफजान और अली अल सलेम एयर बेस को निशाना बनाया गया, जबकि बहरीन में जुफैर और शेख ईसा एयर बेस को निशाना बनाकर हमले किए गए।

हमले के पीछे के कारण और IRGC का पक्ष

ईरान ने जोर देकर कहा है कि यह एक सुनियोजित जवाबी सैन्य कार्रवाई थी, जिसे उनकी नेवी और एयरोस्पेस यूनिट्स ने मिलकर अंजाम दिया। इस हमले का मुख्य कारण अमेरिका द्वारा की गई वे सैन्य गतिविधियां हैं, जिन्हें ईरान ने अपनी संप्रभुता का स्पष्ट उल्लंघन करार दिया है। IRGC का मानना है कि अमेरिका ने उन अंतरराष्ट्रीय समझौतों और वादों को तोड़ा है, जो वैश्विक सुरक्षा के लिए अनिवार्य थे। ईरान ने अमेरिका के पिछले कदमों को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए चेतावनी दी है कि ऐसी हरकतें दुनिया भर में विरोध को और भड़काएंगी।

ये भी पढ़ें

ईरान में अमेरिका ने किन ठिकानों को बनाया निशाना

IRGC द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान के दक्षिणी तटीय प्रांतों में व्यापक बमबारी की थी। इसके अलावा, देश के पूर्वी इलाकों में मशहद शहर की ओर जाने वाले दो महत्वपूर्ण पुलों को भी निशाना बनाया गया। ईरान ने इस बात पर विशेष नाराजगी जताई है कि ये हमले ऐसे संवेदनशील समय पर किए गए जब देश में अयातुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे थे। ईरान इस पूरे अमेरिकी कदम को एक जघन्य कृत्य मानता है।

अमेरिका को और भी बड़े हमलों की चेतावनी

ईरान के सुरक्षा बलों ने अमेरिका को भविष्य के लिए सख्त चेतावनी दी है। IRGC ने स्पष्ट किया है कि यदि अमेरिका अपनी आक्रामक नीतियों को जारी रखता है, तो ईरान की जवाबी प्रतिक्रिया का दायरा और भी अधिक व्यापक होगा। बयान में कहा गया है कि इस्लामी योद्धा अमेरिका की किसी भी आक्रामकता को चुपचाप स्वीकार नहीं करेंगे। भविष्य में यदि अमेरिका ने दोबारा हमला किया, तो इस क्षेत्र में मौजूद सभी अन्य अमेरिकी ठिकाने भी निशाने पर होंगे।

अमेरिकी नौसेना के मुख्यालय तक पहुंचा हमले का असर

ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB ने दावा किया है कि इस जवाबी हमले की आंच बहरीन में स्थित अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े (US Fifth Fleet) के मुख्यालय तक भी पहुंची है। IRIB के अनुसार, ईरान के बुशहर शहर से इन बैलिस्टिक मिसाइलों को लॉन्च किया गया था, जो अमेरिका द्वारा उसी क्षेत्र पर किए गए हमलों का तुरंत प्रभाव था। वहीं, कुवैत की सेना ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अपनी वायु रक्षा प्रणालियों को सक्रिय कर दिया है, जो आने वाले ड्रोन और मिसाइलों को रोकने का निरंतर प्रयास कर रही हैं।

सवाल-जवाब

ईरान ने किन ठिकानों पर हमला किया?
ईरान ने कुवैत के अरिफजान और अली अल सलेम एयर बेस तथा बहरीन के जुफैर और शेख ईसा एयर बेस पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया।
इस जवाबी हमले के पीछे क्या कारण है?
ईरान के अनुसार, यह कार्रवाई अमेरिका द्वारा ईरानी तटीय प्रांतों और मशहद के पास किए गए हमलों के जवाब में की गई है, जिन्हें वे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन मानते हैं।
क्या अमेरिका ने ईरान के किसी क्षेत्र को निशाना बनाया था?
जी हां, IRGC का आरोप है कि अमेरिका ने ईरान के दक्षिणी तटीय प्रांतों और मशहद शहर के दो पुलों पर हमला किया था।
ईरान ने क्या चेतावनी दी है?
ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने दोबारा हमला किया तो वे और भी बड़े स्तर पर जवाबी कार्रवाई करेंगे और क्षेत्र के अन्य अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाएंगे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp