ईरान के मौजूदा सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई अपने पिता और पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होंगे। भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि आयतुल्ला हाकिम इलाही ने यह जानकारी दी है। उनके मुताबिक, इजरायल की तरफ से लगातार मिल रही धमकियों और निगरानी के खतरे के चलते मोजतबा खामेनेई का सार्वजनिक तौर पर अंतिम संस्कार समारोह में पहुंचना सुरक्षित नहीं समझा गया, इसी वजह से उन्होंने इस समारोह से दूरी बनाने का फैसला किया है, हालांकि तेहरान, वॉशिंगटन और तेल अवीव के बीच तनाव अभी भी काफी ज्यादा बना हुआ है।
अरागची की अमेरिका को दो टूक चेतावनी
इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने बुधवार को अमेरिका को सख्त लहजे में चेतावनी दी। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से सीधे कहा कि वह इजरायल पर लगाम कसें। दरअसल यह बयान तब आया जब इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने कह दिया कि ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई निशाने पर हैं। अरागची ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि इस्लामाबाद एमओयू की शर्तें पूरी तरह स्पष्ट हैं और सबके सामने हैं। उन्होंने आगे लिखा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने अमेरिका की तरफ से तेल अवीव में अपने सहयोगियों को नियंत्रित रखने की प्रतिबद्धता जताई थी, और अगर वे इस बात को नहीं मानते तो ईरान उन्हें सबक सिखाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी साफ किया कि उनके लोगों और नेतृत्व के खिलाफ किसी भी तरह की धमकी का जवाब तुरंत और कड़े अंदाज में दिया जाएगा।
काट्ज बोले, मोजतबा 'मौत के निशाने पर'
अरागची ने अपने पोस्ट में इजरायल काट्ज के बयान का हवाला भी दिया। काट्ज ने सोमवार को कहा था कि ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई मौत के निशाने पर हैं। इतना ही नहीं, काट्ज ने ईरानी पक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि बातचीत के दौरान रियायतें हासिल करने की कोशिश में लगे ईरानी लोग बड़े 'अच्छे व्यापारी' हैं। उन्होंने यह भी दोहराया कि इजरायल किसी भी सूरत में ईरान को परमाणु हथियार बनाने की इजाजत नहीं देगा, चाहे इसके लिए कोई समझौता ही क्यों न करना पड़े। उनके शब्दों में, अगर यह किसी समझौते के जरिए हो जाए तो और भी बेहतर होगा।
अरागची और काट्ज के बीच हुई इस बयानबाजी का समय भी अहम है, क्योंकि दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत उस युद्ध के बाद आगे तनाव न बढ़े, इसी कोशिश के तहत चल रही है, जो हाल ही में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच हुआ था।
दोहा में बातचीत जारी रखने पर बनी सहमति
इस पूरे घटनाक्रम से पहले 1 जुलाई को कतर और पाकिस्तान ने दोहा में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग दौर की बैठकें कीं। इन बैठकों में 14 सूत्रीय एमओयू से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक प्रगति की जानकारी सामने आई। कतर के प्रधानमंत्री के सलाहकार और विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता माजिद अल अंसारी ने एक्स पर बताया कि सभी पक्षों ने बातचीत को आगे जारी रखने पर सहमति जताई है। उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व ईरानी सर्वोच्च नेता के अंतिम संस्कार से जुड़ी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद अगली बैठक की तारीख जल्द तय की जाएगी।
4 से 9 जुलाई तक ईरान और इराक में शोक कार्यक्रम
ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम 4 जुलाई से 9 जुलाई के बीच ईरान और इराक के अलग-अलग शहरों में आयोजित किए जाएंगे। अली खामेनेई की मौत 28 फरवरी को हुई थी, जब अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी जंग के पहले ही दिन एक हवाई हमले में उनकी जान चली गई थी। शोक अवधि और कूटनीतिक बातचीत का यह ओवरलैप बताता है कि दोहा वार्ता की अगली दिशा भी काफी हद तक अंतिम संस्कार के बाद के दिनों में होने वाली घटनाओं पर निर्भर करेगी।











